आखिर कहां हैं जनजातीय मंत्री विजय शाह, उनकी गैरमौजूदगी से ये बड़े काम अटके

Sandeep Kumar | Jun 03, 2025, 17:47 IST
Share
Minister Vijay Shah attend
Minister Vijay Shah attend

11 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद टिप्पणी की। इस मामले की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी ।

MP News: मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह कहां हैं? ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद टिप्पणी के बाद से चर्चा में आए शाह इंदौर में हुई कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे थे। अब 3 जून को पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह की स्मृति में हुई कैबिनेट बैठक में भी वे नजर नहीं आए। उनकी अनुपस्थिति से जनजातीय कार्य विभाग का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

00a5a5ab-fdc
00a5a5ab-fdc


ट्रांसफर नीति के बीच अधिकारी और कर्मचारी भी असमंजस में हैं। एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि क्या अब सरकार ने उनसे सियासी दूरी बना ली है? दरअसल, जनजातीय कार्य विभाग में कोई राज्य मंत्री नहीं है। यानी मंत्री शाह की अनुपस्थिति में नीतिगत फैसले अटके हैं। शाह झाबुआ और रतलाम जिले के प्रभारी मंत्री हैं।

विभागीय समन्वय बाधित है। ट्रांसफर नीति जैसे मामलों में स्पष्टता की कमी है। सूत्रों की मानें तो कई महत्वपूर्ण फाइलें खंडवा और भोपाल के बीच अटकी हैं। जिलों से भेजे गए तबादला प्रस्तावों और योजनाओं की स्वीकृति समय पर नहीं मिल रही, जिससे अफसरों-कर्मचारियों में असमंजस और असंतोष है।

ये खबर भी पढ़िए... 17 दिन बाद नजर आए मंत्री विजय शाह, खंडवा दुष्कर्म पीड़िता के घर पहुंचे, बोले-पीड़िता मेरी बेटी जैसी

मामले ने पकड़ा तूल

11 मई 2025 को महू के रायकुंडा गांव में हलमा कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद टिप्पणी की थी। मामला तूल पकड़ गया। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी गूंज हुई। हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री शाह के खिलाफ FIR दर्ज हुई।



फिर विजय शाह ने वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से तीन बार माफी भी मांगी। बोले, यह भाषाई चूक थी, बहन सोफिया से क्षमा चाहता हूं। राजनीतिक डैमेज कंट्रोल के बावजूद कानूनी दायरा सिमटने के बजाय और बढ़ गया। सुप्रीम कोर्ट ने माफी को नामंजूर करते हुए SIT जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई जुलाई में होगी, तब तक शाह को गिरफ्तारी से राहत है।

ये खबर भी पढ़िए... विजय शाह मामले की SC में सुनवाई, कोर्ट ने SIT को जांच के लिए दिया वक्त, नहीं होगी मंत्री की गिरफ्तारी

जांच टीम भी सवालों के घेरे में

इधर, विवादित बयान की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के काम पर सवाल उठ रहे हैं। SIT ने वीडियो को जांच के लिए उस फॉरेंसिक लैब में भेजा था, जहां वीडियो की जांच की कोई सुविधा ही नहीं है।
SIT की रिपोर्ट में खुद यह स्वीकार किया गया है कि तकनीकी कारणों से वीडियो की जांच नहीं हो सकी। दरअसल, यह वीडियो भोपाल की एमपी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में भेजा गया था, लेकिन वहां केवल वॉयस एनालिसिस की सुविधा है, फुटेज की फॉरेंसिक जांच वहां हो ही नहीं सकती। इस चूक के चलते जांच की प्रक्रिया फिर टल गई और सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई में तय की है।

ये खबर भी पढ़िए... मंत्री विजय शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, SIT की रिपोर्ट पर होगी चर्चा

खंडवा में फील्ड विजिबिलिटी की कोशिश

लगभग 20 दिन के राजनीतिक और प्रशासनिक गैप के बाद विजय शाह हाल ही में खंडवा में रेप पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचे। इसे उनकी सक्रियता की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन क्या यह पर्याप्त है? क्या केवल जमीनी उपस्थिति से कैबिनेट और विभागीय निर्णयों का खालीपन भर सकता है?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से विजय शाह को लेकर अभी कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। लगातार दो महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठकों से गैरहाजिरी और विभागीय निर्णयों की ठहराव ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकार ने उन्हें 'राजनीतिक क्वारंटीन' में डाल दिया है?

ये खबर भी पढ़िए... विजय शाह मामले में SIT की जांच पूरी, SC को सौंपेगी रिपोर्ट, मंत्रीजी से नहीं लिया बयान

नियम क्या कहता है?

सुनियोजित शासन प्रणाली में एक मंत्री के न होने से सिस्टम ठहरता नहीं, लेकिन रफ्तार जरूर धीमी पड़ती है। खासकर तब जब विभाग बिना राज्य मंत्री के चल रहा हो। ट्राइबल वेलफेयर जैसे संवेदनशील मंत्रालय में योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध न हो, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता होती है, बल्कि उस समाज के साथ भी अन्याय है जिसके लिए ये योजनाएं बनाई गई थीं। इसी के साथ ट्राइबल के कई स्कूल हैं, ऐसे में जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ अमला, शिक्षक और अन्य अधिकारी-कर्मचारी ट्रांसफर को लेकर असमंजस में हैं।

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें

📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • MP News
  • इंदौर
  • मध्य प्रदेश
  • कैबिनेट बैठक
  • मंत्री विजय शाह
  • पचमढ़ी
  • SIT
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • कर्नल सोफिया
अर्नब के बाद मुरासु का अटैक, एमपी में 5 नवंबर तक आंधी-बारिश का अलर्ट, CG में भी दिखेगा असर, जानें राजस्थान के हाल

By Aman Vaishnav

अर्नब के बाद मुरासु का अटैक, एमपी में 5 नवंबर तक आंधी-बारिश का अलर्ट, CG में भी दिखेगा असर, जानें राजस्थान के हाल
जबलपुर में भाजपा की बड़ी पदयात्रा, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दिखाएंगे ताकत, एक लाख लोगों के जुटने का दावा

By Ramanand Tiwari

जबलपुर में भाजपा की बड़ी पदयात्रा, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दिखाएंगे ताकत, एक लाख लोगों के जुटने का दावा
प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास कर छोड़ा सांसारिक मोह; पहले पूरा किया माता-पिता का सपना, अब चुना संन्यास

By Amresh Kushwaha

प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास कर छोड़ा सांसारिक मोह; पहले पूरा किया माता-पिता का सपना, अब चुना संन्यास
एमपी में एप्को पर आर्थिक संकट के सवाल, 8 करोड़ का अनुदान रुका तो कर्मचारियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता

By Ramanand Tiwari

एमपी में एप्को पर आर्थिक संकट के सवाल, 8 करोड़ का अनुदान रुका तो कर्मचारियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता
पत्नी की निजी जानकारी के लिए RTI का इस्तेमाल गलत, राजस्थान हाई कोर्ट ने बरकरार रखा तलाक

By Mukesh Sharma

पत्नी की निजी जानकारी के लिए RTI का इस्तेमाल गलत, राजस्थान हाई कोर्ट ने बरकरार रखा तलाक
मध्यप्रदेश में IAS के 68 पद खाली, 4 अफसरों को दिल्ली जाने से रोका; आखिर कब पूरी होगी अधिकारियों की कमी?

By Ramanand Tiwari

मध्यप्रदेश में IAS के 68 पद खाली, 4 अफसरों को दिल्ली जाने से रोका; आखिर कब पूरी होगी अधिकारियों की कमी?
मध्यप्रदेश में RTI के हजारों आवेदन अटके, 10 हजार 350 लोगों को अब तक नहीं मिली जानकारी, सरकारी जवाबदेही पर सवाल

By Ramanand Tiwari

मध्यप्रदेश में RTI के हजारों आवेदन अटके, 10 हजार 350 लोगों को अब तक नहीं मिली जानकारी, सरकारी जवाबदेही पर सवाल