महाकाल मंदिर के चढ़ावे की जांच करें, उज्जैन महापौर ने कलेक्टर को लिखा पत्र
Pawan Modiya | Jul 01, 2026, 17:15 IST
महाकाल मंदिर का दान
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर महाकाल मंदिर में मिले सोने-चांदी के आभूषणों की पारदर्शी जांच और सही उपयोग की जानकारी मांगी है। रजिस्टर में सिर्फ नाममात्र एंट्री पर भी सवाल उठे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया
- इसके बाद महाकाल मंदिर पर भी सवाल उठे
- महापौर मुकेश टटवाल ने कलेक्टर को पत्र लिखा
- उन्होंने आभूषणों की पारदर्शी जांच की मांग की
- मंदिर रजिस्टर में जेवर सिर्फ नाम मात्र दर्ज होते हैं
अयोध्या केस से उठा सवाल
महापौर ने लिखा पत्र
पत्र में सिर्फ आभूषण नहीं, नकद राशि का जिक्र भी है। महापौर ने सोने-चांदी और नकद के सुरक्षित रखरखाव की मांग की। उन्होंने बताया कि इसके लिए पहले एक समिति प्रस्तावित थी। अब महापौर चाहते हैं कि यह समिति सक्रिय की जाए। साथ ही जल्द जरूरी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
10 साल पहले हुई थी चोरी
रजिस्टर में सिर्फ लिखा जाता है नाम
एप बनाने की भी मांग
क्यों अहम है यह मांग
मंदिर समिति क्या करेगी
मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पारदर्शिता से भरोसा बढ़ता है। कुछ श्रद्धालु मानते हैं कि यह कदम जरूरी था। सभी को उम्मीद है कि जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अब कलेक्टर के पाले में गेंद
जरूरी FAQ
उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने महाकाल मंदिर में मिलने वाले सोने-चांदी के आभूषणों की पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी पूछा है कि इन जेवरातों का इस्तेमाल किस तरह हो रहा है। साथ ही उन्होंने पहले से प्रस्तावित एक समिति को सक्रिय करने की मांग भी की है।
यह मांग अभी क्यों उठी है?
हाल ही में अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद देशभर के मंदिरों में दान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। इसी क्रम में महाकाल मंदिर के आभूषणों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हुए। इसके बाद महापौर ने कलेक्टर को पत्र लिखा।
महाकाल मंदिर में आभूषणों की एंट्री को लेकर क्या समस्या बताई जा रही है?
मंदिर के रजिस्टर में सोना-चांदी जैसे आभूषणों को सिर्फ कीमती धातु जैसा लिखकर दर्ज किया जाता है। इसमें सही वजन और शुद्धता की जानकारी दर्ज नहीं होती। इसी वजह से असली आभूषणों की जगह नकली रखे जाने की आशंका जताई जा रही है।
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