एमपी निगम-मंडल नियुक्ति सूची अब भी लंबित, दिल्ली से नहीं मिली हरी झंडी

मध्य प्रदेश निगम-मंडल नियुक्ति सूची अब तक लंबित है। दिल्ली से मंजूरी नहीं मिलने के कारण फैसला टला, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में बढ़ी प्रतीक्षा।

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Pawan Modiya
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Photograph: (the sootr)

भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित निगम-मंडल नियुक्तियों की सूची पर अब तक अंतिम मुहर नहीं लग पाई है । प्रदेश के कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस सूची का इंतजार है, लेकिन दिल्ली स्तर पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों के अनुसार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बिना सूची जारी नहीं की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश नेतृत्व ने एमपी निगम-मंडल की संभावित सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी थी। लेकिन दिल्ली में हुई चर्चाओं के बाद भी इसे अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी।

अमित शाह की बैठक टलने से बढ़ी देरी

सूत्रों के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक प्रस्तावित थी। इस बैठक में निगम-मंडल की सूची पर अंतिम फैसला होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की परिस्थितियों के चलते यह बैठक नहीं हो पाई।

बताया जा रहा है कि ईरान-इजरायल युद्ध और बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम के कारण शीर्ष नेतृत्व का कार्यक्रम बदल गया। इसी वजह से मध्य प्रदेश की निगम-मंडल सूची पर चर्चा फिलहाल टल गई।

प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बढ़ी बेचैनी

निगम-मंडल की नियुक्तियों को लेकर प्रदेश के कई नेता और कार्यकर्ता लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। कई वरिष्ठ नेताओं को उम्मीद है कि उन्हें संगठन और सरकार में भूमिका मिल सकती है।

राजनीतिक संतुलन भी बड़ा कारण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निगम-मंडल की नियुक्तियां केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं होतीं,  बल्कि इसमें राजनीतिक संतुलन भी महत्वपूर्ण होता है। पार्टी आमतौर पर इन पदों के माध्यम से संगठन के सक्रिय कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वालों को जिम्मेदारी देती है।सलिए सूची को अंतिम रूप देने से पहले हर क्षेत्र और वर्ग कासंतुलन साधने की कोशिश की जाती है।

जल्द हो सकता है अंतिम फैसला

हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि निगम-मंडल की सूची पर जल्द ही फैसला लिया जा सकता है। शीर्ष नेतृत्व की बैठक होते ही इस पर अंतिम निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।  प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि यदि दिल्ली से हरी झंडी मिल जाती है तो सूची जल्द ही जारी हो सकती है। फिलहाल सभी की नजरें केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हुई हैं।

मध्य प्रदेश में प्रमुख निगम-मंडल

  • मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम

  • मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम

  • मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड

  • मध्य प्रदेश आवास एवं अधोसंरचना विकास मंडल

  • मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम

इन संस्थाओं में नियुक्तियां राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

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