मध्य प्रदेश में तेज हुई रोहिंग्या मुसलमानों की तलाश, भोपाल-इंदौर समेत ८ जिलों में सर्वे शुरू
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 23, 2025, 11:21 IST
Rohingya survey started in MP
मध्य प्रदेश में पुलिस और खुफिया एजेंसियों द्वारा आठ जिलों में रोहिंग्या मुसलमानों का सर्वे किया जाएगा। यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर उठाया गया है, जिसका उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें बांग्लादेश और म्यांमार वापस भेजना है।
MP News: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को रोहिंग्या मुसलमानों का सर्वे करने का निर्देश दिया है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि कोई भी अवैध दस्तावेज़ जारी नहीं किया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में नागरिकता का दावा किया जा सके। सर्वे के बाद, अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें उनके मूल देशों, बांग्लादेश और म्यांमार, वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मध्य प्रदेश में पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर आठ जिलों—ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, जबलपुर और श्योपुर—में सर्वे शुरू किया है। इन जिलों में प्रवासियों की संख्या अधिक है और यहां प्रतिबंधित संगठन सिमी के सदस्य और आईएसआई एजेंट पकड़े जाने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जिससे इन्हें अधिक संवेदनशील माना गया है।
डोर-टू-डोर सर्वे: प्रवासी बस्तियों में जाकर प्रत्येक व्यक्ति के दस्तावेज़ की जांच की जाएगी।
दस्तावेज़ सत्यापन: बंगाल, झारखंड, बिहार और कश्मीर से आए लोगों के दस्तावेज़ की जांच होगी और उनके मूल पते का सत्यापन किया जाएगा।
फिंगरप्रिंट संग्रहण: सभी संदिग्ध व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे।
नागरिकता की जांच: बाहर से आकर यहां नागरिकता लेने वालों की भी जांच की जाएगी।
इंदौर में एक घटना में पुलिस ने 20 लोगों को रोहिंग्या मुसलमान होने के शक में गिरफ्तार किया। बाद में जांच में पता चला कि वे सभी पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर थे। पुलिस ने उनकी पहचान के दस्तावेज़ों की जांच की और उन्हें छोड़ दिया।
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इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान करना और उन्हें उनके मूल देशों में वापस भेजना है। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दक्षिण-पूर्व एशियाई देश म्यांमार की अधिकांश आबादी बौद्ध धर्म को मानने वाली है, लेकिन इसी देश में रोहिंग्या मुसलमानों की एक बड़ी जनसंख्या भी मौजूद है, जिसकी संख्या लगभग 10 लाख के आसपास आंकी जाती है। ये रोहिंग्या समुदाय मुख्य रूप से म्यांमार के पश्चिमी क्षेत्र रखाइन (Rakhine) में पीढ़ियों से रह रहा है।
मध्य प्रदेश में सर्वे
क्या होगा सर्वे में
दस्तावेज़ सत्यापन: बंगाल, झारखंड, बिहार और कश्मीर से आए लोगों के दस्तावेज़ की जांच होगी और उनके मूल पते का सत्यापन किया जाएगा।
फिंगरप्रिंट संग्रहण: सभी संदिग्ध व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे।
नागरिकता की जांच: बाहर से आकर यहां नागरिकता लेने वालों की भी जांच की जाएगी।
इंदौर में संदिग्धों की गिरफ्तारी
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सर्वे का उद्देश्य
कौन हैं रोहिंग्या मुसलमानों
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