भोपाल और इंदौर में बनेगी मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी, NCR की तरह होगा विकास
Deeksha Nandini Mehra | Aug 07, 2024, 07:46 IST
indore news 7 aug
मध्य प्रदेश सरकार अब भोपाल और इंदौर के आस-पास के क्षेत्रों को मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी की तर्ज पर विकसित करने की योजना बना रही है। इस योजना के तहत भोपाल, विदिशा और सीहोर समेत 9 जिलों को मिलाकर एक स्टेट कैपिटल रीजन का निर्माण किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार अब भोपाल और इंदौर के आस-पास के क्षेत्रों को मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी ( Metropolitan Authority ) की तर्ज पर विकसित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य इन शहरों के आसपास के जिलों के विकास को उनसे जोड़ना है, ठीक जैसे दिल्ली एनसीआर में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को शामिल किया गया है।
इस योजना के तहत भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, होशंगाबाद और हरदा—कुल 9 जिलों को मिलाकर एक स्टेट कैपिटल रीजन का निर्माण किया जाएगा। यह प्रस्ताव 8 साल पहले भी सामने आया था।
मंगलवार को नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ( Minister Kailash Vijayvargiya ) ने विभागीय समीक्षा के बाद कहा कि प्रमुख शहरों के विकास के साथ-साथ उनके आसपास के क्षेत्रों का भी समग्र विकास किया जाएगा। जबलपुर और ग्वालियर में जहां अभी मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी की योजना नहीं है, वहां विशेष समितियों का गठन कर विकास कार्य किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश में अग्निशामक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भोपाल में 400 करोड़ रुपए की लागत से फायर डायरेक्टोरेट स्थापित किया जाएगा। नगरीय विकास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने बताया कि अग्निशामक वाहनों में ऐसा उपकरण शामिल किया जाएगा जो संकरे रास्तों पर भी जा सके। इसके अलावा पानी के स्रोत बनाए जाएंगे ताकि तुरंत आग बुझाने के लिए पानी उपलब्ध हो सके। नई मशीनें और गाड़ियां भी खरीदी जाएंगी और अग्निशामक विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।
नए फायर डायरेक्टोरेट के तहत प्रदेश की अग्निशामक सेवाओं को नियंत्रित किया जाएगा, नए अग्नि सुरक्षा नियम और निर्देश जारी किए जाएंगे, और उनका पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके अलावा नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और हर नगरीय निकाय में एक फायर अफसर की नियुक्ति की जाएगी। बिल्डिंगों के सेफ्टी ऑडिट की भी व्यवस्था की जाएगी।
एनसीआर (NCR) का पूरा नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (National Capital Region) है। इसमें आसपास के ग्रामीण और शहरी दोनो क्षेत्र में विकास किया जाता है। NCR का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या और शहरीकरण के दबाव को कम करना और आसपास के क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना है। NCR में नई दिल्ली के अलावा, दिल्ली के आसपास के क्षेत्र जैसे नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम भी शामिल हैं।
इस योजना के तहत भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, होशंगाबाद और हरदा—कुल 9 जिलों को मिलाकर एक स्टेट कैपिटल रीजन का निर्माण किया जाएगा। यह प्रस्ताव 8 साल पहले भी सामने आया था।
मंगलवार को नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ( Minister Kailash Vijayvargiya ) ने विभागीय समीक्षा के बाद कहा कि प्रमुख शहरों के विकास के साथ-साथ उनके आसपास के क्षेत्रों का भी समग्र विकास किया जाएगा। जबलपुर और ग्वालियर में जहां अभी मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी की योजना नहीं है, वहां विशेष समितियों का गठन कर विकास कार्य किए जाएंगे।
भोपाल में 400 करोड़ की लागत से बनेगा फायर डायरेक्टोरेट
नए फायर डायरेक्टोरेट के तहत प्रदेश की अग्निशामक सेवाओं को नियंत्रित किया जाएगा, नए अग्नि सुरक्षा नियम और निर्देश जारी किए जाएंगे, और उनका पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके अलावा नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और हर नगरीय निकाय में एक फायर अफसर की नियुक्ति की जाएगी। बिल्डिंगों के सेफ्टी ऑडिट की भी व्यवस्था की जाएगी।
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