Lok Sabha Election 2024 : दमोह लोकसभा सीट पर चुनाव दिलचस्प , 2 दोस्तों के बीच होगा मुकाबला
Sandeep Kumar | Apr 02, 2024, 12:08 IST
राहुल सिंह लोधी और तरवर सिंह लोधी
लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश की दमोह लोकसभा सीट पर चुनाव इस बार सबसे खास होने जा रहा है। अबकी बार इस सीट से दो दोस्त आमने-सामने से चुनावी मैदान में हैं। आइए जानते हैं इस कहानी को...
BHOPAL. राजनीति में ना दोस्त, दोस्त रहता है और ना ही भाई, भाई। अब दमोह लोकसभा सीट ( Damoh Lok Sabha seat ) पर ही देख लीजिए। बीजेपी ने पूर्व विधायक राहुल सिंह लोधी ( Rahul Singh Lodhi ) को टिकट दिया तो कांग्रेस ने तरवर सिंह लोधी (Tarwar Singh Lodhi ) को। दोनों बहुत अच्छे दोस्त होने के साथ ही कुछ दिनों तक एक साथ में एक ही पार्टी से विधायक भी रहे हैं। अब हालात अलग हो गए हैं। दोनों लोकसभा की सीट जीतने की खातिर एक-दूसरे से मुकाबला करते दिखेंगे।
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दोनों ही नेता आपस में काफी अच्छे दोस्त माने जाते हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में दोनों ही एक साथ विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे। तरवर सिंह सागर जिले की बंडा विधानसभा से विधायक बने तो राहुल लोधी दमोह से, लेकिन 2020 राजनीतिक हालात बदले तो यह दोस्ती भी टूट गई। कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने पर राहुल ने बीजेपी का दामन थाम लिया और मंत्री भी बने थे। इधर तरवर सिंह कांग्रेस में ही बने रहे और पांच साल विधायक रहे।
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राहुल ने दमोह सीट से बीजेपी के नेता जयंत मलैया को हराया था। तरवर लोधी ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सागर जिले के बंडा सीट से बीजेपी के हरवंश सिंह राठौर को हराया था। दोनों विधानसभा सीटें अलग-अलग जिले में हैं, लेकिन लोकसभा क्षेत्र एक ही है। अब दोनों के बीच दिल्ली की दौड़ शुरू हुई है। देखना होगा कि दिल्ली की दौड़ में कौन रेस जीतेगा।
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टिकट मिलने के बाद से ही प्रचार में जुटे राहुल लोधी अपने दोस्त तरवर लोधी को टिकट मिलने पर कहते हैं- संबंध अपनी जगह हैं और चुनाव अपनी जगह। दोस्ती सभी से है, लेकिन पार्टी ने सिखाया है कि मुद्दों और बीजेपी की रीति-नीति पर चुनाव लड़ना है। जब भी सामाजिक या सार्वजनिक कार्यक्रम होते हैं, तब मुलाकात होती है। जब बात चुनाव की है तो फिर ये पूरी ईमानदारी से लड़ा जाएगा। वे कहते हैं कि तरवर लोधी से काफी लंबे समय से बातचीत नहीं हुई है। जब 2018 में साथ में विधायक चुने गए थे, उस वक्त बातचीत होती थी। अब वो प्रतिद्वंद्वी हैं। वे अपने मुद्दे जनता के सामने रखेंगे, हम अपने मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
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कांग्रेस प्रत्याशी तरवर लोधी का कहना है कि ये चुनाव दमोह की जनता के स्वाभिमान का चुनाव है। प्रचार के दौरान वे इस मुद्दे को उठा भी रहे हैं। वे कहते हैं कि पिछले 35 साल से दमोह में बीजेपी का सांसद बनता आ रहा है, लेकिन अब तक दमोह को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली है। क्षेत्र में 8 विधानसभा आती हैं, सभी पिछड़ी हुई है। यहां न तो उद्योग है न ही रोजगार के अन्य कोई साधन, जिससे बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। शिक्षा की बात करें तो यूनिवर्सिटी या कॉलेज नहीं है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दमोह पिछड़ा हुआ है। वे कहते हैं कि जो सीमेंट फैक्ट्री है वो कांग्रेस की देन है। ये आज भी युवाओं को रोजगार दे रही है।
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दमोह लोकसभा सीट पर दोस्तों के बीच मुकाबला
दोनों ही नेता आपस में काफी अच्छे दोस्त माने जाते हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में दोनों ही एक साथ विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे। तरवर सिंह सागर जिले की बंडा विधानसभा से विधायक बने तो राहुल लोधी दमोह से, लेकिन 2020 राजनीतिक हालात बदले तो यह दोस्ती भी टूट गई। कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने पर राहुल ने बीजेपी का दामन थाम लिया और मंत्री भी बने थे। इधर तरवर सिंह कांग्रेस में ही बने रहे और पांच साल विधायक रहे।
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दोस्तों के बीच दिल्ली जाने की लगेगी रेस
राहुल ने दमोह सीट से बीजेपी के नेता जयंत मलैया को हराया था। तरवर लोधी ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में सागर जिले के बंडा सीट से बीजेपी के हरवंश सिंह राठौर को हराया था। दोनों विधानसभा सीटें अलग-अलग जिले में हैं, लेकिन लोकसभा क्षेत्र एक ही है। अब दोनों के बीच दिल्ली की दौड़ शुरू हुई है। देखना होगा कि दिल्ली की दौड़ में कौन रेस जीतेगा।
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दोस्त को लेकर क्या बोले राहुल लोधी ?
टिकट मिलने के बाद से ही प्रचार में जुटे राहुल लोधी अपने दोस्त तरवर लोधी को टिकट मिलने पर कहते हैं- संबंध अपनी जगह हैं और चुनाव अपनी जगह। दोस्ती सभी से है, लेकिन पार्टी ने सिखाया है कि मुद्दों और बीजेपी की रीति-नीति पर चुनाव लड़ना है। जब भी सामाजिक या सार्वजनिक कार्यक्रम होते हैं, तब मुलाकात होती है। जब बात चुनाव की है तो फिर ये पूरी ईमानदारी से लड़ा जाएगा। वे कहते हैं कि तरवर लोधी से काफी लंबे समय से बातचीत नहीं हुई है। जब 2018 में साथ में विधायक चुने गए थे, उस वक्त बातचीत होती थी। अब वो प्रतिद्वंद्वी हैं। वे अपने मुद्दे जनता के सामने रखेंगे, हम अपने मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
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जनता के स्वाभिमान का चुनाव-तरवर लोधी
कांग्रेस प्रत्याशी तरवर लोधी का कहना है कि ये चुनाव दमोह की जनता के स्वाभिमान का चुनाव है। प्रचार के दौरान वे इस मुद्दे को उठा भी रहे हैं। वे कहते हैं कि पिछले 35 साल से दमोह में बीजेपी का सांसद बनता आ रहा है, लेकिन अब तक दमोह को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली है। क्षेत्र में 8 विधानसभा आती हैं, सभी पिछड़ी हुई है। यहां न तो उद्योग है न ही रोजगार के अन्य कोई साधन, जिससे बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। शिक्षा की बात करें तो यूनिवर्सिटी या कॉलेज नहीं है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दमोह पिछड़ा हुआ है। वे कहते हैं कि जो सीमेंट फैक्ट्री है वो कांग्रेस की देन है। ये आज भी युवाओं को रोजगार दे रही है।
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