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5 पॉइंट में समझें खबर के मायने...
- मुख्यमंत्री मोहन यादवऔर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश के लिए कई सड़क प्रोजेक्ट्स की घोषणा की।
- मध्य प्रदेश में 625 किमी लंबा टूरिज्म कॉरिडोर बनेगा।
- ये नया टाइगर कॉरिडोर पेंच, कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना को जोड़ेगा।
- इस 625 किमी लंबे कॉरिडोर पर 5 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- भोपाल-जबलपुर के बीच 9716 करोड़ का ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनेगा।
मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट के बाद अब टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश के लिए कई बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है। इसमें 625 किमी लंबा टाइगर कॉरिडोर और 12 हजार करोड़ का अटल प्रगति पथ शामिल है। इन परियोजनाओं से पर्यटन और कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
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टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर की बड़ी सौगात
मध्य प्रदेश में अब प्रमुख टाइगर रिजर्व आपस में जुड़ेंगे। इसके लिए 625 किलोमीटर लंबा टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर बनेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को मंजूरी दी है। यह कॉरिडोर पेंच से कान्हा और कान्हा से बांधवगढ़ को जोड़ेगा। साथ ही बांधवगढ़ से पन्ना नेशनल पार्क तक सड़कें अपग्रेड होंगी।
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सड़कों के विकास पर 5 हजार करोड़
टाइगर कॉरिडोर के अंदर आने वाली सड़कों को अब बेहतर बनाया जाएगा। सरकार इस काम पर 5 हजार करोड़ रुपए खर्च करने वाली है। इससे टाइगर रिजर्व और पर्यटन वाली जगहों पर आना-जाना आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि इसका फायदा पड़ोसी राज्यों को भी मिलेगा। साथ ही, इससे पर्यटन के क्षेत्र में पैसा आएगा।
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अटल प्रगति पथ से घटेगा दिल्ली का सफर
चंबल क्षेत्र के लिए अटल प्रगति पथ एक बड़ी सौगात बनकर आया है। इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्वालियर, भिंड और श्योपुर के इलाकों को होगा। यह रास्ता चंबल को सीधे उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर से जोड़ देगा। 12 हजार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट की वजह से अब सफर में 3-4 घंटे की बचत होगी। साथ ही, यह प्रोजेक्ट इलाके में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी मददगार साबित होगा।
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ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे और अन्य प्रोजेक्ट्स
भोपाल और जबलपुर के बीच अब एक नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट पर कुल 9 हजार 716 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही भोपाल से इंदौर और प्रयागराज तक, और जबलपुर से नागपुर तक के रास्तों को भी बेहतर बनाया जाएगा।
इंदौर-धुले-पुणे मार्ग का विकास भी 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा। सरकार ने इन चारों दिशाओं के मुख्य रास्तों को मजबूत करने की योजना पर चर्चा की है।
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कूनो नेशनल पार्क और चीता पर्यटन
मध्य प्रदेश को वन्य प्राणियों के मामले में कई बड़ी सफलताएं मिली हैं। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका से चीते लाए गए हैं। इससे अब कूनो पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। कॉरिडोर तैयार होने से कूनो और दूसरे पार्कों के बीच पर्यटकों का आना-जाना आसान हो जाएगा। राज्य की भौगोलिक स्थिति पर्यटन को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगी।
निष्कर्ष- केंद्र और राज्य सरकार मिलकर मध्य प्रदेश टाइगर स्टेट के साथ-साथ टाइगर टूरिज्म हब बनाने की तैयारी में है। करीब 5 हजार करोड़ रुपए की लागत से 625 किमी लंबा टाइगर कॉरिडोर बनेगा। 12 हजार करोड़ रुपए का अटल प्रगति पथ राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
इन बड़े प्रोजेक्ट्स से वन्यजीव पर्यटन आसान होगा और दिल्ली-एनसीआर से दूरी भी कम हो जाएगी। साथ ही, भोपाल और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को और रफ्तार मिलेगी।
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