आंगनवाड़ी में बच्चों को परोसी नमक-पूड़ी, वीडियो से महिला बाल विकास विभाग में हड़कंप
Sanjay Dhiman | Jul 30, 2026, 17:29 IST
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मध्य प्रदेश के मैहर में आंगनवाड़ी केंद्र का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बच्चों को नमक-पूड़ी परोसी गई। विभाग ने जांच शुरू की, वीडियो तीन महीने पुराना और मारपीट मामले से जुड़ा बताया गया।
मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक वीडियो सामने आया है। ककरा आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को पोषण आहार की जगह सिर्फ नमक और पूड़ी परोसी गई। वीडियो वायरल होते ही मध्य प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग हरकत में आ गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र बांगड़े ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए।
मैहर के ककरा आंगनवाड़ी केंद्र का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में बच्चों को सिर्फ नमक और पूड़ी खाते दिखाया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मामले की जांच शुरू की। विभाग का दावा है कि वीडियो तीन महीने पुराना है। यह मामला 26 जुलाई की मारपीट की घटना से जुड़ा बताया गया।
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वीडियो में आंगनवाड़ी के छोटे बच्चे जमीन पर बैठे नजर आते हैं। उनकी थाली में सिर्फ नमक और पूड़ी रखी दिखती है। पोषण आहार की तय सूची में यह भोजन शामिल नहीं है। वीडियो सामने आते ही लोगों ने विभाग पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर यह क्लिप तेजी से फैल गई। कई लोगों ने इसे पोषण आहार में लापरवाही बताया। इसके बाद विभाग को सफाई देनी पड़ी। पूरे मामले की जांच का जिम्मा सीडीपीओ को सौंपा गया।
सीडीपीओ (CDPO – Child Development Project Officer) अखिलेश दीपांकर ने अपनी रिपोर्ट में नई बात बताई। उनके मुताबिक 26 जुलाई की रात गांव में मारपीट हुई थी। शिवम् स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष राधाबाई बीच-बचाव करने पहुंची थीं। उनकी बेटी ने उस घटना के फोटो और वीडियो बनाए थे।
विभाग का दावा है कि मारपीट की खबर पुलिस तक नहीं पहुंचनी चाहिए थी। इसलिए राधाबाई पर दबाव बनाने के लिए पुराना वीडियो वायरल किया गया। यह वीडियो करीब तीन महीने पहले आंगनवाड़ी में बनाया गया था। विभाग के मुताबिक यह पूरी तरह अधूरी और भ्रामक क्लिप है।
परियोजना अधिकारी अखिलेश दीपांकर ने बताया कि घटना वाले दिन कार्यकर्ता ड्यूटी पर नहीं थीं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन जायसवाल टीकाकरण कार्य के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ककरा गई थीं। केंद्र पर सिर्फ 62 वर्षीय सहायिका ऊषा गौतम मौजूद थीं। इसी दौरान भोजन परोसने का वीडियो बनाया गया था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO – District Programme Officer) राजेंद्र बांगड़े को जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। रिपोर्ट में शिवम् स्व-सहायता समूह पर कोई नई लापरवाही नहीं पाई गई। समूह अभी भी आंगनवाड़ी केंद्र में नाश्ता और भोजन बांट रहा है। हालांकि पहले भी अनियमितता पर समूह को जुर्माना हो चुका है।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को रोज पोषण आहार दिया जाता है। इसका मकसद कुपोषण रोकना और सेहत सुधारना है। सरकार हर केंद्र के लिए तय मेन्यू बनाती है। मेन्यू में दाल, चावल, अंडा और फल जैसी चीजें शामिल होती हैं। नमक और पूड़ी इस सूची में शामिल नहीं हैं।
विभाग का कहना है कि वायरल वीडियो पूरी सच्चाई नहीं दिखाता। भोजन परोसने की प्रक्रिया के बीच का यह अधूरा हिस्सा है। असल मकसद राधाबाई और उनके परिवार पर दबाव बनाना बताया गया है। मामले की आगे भी निगरानी जारी रहने की बात कही गई है।
फिलहाल जांच रिपोर्ट डीपीओ के पास पहुंच चुकी है। आगे की कार्रवाई पर जिला प्रशासन जल्द फैसला ले सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र की निगरानी बढ़नी चाहिए। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि दोबारा ऐसी शिकायत नहीं मिलेगी।
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समझें क्या है पूरा मामला
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वीडियो में क्या दिखा
सोशल मीडिया पर यह क्लिप तेजी से फैल गई। कई लोगों ने इसे पोषण आहार में लापरवाही बताया। इसके बाद विभाग को सफाई देनी पड़ी। पूरे मामले की जांच का जिम्मा सीडीपीओ को सौंपा गया।
मारपीट से जुड़ा विवाद
विभाग का दावा है कि मारपीट की खबर पुलिस तक नहीं पहुंचनी चाहिए थी। इसलिए राधाबाई पर दबाव बनाने के लिए पुराना वीडियो वायरल किया गया। यह वीडियो करीब तीन महीने पहले आंगनवाड़ी में बनाया गया था। विभाग के मुताबिक यह पूरी तरह अधूरी और भ्रामक क्लिप है।
टीकाकरण ड्यूटी पर टीम
जांच में क्या मिला
पोषण आहार क्यों है जरूरी
विभाग की सफाई
फिलहाल जांच रिपोर्ट डीपीओ के पास पहुंच चुकी है। आगे की कार्रवाई पर जिला प्रशासन जल्द फैसला ले सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र की निगरानी बढ़नी चाहिए। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि दोबारा ऐसी शिकायत नहीं मिलेगी।
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