SC-ST के सांसद-विधायक कुत्तों जैसे- कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान

कांग्रेस MLA फूल सिंह बरैया का बयान विवादों में घिर गया है। उन्होंने SC-ST के सांसदों और विधायकों की तुलना कुत्तों से की और कहा कि ये जनप्रतिनिधि अपनी बात रखने में असमर्थ हैं।

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Anjali Dwivedi
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News In Short

  • कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया का बयान विवादों में है।
  • उन्होंने SC-ST विधायकों और सांसदों को मुंह बंद कुत्तों से तुलना की।
  • बरैया ने कहा कि जॉइंट इलेक्टोरल से चुने गए सांसदों को अपनी बात रखने में परेशानी होती है।
  • उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी हिंदू नहीं बनने चाहिए।
  • बरैया ने कहा कि भारत में जाति और धर्म का प्रभाव होने से सामाजिक समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं।

News In Detail

कांग्रेस विधायक का विवादित बयान

मध्य प्रदेश की भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के सांसदों और विधायकों की तुलना मुंह बंद कुत्तों से की है। उनका यह बयान कांग्रेस की डिक्लेरेशन-2 ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक के दौरान आया, जो 12-13 जनवरी 2026 को भोपाल में हुई थी।

'SC-ST के प्रतिनिधि कुछ भी नहीं कर पाते'

बरैया ने जॉइंट इलेक्टोरल प्रोसेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रणाली से चुने गए SC-ST के प्रतिनिधि कुछ भी नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि ये प्रतिनिधि अपने विचार रखने में असमर्थ हैं, ऐसे कुत्ते जिनके मुंह पर पट्टी बंधी हो। उनका यह भी कहना था कि बाबा साहब अंबेडकर ने पहले ही इस समस्या का अनुमान लगाया था।

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विवादों से फूलसिंह बरैया का पुराना नाता

फूल सिंह बरैया, जो कभी बहुजन समाज पार्टी (BSP) को मध्यप्रदेश में ऊंचाइयों तक ले गए थे, अपने तीखे बयानों और विवादों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके बयानों ने कई बार राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हंगामा मचाया है। आइए, उनके कुछ विवादित बयानों पर नजर डालते हैं:

1. भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ा बयान

अगस्त 2024
सागर जिले की एक सभा में फूलसिंह बरैया ने कहा कि अगर उनकी सरकार होती तो वे सरकारी दफ्तरों में घुसकर भ्रष्ट अधिकारियों की चमड़ी खींच लेते और उन्हें जूते‑चप्पलों से पीटते। इस बयान से राज्य में हलचल मच गई और कई लोग इसे नकारात्मक तरीके से देख रहे थे।

2. ऊंची जातियों को लेकर तीखा बयान

2 अक्टूबर 2020
एक वायरल वीडियो में फूलसिंह बरैया ने कहा था कि अगर मुसलमान और दलित एकजुट हो जाएं तो 15 प्रतिशत सवर्णों को चिंता हो सकती है और बाहर से आए सवर्णों को देश से बाहर निकालने जैसी बात कही थी। इस पर साम्प्रदायिक और जातीय तनाव भड़काने का आरोप लगा था।

इसके अलावा, एक अन्य वीडियो में उन्होंने कथित रूप से कहा था कि सवर्ण घरों की महिलाओं को 'प्रसाद' के नाम पर लड्डू खिलाकर उन्हें अछूत बना दिया जाए। इसे महिला‑विरोधी और जातिवादी टिप्पणी माना गया, और चुनाव आयोग व पुलिस में इस पर शिकायत भी की गई।

3. जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए ‘शादियों वाला’ बयान

7 नवंबर 2025
फूलसिंह बरैया ने एक बयान में कहा कि जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए क्षत्रिय लड़कियों की शादी ब्राह्मणों से और ब्राह्मण लड़कियों की शादी शूद्रों से करा दी जाए, तब जातिवाद की जड़ हिल जाएगी। इस बयान को लेकर भी आलोचना हुई।

4. भाजपा नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी

जुलाई 2023
फूलसिंह बरैया ने एक कार्यक्रम में प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद भाजपा ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, और कांग्रेस के भीतर भी इस पर असंतोष देखा गया।

5. चुनाव के दौरान विवादित भाषणों पर शिकायत

2020 के विधानसभा उपचुनाव
भंडेर सीट से उम्मीदवार रहते हुए फूलसिंह बरैया के दो भाषणों के वीडियो वायरल हुए। इन भाषणों में जातिवादी और महिला‑विरोधी टिप्पणियां की गईं। सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने चुनाव आयोग और पुलिस को शिकायत भेजी, जिसमें कहा गया कि ये बयान साम्प्रदायिक‑जातीय तनाव भड़का सकते हैं और महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा कर सकते हैं।

फूलसिंह बरैया के इन विवादित बयानों ने हमेशा राजनीति में हलचल मचाई है। उनके बयानों पर विपक्षी दलों से लेकर सोशल मीडिया तक विरोध दर्ज किया जाता रहा है। 

आदिवासी हिंदू नहीं बनने चाहिए

बरैया ने यह भी कहा कि हमें यह कोशिश करनी चाहिए कि आदिवासी हिंदू न बन पाएं। उन्होंने आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर चिंता जताई और कहा कि अगर आदिवासी अपने मूल धर्म की ओर लौटें, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं।

जाति और धर्म के मुद्दे पर बयान

विधायक बरैया ने 1949 में संविधान सभा के भाषण का हवाला देते हुए कहा कि, बाबा साहब की चिंता यह थी कि देश के ऊपर जाति और धर्म का प्रभुत्व न हो। उन्होंने कहा कि आज जाति और धर्म का प्रभाव इतना बढ़ चुका है कि वास्तविक समस्याओं का समाधान मुश्किल हो गया है।

धर्म और समाज में विभाजन

बरैया ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर समाज को 6 हजार 743 जातियों में बांटा गया है। जिससे दलितों को शिक्षा से वंचित रखा गया और उन्हें अमानवीय सजाएं दी गईं। उनका मानना है कि इससे सामाजिक असमानता बढ़ी और आज भी यह समस्या मौजूद है।

निष्कर्ष

भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। उनका यह बयान समाज के विभिन्न वर्गों के बीच असहमति और संघर्ष को बढ़ावा देने वाला हो सकता है। वहीं, इसे कांग्रेस पार्टी के भीतर भी एक नई बहस का कारण बन सकता है।

FAQ

फूल सिंह बरैया ने अपने बयान में SC-ST के सांसदों और विधायकों के बारे में क्या कहा था?
फूल सिंह बरैया ने कहा था कि SC-ST के सांसदों और विधायकों को अपनी बात रखने में परेशानी होती है, वे मुंह बंद कुत्तों की तरह होते हैं।
विधायक फूल सिंह बरैया ने आदिवासी हिंदू बनने के खिलाफ क्यों बोला?
उन्होंने कहा कि आदिवासी हिंदू न बने, क्योंकि यह उनके लिए सही नहीं है और इससे उनकी पहचान और अधिकारों को नुकसान हो सकता है।
बरैया ने संविधान सभा के भाषण का संदर्भ क्यों दिया?
उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर के भाषण का हवाला दिया, जिसमें जाति और धर्म के प्रभुत्व से देश के विकास पर असर पड़ने की चिंता जताई थी।

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