मदरसे में धार्मिक शिक्षा पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, गैर मुस्लिमों को धार्मिक शिक्षा दी तो मान्यता होगी रद्द
Deeksha Nandini Mehra | Aug 17, 2024, 08:20 IST
MP मदरसे में धार्मिक शिक्षा पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश में 1,500 से अधिक मदरसों में अब गैर मुस्लिम छात्रों को उनके धर्म के अलावा धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा सकेगी। ऐसा करने पर सरकारी अनुदान और मान्यता रद्द हो जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए संविधान के अनुच्छेद 28(3) का हवाला दिया है।
MP Madrasa Religious Education : मदरसे में धार्मिक शिक्षा देने के मामले में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मध्य प्रदेश के मदरसों (Madrasa) में अब गैर मुस्लिम विद्यार्थियों (Non-Muslim Students) को उनके धर्म के अलावा ‘दीनी तालीम’ (Religious Education) या किसी अन्य धर्म की शिक्षा नहीं दी जा सकेगी।
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स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए हैं, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 28 (3) (Article 28(3)) का हवाला दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि अगर सरकार से मान्यता प्राप्त और अनुदानित मदरसे ऐसा करते हुए पाए गए तो तुरंत उनका अनुदान या सरकारी सहायता बंद कर दी जाएगी। इसके साथ ही उनकी मान्यता भी समाप्त कर दी जाएगी।
इस आदेश के बाद मदरसों में धार्मिक शिक्षा या उपासना में भाग लेने के लिए किसी भी विद्यार्थी को बाध्य नहीं किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग की कमिश्नर शिल्पा गुप्ता ( IAS SHILPA GUPTA ) ने उच्च स्तर से सहमति के बाद यह आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह (Education Minister Rao Uday Pratap singh ) ने भी मदरसों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश में यह भी साफ किया गया है कि यदि मदरसों में गैर मुस्लिम, जैसे हिंदू या ऐसे मुस्लिम छात्रों के फर्जी नाम पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी। अनुदान बंद करने के साथ-साथ मान्यता भी रद्द की जाएगी। सभी मदरसों की जांच की रिपोर्ट भी सरकार द्वारा मांगी गई है।
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आदेश में संविधान के अनुच्छेद 28 (3) का हवाला देते हुए कहा गया है कि, "राज्य से मान्यता प्राप्त या राज्य निधि से सहायता प्राप्त किसी भी शैक्षणिक संस्थान में उपस्थित व्यक्ति को धार्मिक शिक्षा के लिए या किसी धार्मिक उपासना में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।"
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स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए हैं, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 28 (3) (Article 28(3)) का हवाला दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि अगर सरकार से मान्यता प्राप्त और अनुदानित मदरसे ऐसा करते हुए पाए गए तो तुरंत उनका अनुदान या सरकारी सहायता बंद कर दी जाएगी। इसके साथ ही उनकी मान्यता भी समाप्त कर दी जाएगी।
धार्मिक शिक्षा के लिए नहीं कर सकेंगे बाध्य
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तो होगी कानूनी कार्रवाई
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संविधान का हवाला... धार्मिक शिक्षा के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता
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