मऊगंज हिंसा पर HC ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट, सरकार सहित कलेक्टर और पुलिस अफसरों को भेजा नोटिस
Neel Tiwari | Oct 29, 2025, 16:05 IST
Photograph: (the sootr)
मऊगंज हिंसा पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर सुनवाई की। बेंच ने सरकार, डीजीपी, कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने सीबीआई जांच की मांग की है।
JABALPUR. रीवा जिले के मऊगंज क्षेत्र में हुई हिंसक घटना और साम्प्रदायिक तनाव के मामले में जनहित याचिका लगाई है। इस याचिका में सीबीआई जांच की मांग की गई है। बुधवार को इस जनहित याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस की डिविजन बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने इस मामले मध्यप्रदेश सरकार सहित डीजीपी, आईजी रीवा, एसपी और कलेक्टर मऊगंज को नोटिस जारी करते हुए विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
अदालत ने यह निर्देश क्षेत्र के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना की दायर जनहित याचिका पर दिया। इसमें मऊगंज हिंसा सहित मुख्य मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
याचिकाकर्ता पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना की ओर से अधिवक्ता काजी फखरुद्दीन ने अदालत को बताया कि मऊगंज क्षेत्र में कुछ वर्ष पूर्व दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने उसे एक्सीडेंट बताकर मामला दबा दिया। मृतकों के परिजनों ने एसपी से लेकर डीजीपी तक आवेदन दिए। आरोपियों के नाम भी बताए, परंतु राजनीतिक दबाव के चलते किसी पर कार्रवाई नहीं की गई।
याचिका में यह भी कहा गया है कि उस घटना के बाद से ही गांव में कई लोगों की रहस्यमय मौतें हुई हैं और कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बावजूद इसके, पुलिस ने किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच नहीं की। इस घटना के पीछे आदिवासी जमीनों पर कब्जे के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
मऊगंज वॉटरफॉल सुसाइड : 3 बच्चों की मां ने देवर संग किया सुसाइड, इंस्टाग्राम पर बताया दर्द
मऊगंज सहकारी बैंक घोटाला में 7 करोड़ की राशि गायब, हजारों जमाकर्ता दर-दर भटक रहे
![d8af5e5e-3de]()
![a4a40940-2bd]()
![6fcd970c-e73]()
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि मऊगंज में हुए साम्प्रदायिक तनाव के बाद प्रशासन ने हालात काबू में लाने के लिए धारा 144 और 163 तक लागू की थी। लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच को भटकाया जा रहा है। इसी कारण अब मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है।
मऊगंज हिंसा की शुरुआत मार्च 2025 में उस समय हुई जब कुछ दिनों पहले हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा विवाद अचानक भड़क उठा। उस सड़क दुर्घटना में अशोक कोल नामक आदिवासी युवक की भी मौत हुई थी। स्थानीय आदिवासियों को शक था कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि सनी द्विवेदी नामक युवक द्वारा की गई साजिश थी।
इस पुराने विवाद के चलते होली के दूसरे दिन सनी द्विवेदी जब उसी गांव से गुजर रहे थे, तब कुछ ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। बंधक बनाया और कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
परिवार की सूचना पर मौके पर तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी और पुलिस बल पहुंचा। पुलिस जब घर में दाखिल हुई, तो पाया कि सनी की मौत पहले ही हो चुकी थी। इसी बीच, मौके पर मौजूद आदिवासी भीड़ अचानक भड़क उठी और पुलिस पर पथराव और हमला कर दिया। इस दौरान सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रामचरण गौतम गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भी घायल हुए।
![dc64e06f-bf3]()
![17504218-f40]()
हिंसा के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। भारी पुलिस बल तैनात किया गया और धारा 144 लागू कर दी गई। पुलिस ने हत्या, बलवा और सरकारी कार्य में बाधा के मामलों में एफआईआर दर्ज की। जानकारी के अनुसार अब तक कई आरोपी फरार हैं।
घटना के बाद प्रदेशसरकार ने मृतक एएसआई रामचरण गौतम को शहीद का दर्जा देने, उनके परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। वहीं, हिंसा को रोकने में लापरवाही बरतने पर मऊगंज के एसपी और कलेक्टर को तत्काल हटा दिया गया और नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में SIR की बैठक में उठे कई सवाल, लोग बोले- परिवार एक, पर वोटिंग बूथ अलग-अलग, क्या इसे भी सुधरेगी
एमपी में कलेक्टर-एसडीएम के ट्रांसफर पर ब्रेक, 3 महीने तक नहीं होंगे तबादले
जनहित याचिका पर सुनवाई में हाईकोर्ट ने इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार, डीजीपी, आईजी रीवा, एसपी और कलेक्टर मऊगंज को नोटिस जारी कर स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। अब सबकी नजर 19 नवंबर की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत यह तय करेगी कि मऊगंज की घटनाओं की जांच में क्या प्रगति हुई है और क्या इस पूरे मामले को सीबीआई को सौंपना आवश्यक है।
अदालत ने यह निर्देश क्षेत्र के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना की दायर जनहित याचिका पर दिया। इसमें मऊगंज हिंसा सहित मुख्य मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
पूर्व विधायक ने उठाई CBI जांच की मांग
याचिका में यह भी कहा गया है कि उस घटना के बाद से ही गांव में कई लोगों की रहस्यमय मौतें हुई हैं और कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बावजूद इसके, पुलिस ने किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच नहीं की। इस घटना के पीछे आदिवासी जमीनों पर कब्जे के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
मऊगंज वॉटरफॉल सुसाइड : 3 बच्चों की मां ने देवर संग किया सुसाइड, इंस्टाग्राम पर बताया दर्द
मऊगंज सहकारी बैंक घोटाला में 7 करोड़ की राशि गायब, हजारों जमाकर्ता दर-दर भटक रहे
d8af5e5e-3de
a4a40940-2bd
6fcd970c-e73
पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल
ऐसे हुई थी हिंसा की शुरुआत
इस पुराने विवाद के चलते होली के दूसरे दिन सनी द्विवेदी जब उसी गांव से गुजर रहे थे, तब कुछ ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। बंधक बनाया और कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
परिवार की सूचना पर मौके पर तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी और पुलिस बल पहुंचा। पुलिस जब घर में दाखिल हुई, तो पाया कि सनी की मौत पहले ही हो चुकी थी। इसी बीच, मौके पर मौजूद आदिवासी भीड़ अचानक भड़क उठी और पुलिस पर पथराव और हमला कर दिया। इस दौरान सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रामचरण गौतम गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भी घायल हुए।
dc64e06f-bf3
17504218-f40
पुलिस पर लगे मामला भटकाने के आरोप
घटना के बाद प्रदेशसरकार ने मृतक एएसआई रामचरण गौतम को शहीद का दर्जा देने, उनके परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। वहीं, हिंसा को रोकने में लापरवाही बरतने पर मऊगंज के एसपी और कलेक्टर को तत्काल हटा दिया गया और नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी में SIR की बैठक में उठे कई सवाल, लोग बोले- परिवार एक, पर वोटिंग बूथ अलग-अलग, क्या इसे भी सुधरेगी
एमपी में कलेक्टर-एसडीएम के ट्रांसफर पर ब्रेक, 3 महीने तक नहीं होंगे तबादले
अब नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari