/sootr/media/media_files/2026/02/20/mahakal-temple-2026-02-20-11-02-59.jpg)
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में नई व्यवस्था लागू हुई है। अब भस्मारती की तरह संध्या और शयन आरती के पैसे लगेंगे। मंदिर प्रबंध समिति ने गुरुवार से यह नया नियम शुरू कर दिया है।
अब भक्तों को आरती देखने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए समिति ने यह बड़ा फैसला लिया है। आइए जानें बुकिंग की पूरी जानकारी...
दर्शन शुल्क और बुकिंग की जानकारी
संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपए प्रति व्यक्ति फीस लगेगा। यह राशि शीघ्र दर्शन (VIP) रसीद के बराबर तय की गई है। बुकिंग केवल मंदिर की ऑथराइज्ड वेबसाइट के माध्यम से ही की जा सकती है।
प्रथम आओ-प्रथम पाओ के बेस पर ही भक्तों को स्लॉट मिलेंगे। बिना पैसे दिए भक्त केवल चलित दर्शन की कतार में लग सकेंगे। आप मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं।
बुकिंग का समय और प्रवेश नियम
संध्या आरती की बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शुरू होगी।
शयन आरती के लिए पोर्टल शाम 4 बजे खोल दिया जाएगा।
संध्या आरती के लिए शाम 6 बजे तक प्रवेश लेना होगा।
शयन आरती के लिए रात 10 बजे का समय तय है।
भक्तों को प्रवेश द्वार क्रमांक 1 से ही अंदर जाना होगा।
आरती के दौरान बैठने के लिए रसीद दिखाना बहुत अनिवार्य होगा।
भस्मारती और शीघ्र दर्शन की पुरानी दरें
बता दें कि, मंदिर में भस्मारती के लिए पहले से ही दो सौ रुपए की फीस ली जाती है। शीघ्र दर्शन के लिए भक्तों को 250 रुपए की रसीद लेनी पड़ती है। वीआईपी लाइन से दर्शन के लिए भी 250 रुपए का शुल्क लागू है।
मंदिर समिति (भस्मारती बुकिंग) रोजाना 12 सौ लोगों को भस्मारती में प्रवेश देती है। अब अन्य मुख्य आरतियों को भी इसी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा गया है। आप मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं।
महाकाल दर्शन व्यवस्था
उज्जैन महाकाल दर्शन (mahakal darshan) मंदिर के गर्भगृह में आम भक्तों का प्रवेश फिलहाल बंद है। पहले 15 सौ रुपए की रसीद से गर्भगृह में प्रवेश मिल जाता था। सावन की भीड़ के कारण जुलाई 2023 में इसे बंद किया गया। ढाई साल बीतने के बाद भी यह व्यवस्था बहाल नहीं हुई। आम श्रद्धालु अभी बाहर से ही बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं।
अन्य विशेष पूजन के तय शुल्क
मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अलग-अलग शुल्क तय हैं।
सामान्य पूजा के लिए भक्तों को सौ रुपए की रसीद कटवानी होती है।
रुद्राभिषेक वैदिक पूजा के लिए तीन सौ रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है।
महामृत्युंजय जाप के लिए 15 हजार रुपए की रसीद का प्रावधान है।
भस्मारती दर्शन, सभी बुकिंग केवल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in से ही करें।
ये खबरें भी पढ़ें....
महाकाल के गर्भगृह में बिना अनुमति पहुंचे वीवीआईपी, कहा-भावनाओं में बहकर चले गए
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, महाशिवरात्रि पर तिथि का ऐलान
पूजा की थाली से लेकर मन की शांति तक, जानें कपूर जलाने के फायदे
महाकाल से लेकर कुबेरेश्वर धाम तक, एमपी के शिवालयों में महाशिवरात्रि की धूम
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us