मध्य प्रदेश में बड़ी सर्जरी की तैयारी : बदलेगी सीएमओ की टीम
CHAKRESH | Nov 11, 2024, 14:23 IST
CMO MP
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय और मंत्रालय में बदलाव की योजना बनाई जा रही है, जहां नॉन-परफॉर्मेंस वाले अधिकारियों को हटाकर उच्च योग्यता वाले अफसरों को प्रमुख जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक हलचल बढ़ रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और मंत्रालय स्तर पर बड़े बदलावों की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने नई टीम का खाका तैयार कर लिया है। इस सर्जरी के तहत दो मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखा गया है।
पहला, उन अधिकारियों को मुख्यधारा से हटाया जाएगा जिनके प्रदर्शन को अपेक्षित मानकों पर खरा नहीं पाया गया है, हालांकि उन्हें पर्याप्त मौके दिए गए थे। दूसरा, योग्य अफसरों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। ऐसे आइएएस अफसर, जो किसी खास क्षेत्र में उच्च दक्षता रखते हैं लेकिन इस समय लूप लाइन में हैं या किसी अन्य विभाग में काम कर रहे हैं, उन्हें मुख्य भूमिका में लाया जा सकता है।
मध्य प्रदेश तबादला नीति 2024 : 15 अक्टूबर से हट सकते हैं प्रतिबंध
डॉ. राजेश राजौरा, एसीएस मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री की टीम में सबसे वरिष्ठ अधिकारी के रूप में एनवीडीए उपाध्यक्ष बने रह सकते हैं। जल संसाधन के अतिरिक्त प्रभार से मुक्ति मिल सकती है।
संजय कुमार शुक्ल, पीएस मुख्यमंत्री: योजना, आर्थिकीय और महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी यथावत रह सकती है। अन्य जिम्मेदारियों से छुटकारा संभव है।
राघवेंद्र कुमार सिंह, पीएस मुख्यमंत्री: औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
भरत यादव, सचिव मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री की टीम में बने रह सकते हैं, हालांकि उनकी भूमिका में बदलाव संभव है। नगरीय प्रशासन की जिम्मेदारी बनी रह सकती है।
अविनाश लवानिया, अपर सचिव मुख्यमंत्री: इनकी जिम्मेदारी में बदलाव हो सकता है, और उन्हें अन्य विभागों में तैनात किया जा सकता है।
गृह विभाग: यह विभाग सीधे मुख्यमंत्री के पास है। अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसके चलते गृह विभाग में एसीएस स्तर पर बदलाव की संभावना है।
पशुपालन विभाग: मवेशी पालन और दुग्ध उत्पाद के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में काम जारी है। प्रमुख सचिव ई. रमेश से विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी वापस ली जा सकती है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: विभाग को मध्यप्रदेश के विकास में और अधिक उपयोगी बनाने के प्रयास चल रहे हैं। वर्तमान में संजय दुबे के पास यह अतिरिक्त जिम्मेदारी है, जिसे संभवतः आईआईटी कानपुर से पासआउट अभिजीत अग्रवाल को सौंपा जा सकता है, जो आईटी क्षेत्र में उच्च दक्षता रखते हैं।
कौशल विकास एवं रोजगार: वर्ष 2047 के विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी के मद्देनजर, आइएएस अफसर रघुराज एमआर की जिम्मेदारी बदली जा सकती है, और विशेषज्ञता वाले अधिकारी को नियुक्त किया जा सकता है।
पहला, उन अधिकारियों को मुख्यधारा से हटाया जाएगा जिनके प्रदर्शन को अपेक्षित मानकों पर खरा नहीं पाया गया है, हालांकि उन्हें पर्याप्त मौके दिए गए थे। दूसरा, योग्य अफसरों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। ऐसे आइएएस अफसर, जो किसी खास क्षेत्र में उच्च दक्षता रखते हैं लेकिन इस समय लूप लाइन में हैं या किसी अन्य विभाग में काम कर रहे हैं, उन्हें मुख्य भूमिका में लाया जा सकता है।
मध्य प्रदेश तबादला नीति 2024 : 15 अक्टूबर से हट सकते हैं प्रतिबंध
प्रशासनिक सर्जरी को अमल में लाया जाएगा
इस बदलाव का उद्देश्य विकसित मध्यप्रदेश से विकसित भारत की ओर बढ़ना है। मुख्यमंत्री से अंतिम सहमति मिलने के बाद इस प्रशासनिक सर्जरी को अमल में लाया जाएगा। बुदनी और विजयपुर उपचुनाव के बाद इन बदलावों की घोषणा संभव है।
सीएमओ में बदलाव संभावनाएं
संजय कुमार शुक्ल, पीएस मुख्यमंत्री: योजना, आर्थिकीय और महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी यथावत रह सकती है। अन्य जिम्मेदारियों से छुटकारा संभव है।
राघवेंद्र कुमार सिंह, पीएस मुख्यमंत्री: औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
भरत यादव, सचिव मुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री की टीम में बने रह सकते हैं, हालांकि उनकी भूमिका में बदलाव संभव है। नगरीय प्रशासन की जिम्मेदारी बनी रह सकती है।
अविनाश लवानिया, अपर सचिव मुख्यमंत्री: इनकी जिम्मेदारी में बदलाव हो सकता है, और उन्हें अन्य विभागों में तैनात किया जा सकता है।
मंत्रालय में संभावित बदलावों पर चर्चा
पशुपालन विभाग: मवेशी पालन और दुग्ध उत्पाद के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में काम जारी है। प्रमुख सचिव ई. रमेश से विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी वापस ली जा सकती है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: विभाग को मध्यप्रदेश के विकास में और अधिक उपयोगी बनाने के प्रयास चल रहे हैं। वर्तमान में संजय दुबे के पास यह अतिरिक्त जिम्मेदारी है, जिसे संभवतः आईआईटी कानपुर से पासआउट अभिजीत अग्रवाल को सौंपा जा सकता है, जो आईटी क्षेत्र में उच्च दक्षता रखते हैं।
कौशल विकास एवं रोजगार: वर्ष 2047 के विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी के मद्देनजर, आइएएस अफसर रघुराज एमआर की जिम्मेदारी बदली जा सकती है, और विशेषज्ञता वाले अधिकारी को नियुक्त किया जा सकता है।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava