धर्मग्रंथों में लिखा...दलित महिला से रेप करो, तीर्थ फल मिलेगा, कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान

Aman Vaishnav | Jan 17, 2026, 08:44 IST
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mla phool singh baraiya controversial statement
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दतिया की भांडेर सीट से कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया का एक और विवादित बयान सामने आया है। वह कहते हैं कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि अगर कोई तीर्थ यात्रा पर नहीं जा पा रहा है, तो उसे दलित आदिवासी महिला या बच्ची के साथ रेप करना चाहिए।

News In Short

  • कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने एक और विवादित बयान दिया है।
  • फूल सिंह बरैया ने रेप के पीछे धार्मिक ग्रंथों को जिम्मेदार बताया।
  • विधायक ने रुद्रयामल तंत्र किताब का हवाला दिया।
  • चुनाव जीतकर आने वाले जनप्रतिनिधियों की तुलना पट्टे वाले कुत्ते से की।
  • आदिवासियों को हिंदू धर्म छोड़कर सरना धर्म अपनाने की सलाह दी।

News In Detail

ये है विधायक का पूरा बयान

एक इंटरव्यू के दौरान कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया कहते नजर आ रहे हैं कि किसी और धर्म के ग्रंथों में लिखा है कि अगर कोई अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के साथ सहवास (शारीरिक संबंध बनाना) करता है, तो उसे काशी तीर्थ के बराबर पुण्य मिलता है।

जब उनसे पूछा गया कि यह बात कहां लिखी है, तो उन्होंने 'रुद्रयामल तंत्र' नामक किताब का हवाला दिया।



रेप थ्योरी पर छिड़ा विवाद

वीडियो में बरैया कह रहे हैं, भारत में सबसे ज्यादा रेप शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और ओबीसी समुदाय से होते हैं। रेप की जो थ्योरी है, वो ये है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे जैसे भी उसके दिमाग की हालत हो, यदि रास्ते में उसे कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए, तो उसका दिमाग विचलित हो सकता है और रेप हो सकता है।

आदिवासी, एससी समुदाय में ऐसी अति सुंदर महिलाएं कहां हैं? ओबीसी में भी ऐसी सुंदर महिलाएं कहां हैं? बलात्कार क्यों होता है? क्योंकि उनके धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं।

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अपराध के पीछे सोच

बरैया ने यह भी कहा कि रेप अकेला व्यक्ति नहीं करता, बल्कि चार-पांच लोग मिलकर करते हैं। उनका कहना था कि इसी सोच की वजह से चार महीने और दस महीने की बच्चियों तक के साथ रेप हो रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के दिमाग में यह रहता है कि शारीरिक संबंध बनाने से उन्हें तीर्थ का फल मिलेगा। यही वजह है कि एससी-एसटी-ओबीसी समाज की बच्चियां इस अपराध का शिकार हो रही हैं।

बरैया के बयान पर पलटवार

भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने बरैया के बयान पर ऐतराज जताया। कहा कि महिलाओं और धर्मग्रंथों को लेकर इस तरह की गलत बातें करना बहुत गलत है। उन्होंने बरैया को सीधी चुनौती दी कि वे सबूत दें कि आखिर किस शास्त्र या ग्रंथ में ऐसी बातें लिखी गई हैं।

सुमित्रा ने इस पूरे बयान को शर्मनाक बताते हुए इसकी निंदा की और मांग की है। साथ ही ये भी कहा कि इस मामले में उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मुझे लगता है फूल सिंह बरैया को ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए थी। उनकी यह टिप्पणी बिल्कुल भी सही नहीं है।

इस मामले में मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले की रेप एक जघन्य अपराध है जिसे किसी भी आधार पर जस्टिफाई नहीं किया जा सकता। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है, उसे किसी जाति या धर्म से देखना गलत है। विधायक जी, बलात्कार कोई बहस का मुद्दा नहीं बल्कि एक गंभीर अपराध है, और ऐसे घिनौने काम के पक्ष में तर्क देना भी एक तरह की हिंसा ही है। हम अपराधियों से तो लड़ लेंगे। आपकी ये दलीलें समाज की जड़ों को खोखला कर देंगी।

इससे पहले दिया था ये बयान

इससे पहले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने एक और विवादित बयान दिया था। इसमें उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति (SC-ST) के विधायक-सांसदों की तुलना 'पट्टे वाले कुत्ते' से कर दी। उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि संयुक्त निर्वाचन व्यवस्था (जॉइंट इलेक्टोरल) से चुनकर आने वाले हमारे प्रतिनिधि ऐसे हो जाते हैं जो न तो काट सकते हैं और न ही भौंक सकते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने आदिवासियों को हिंदू धर्म से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें 'सरना धर्म' अपनाना चाहिए, क्योंकि इसी रास्ते से उनकी मुक्ति संभव है।

विवादों से कांग्रेस नेता फूलसिंह बरैया का पुराना नाता

फूल सिंह बरैया, जो कभी बहुजन समाज पार्टी (BSP) को मध्यप्रदेश में ऊंचाइयों तक ले गए थे, अपने तीखे बयानों और विवादों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके बयानों ने कई बार राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हंगामा मचाया है। आइए, उनके कुछ विवादित बयानों पर नजर डालते हैं।

1. भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ा बयान

अगस्त 2024: सागर जिले की एक सभा में फूलसिंह बरैया ने कहा कि यदि उनकी सरकार होती तो वे सरकारी दफ्तरों में घुसकर भ्रष्ट अधिकारियों की चमड़ी खींच लेते। उन्हें जूते‑चप्पलों से पीटते। इस बयान से राज्य में हलचल मच गई थी। कई लोग इसे नकारात्मक तरीके से देख रहे थे।

2. ऊंची जातियों को लेकर तीखा बयान

2 अक्टूबर 2020: एक वायरल वीडियो में फूलसिंह बरैया ने कहा था कि यदि मुसलमान और दलित एकजुट हो जाएं तो 15 प्रतिशत सवर्णों को चिंता हो सकती है। बाहर से आए सवर्णों को देश से बाहर निकालने जैसी बात कही थी। इस पर साम्प्रदायिक और जातीय तनाव भड़काने का आरोप लगा था।

इसके अलावा, एक अन्य वीडियो में उन्होंने कथित रूप से कहा था कि सवर्ण घरों की महिलाओं को प्रसाद के नाम पर लड्डू खिलाकर उन्हें अछूत बना दिया जाए। इसे महिला‑विरोधी और जातिवादी टिप्पणी माना गया। चुनाव आयोग व पुलिस में इस पर शिकायत भी की गई थी।

3. जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए ‘शादियों वाला’ बयान

7 नवंबर 2025: फूलसिंह बरैया ने एक बयान में कहा था कि जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए क्षत्रिय लड़कियों की शादी ब्राह्मणों से और ब्राह्मण लड़कियों की शादी शूद्रों से करा दी जाए, तब जातिवाद की जड़ हिल जाएगी। इस बयान को लेकर भी फूलसिंह बरैया की आलोचना हुई थी।

4. भाजपा नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी

जुलाई 2023: फूलसिंह बरैया ने एक कार्यक्रम में प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद भाजपा ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस के भीतर भी इस पर असंतोष देखा गया।

5. चुनाव के दौरान विवादित भाषणों पर शिकायत

2020 के विधानसभा उपचुनाव: भंडेर सीट से उम्मीदवार रहते हुए फूलसिंह बरैया के दो भाषणों के वीडियो वायरल हुए। इन भाषणों में जातिवादी और महिला‑विरोधी टिप्पणियां की गईं। सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने चुनाव आयोग और पुलिस को शिकायत भी भेजी। इसमें कहा गया कि ये बयान साम्प्रदायिक‑जातीय तनाव भड़का सकते हैं और महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा कर सकते हैं।

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SC-ST के सांसद-विधायक कुत्तों जैसे- कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान

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