मालवा में फैलता नशे का जाल : गांजा-अफीम से आगे बढ़कर अब एमडी ड्रग्स और अवैध हथियारों का खतरा

मालवा क्षेत्र में नशे के कारोबार की समस्या बढ़ रही है, जिसमें गांजा, अफीम और एमडी ड्रग्स के साथ अवैध हथियारों की तस्करी का खतरा भी बढ़ गया है। विधानसभा में इस मुद्दे पर जोरदार बहस हुई।

author-image
Ramanand Tiwari
New Update
Now the danger of MD drugs and illegal weapons has gone beyond ganja and opium

Photograph: (the sootr)

News in Short

  • मालवा में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, अब एमडी ड्रग्स भी बन रहे हैं।
  • नशे के कारोबार में अवैध हथियारों की तस्करी का भी खतरा बढ़ रहा है।
  • भाजपा विधायक राजेंद्र पांडे ने मालवा की शांति के लिए गंभीर चिंता जताई।
  • पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग ने पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क की आशंका जताई।
  • सख्त कार्रवाई और समन्वित पुलिस तंत्र की जरूरत, बड़े तस्करों पर कार्रवाई की मांग। 

News in Detail

BHOPAL.मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में मालवा क्षेत्र में बढ़ते अवैध नशे के कारोबार का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायकों ने कहा कि जो इलाका कभी शांति के लिए जाना जाता था, वहां अब गांजा, अफीम, डोडा चूरा के साथ एमडी ड्रग्स तक बन रही है। नशे की आड़ में अवैध हथियारों की तस्करी की आशंका भी जताई गई है। सरकार से इस नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

सदन में उठे मुख्य आरोप और चिंताएं

मालवा में अवैध नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। गांजा, अफीम और डोडा चूरा के बाद अब एमडी ड्रग्स का निर्माण। नशे की आड़ में अवैध हथियारों की तस्करी की आशंका। नेटवर्क के तार पड़ोसी राज्यों और सीमा पार तक जुड़े होने की बात। बड़े स्तर पर कार्रवाई की जरूरत पर जोर।

यह खबरें  भी पढ़ें...

सदन में स्वास्थ्य ढांचे की पोल खुली : एंबुलेंस बिना ड्राइवर, आयुष्मान में गड़बड़ी के आरोप

सात दिन ई-अटेंडेंस न लगाने पर अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति का आदेश वापस

“शांत मालवा अब नशे की गिरफ्त में”

जावरा से भाजपा विधायक राजेंद्र पांडे ने कहा कि मालवा क्षेत्र की पहचान हमेशा शांति और सामाजिक सौहार्द के लिए रही है। लेकिन अब यहां अवैध नशे का कारोबार लगातार पैर पसार रहा है। यह बदलाव समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर संकेत है।

गांजा-अफीम से आगे बढ़कर एमडी ड्रग्स तक

विधायक पांडे ने सदन में कहा कि पहले केवल गांजा और अफीम की खबरें आती थीं, फिर डोडा चूरा का मामला सामने आया। अब स्थिति यह है कि एमडी ड्रग्स जैसी खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स भी बनाई जा रही हैं। यह दर्शाता है कि नेटवर्क संगठित और तकनीकी रूप से मजबूत हो चुका है।

नशे के साथ हथियारों का खेल?

सदन में यह भी आशंका जताई गई कि नशे के कारोबार की आड़ में अवैध हथियारों की तस्करी हो रही है। अगर यह सच है, तो मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा से भी जुड़ा है।

“नेटवर्क के तार बाहर तक”

पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक हरदीप सिंह डंग ने कहा कि मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों में नशे का नेटवर्क गहराता जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इसके तार पाकिस्तान और पड़ोसी राज्यों से जुड़े हो सकते हैं, जो इसे और गंभीर बनाता है।

सरकार की कार्रवाई और ‘बड़े मगरमच्छ’

हरदीप सिंह डंग ने कहा कि सरकार अवैध नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल छोटे तस्करों पर कार्रवाई काफी नहीं है। इस कारोबार में शामिल “बड़े मगरमच्छों” तक पहुंचना जरूरी है, तभी नेटवर्क पूरी तरह टूटेगा।

क्यों है यह मुद्दा गंभीर?

  • नशा युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है।
  • अवैध कमाई से अपराध का ग्राफ बढ़ सकता है।
  • हथियारों की तस्करी जुड़ने पर सुरक्षा खतरा बढ़ जाता है।
  • अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क होने पर जांच जटिल हो जाती है। 

यह खबरें  भी पढ़ें...

एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव विवाद खत्म : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 12 मई को वोटिंग

एमपी में लॉरेंस गैंग का खौफ, रंगदारी-फिरौती की धमकियों से दहशत

सख्ती और समन्वय की जरूरत

विधानसभा की चर्चा ने साफ कर दिया कि मालवा में नशे का मुद्दा अब केवल स्थानीय समस्या नहीं रहा। जरूरत है-पुलिस और खुफिया तंत्र की समन्वित कार्रवाई, सीमा और अंतरराज्यीय निगरानी मजबूत करना, युवाओं के लिए जागरूकता अभियान,बड़े नेटवर्क संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई। क्योंकि सवाल सिर्फ कानून का नहीं, आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा और समाज की स्थिरता का है।

नशे का कारोबार पाकिस्तान मंदसौर बजट सत्र मध्यप्रदेश विधानसभा
Advertisment