पीएम मोदी के 12 साल: सेवा और सुशासन से कैसे बन रहा है नया भारत?

Manya Jain | Jun 10, 2026, 18:54 IST
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Modi 12  saal mp mohan yadav
Modi 12 saal mp mohan yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने PM मोदी के 12 वर्षों की शासन-यात्रा का विश्लेषण करते हुए बताया कि सेवा, सुशासन और संकल्प से कैसे मध्यप्रदेश और देश बदल रहा है।

सभी को साथ लेकर चलना और देश को सुरक्षा देने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खूबियों ने ही नए भारत के निर्माण का स्वप्न लिखा है।

2014 में जब पहली बार उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब देश की जनता ने केवल एक सरकार नहीं चुनी थी। बल्कि कांग्रेस की एक नई कार्यशैली और राजनीतिक संस्कृति की अपेक्षा भी व्यक्त की थी।

बारह वर्ष: सिर्फ योजनाएं नहीं, दृष्टिकोण

बारह वर्ष बाद इस यात्रा को केवल योजनाओं, आंकड़ों और उपलब्धियों के आधार पर नहीं, बल्कि उस व्यापक दृष्टिकोण के आधार पर समझना अधिक उचित होगा, जिसने शासन की सोच को प्रभावित किया।

यदि इन बारह वर्षों को 3 शब्दों में समेटना हो, तो वे शब्द होंगे- सेवा, सुशासन और संकल्प।

जनता के सेवक की भूमिका

मोदी की सोच है कि वे केवल देश के पीएम नहीं हैं, बल्कि वे स्वयं को जनता का संरक्षक और सेवक मानते हैं। इस दृष्टि से पिछले बारह वर्षों में शासन की प्राथमिकताओं में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की उन्होंने चिंता की है। यही सोच पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद में भी दिखाई देती है।

सुशासन का व्यावहारिक अर्थ क्या है?

सीएम मोहन यादव कहते हैं कि सुशासन से मोदी का अर्थ सरकार को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाना है। डिजिटल तकनीक का उपयोग इसी सोच का हिस्सा था।

शासन और नागरिक के बीच की दूरी कम करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा निर्णयों को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए जो लगातार जारी हैं।

मुझे यह बताते हुए खुशी है कि मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो लोकतंत्र में संवाद को आवश्यक मानते हैं। उनका समय-समय पर अलग-अलग वर्गों से सीधा संवाद करना अद्भुत है। वे युवाओं के लिए अभिभावक की भूमिका भी निभाते हैं। परीक्षा पर चर्चा और मन की बात से वे आमजन के मन पर गहरी छाप छोड़ते हैं।

बड़े निर्णय कैसे पहुंचे समाधान तक?

प्रधानमंत्री की कार्यशैली में यह स्पष्ट दिखाई देता है कि बड़े निर्णयों को समाधान तक कैसे पहुंचाया जाए। दरअसल, इसे ही निर्णायक नेतृत्व कहते हैं। मोदी सरकार ने विकसित भारत को राष्ट्रीय संकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। यह संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है।

आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव

इसके भीतर आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव की भावना भी जुड़ी हुई है। यह दृष्टिकोण भारतीय समाज में एक नए आत्मविश्वास का निर्माण करता है।

न्हीं की प्रेरणा से हमने भी मध्यप्रदेश का सपना विकसित किया है। इस सपने को पूरा करने में हर कदम पर हर निर्णय पर उनका मार्गदर्शन, स्नेह और आशीर्वाद मिला।

MP में विकास: चाहे पार्वती-कालीसिंध हो

चाहे वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो या पीएम मित्र पार्क, उन्होंने आगे बढ़कर परेशानियों को दूर किया। उनके जैसा नेतृत्व दुर्लभ देखा है। हाल ही में देश के सात राज्यों में पीएम मित्र पार्क बनाने का निर्णय हुआ, तो उस सूची में मध्यप्रदेश को भी रखा गया।

प्रसन्नता का विषय: MP में PM मित्र पार्क

यह प्रसन्नता का विषय है कि अब तक सिर्फ मध्यप्रदेश में ही पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन हुआ, जिसमें खुद प्रधानमंत्री शामिल हुए।

पिछले बारह वर्षों में साइबर तहसील का सफल क्रियान्वयन, भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल हो या प्रदेश में नौ एयरपोर्ट होना सब उनके मार्गदर्शन में संभव हुआ।

सभी 55 जिलों में अग्रणी सरकारी कॉलेज

सभी 55 जिलों में अग्रणी सरकारी कॉलेजों को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना हो या हाइवे का विकास हो, हर मोर्चे पर उन्होंने आगे बढ़कर रुचि दिखाई।

भारतीयता और विरासत का पुनर्जागरण

पिछले बारह वर्षों में भारतीयता, विरासत और सभ्यता पर गर्व करने का भाव अधिक मुखर होकर सामने आया है।
यह विचार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की हज़ारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक यात्रा को आधुनिक राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रयास भी है।

अयोध्या से काशी और विश्व मंचों तक

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, काशी का पुनर्निर्माण हो, या विश्व मंचों पर भारतीय परंपराओं और योग का प्रचार- इन सभी के पीछे वही सांस्कृतिक आत्मविश्वास का भाव दिखाई देता है। उनसे प्रेरणा प्राप्त कर मध्यप्रदेश भी अपनी विरासत को संजो रहा है।

नक्सलवाद: हिंसा नहीं, पुनर्वास का रास्ता

उन्होंने समय-समय पर समझाया, तो चेताया भी। उन्होंने कहा कि गोली का जवाब गोली से दो पर जो लोग बंदूक-हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, उनके लिए बेहतर से बेहतर पुनर्वास की व्यवस्था भी हो। उनकी चेतावनी का ही सुफल है कि आज मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त हो चुका है।

MP में उद्योग और निवेश का नया युग

मध्यप्रदेश में उद्योगों का जाल बिछ रहा है, लाखों करोड़ का निवेश हो रहा है। सभी 55 जिलों में अग्रणी सरकारी कॉलेजों को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश भी अपनी विरासत को संजो रहा है।

FAQ

  1. मोदी सरकार के 12 वर्षों की मुख्य उपलब्धियां क्या हैं?
    मोदी सरकार ने 12 वर्षों में डिजिटल गवर्नेंस, बुनियादी ढांचा विकास, आत्मनिर्भर भारत और सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर काम किया। अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं पहुंचाना प्रमुख लक्ष्य रहा।
  2. मध्यप्रदेश में पीएम मित्र पार्क क्या है?
    पीएम मित्र (PM MITRA) टेक्सटाइल पार्क योजना के तहत मध्यप्रदेश में पार्क स्थापित किया जा रहा है जिसका भूमिपूजन स्वयं प्रधानमंत्री ने किया। यह रोजगार और निवेश के लिए महत्वपूर्ण है।
  3. मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त कैसे हुआ?
    प्रधानमंत्री मोदी की नीति के तहत हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी से दिया गया। इससे मध्यप्रदेश नक्सल प्रभाव से काफी हद तक मुक्त हुआ।
  4. पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस योजना क्या है?
    मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में अग्रणी सरकारी कॉलेजों को पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है।
  5. विकसित भारत संकल्प का क्या अर्थ है?
    विकसित भारत 2047 संकल्प केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक गौरव और तकनीकी प्रगति के समन्वय से एक सशक्त राष्ट्र बनाने का विज़न है।
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