क्या चुनाव में दिख सकता है कॉकरोच सिंबल, जानिए इलेक्शन कमीशन के नियम?

Jinesh Jain | Jun 10, 2026, 16:01 IST
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कॉकरोच जनता पार्टी
Photograph: (the sootr)

सवाल है कि क्या किसी राजनीतिक दल को कॉकरोच चुनाव चिन्ह मिल सकता है। इस पर चुनाव आयोग के नियम क्या कहते हैं, नई पार्टियों के पास सिंबल के क्या विकल्प मौजूद हैं? आइए समझते हैं पूरे मामले को:

​Jaipur: पिछले महीने एक सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की थी कि बेरोजगार युवाओं का एक हिस्सा कॉकरोच (तिलचट्टे) बन गया है। बस फिर क्या था, तब से इस कीड़े की तस्वीर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के लिए विरोध का प्रतीक बन गई है।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के मुताबिक यह कोई राजनीतिक दल नहीं बल्कि युवाओं का एक प्रेशर ग्रुप है। दीपके ने भविष्य में चुनाव आयोग (EC) के पास एक राजनीतिक दल के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने की संभावना से इनकार नहीं किया है, लेकिन फिलहाल इस ग्रुप की मौजूदगी ऑनलाइन है। हाल ही में 6 जून को इस ग्रुप ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना पहला विरोध प्रदर्शन भी किया।

​लेकिन, मान लेते हैं कि अगर CJP भविष्य में एक पार्टी के रूप में रजिस्टर हो भी जाती है और चुनाव चिन्ह के रूप में कॉकरोच की मांग करती है, तो भी चुनाव आयोग द्वारा इसे यह सिंबल दिए जाने की उम्मीद न के बराबर है।

​क्या कहते हैं चुनाव आयोग के नियम?

​चुनाव आयोग चुनाव चिन्ह (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के तहत पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित करता है।

इस आदेश के अनुसार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पार्टियों के उम्मीदवारों को उनकी पार्टियों का आरक्षित चिन्ह दिया जाता है-जैसे भाजपा के लिए कमल या कांग्रेस के लिए हाथ का पंजा।

​गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियां (वे पार्टियां जो रजिस्टर्ड तो हैं लेकिन जिन्होंने राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए जरूरी चुनावी प्रदर्शन नहीं किया है) या निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव आयोग फ्री सिंबल्स (मुक्त चुनाव चिन्हों) की एक सूची से सिंबल बांटता है।

ये उम्मीदवार और पार्टियां इस लिस्ट में से अपनी पसंद के सिंबल की मांग कर सकते हैं, लेकिन उन्हें वह सिंबल मिल ही जाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

​किस तरह के चुनाव चिन्हों की है इजाजत?

​मुक्त चुनाव चिन्हों की इस लिस्ट में (जिसे चुनाव आयोग समय-समय पर बदलता रहता है) फल, सब्जियां, घरेलू उपकरण, खेती और खेलकूद के सामान जैसी चीजें शामिल होती हैं। चुनाव आयोग द्वारा 23 मई 2025 को जारी की गई ताजा लिस्ट में 184 सिंबल शामिल हैं।

इनमें एयर-कंडीशनर, गुब्बारा, डोर बेल, कूड़ेदान (डस्टबिन), फ्राइंग पैन, कटहल और अंगूर जैसे सिंबल शामिल हैं। ​इसके अलावा इमर्शन रॉड (पानी गर्म करने वाली रॉड), कुंडी (लैच), मिक्सर, टूथब्रश और टीवी रिमोट जैसे घरेलू सामान भी इस लिस्ट का हिस्सा हैं। खाने-पीने की कई चीजें जैसे केक और टॉफियां भी उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध हैं।

एक देश, दो दावेदार

चुनाव आयोग की लिस्ट में यह भी साफ किया गया है कि कुछ सिंबल्स को कुछ खास राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर बाकी हर जगह खुलकर आवंटित किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए सेब का सिंबल अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, पुडुचेरी, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में किसी भी पार्टी को दिया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन राज्यों में यह सिंबल पहले से ही किसी मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय पार्टी को मिला हुआ है।

क्या कॉकरोच बन सकता है चुनावी सिंबल?

​जवाब है- नहीं। 1990 के दशक में पशु कल्याण कार्यकर्ताओं (animal welfare activists) की अपील के बाद चुनाव आयोग ने जानवरों और जीव-जंतुओं को चुनाव चिन्ह के रूप में बांटना बंद कर दिया था।
​
पूर्व केंद्रीय मंत्री और पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) की संस्थापक मेनका गांधी ने अपनी वेबसाइट पर एक पोस्ट में इसका जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि 1989 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जे. जयललिता की अगुवाई वाले AIADMK धड़े को मुर्गा चुनाव चिन्ह मिला था।

उनके दावे के मुताबिक चुनाव प्रचार के दौरान तेज रफ्तार गाड़ियों के ऊपर हजारों मुर्गों को बांध दिया गया था, जिससे हर शाम पूरे तमिलनाडु की सड़कों पर हजारों मरे हुए मुर्गे बिखरे मिलते थे।
​

इस बैन से पहले बनी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) आज भी अपना चुनाव चिन्ह हाथी बरकरार रखे हुए है, जो इस नियम के गिने-चुने अपवादों में से एक है।

​चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि जानवरों को सिंबल न देने के मौजूदा स्टैंड को देखते हुए अगर कोई कॉकरोच सिंबल मांगता भी है, तो उसे यह मिलना नामुमकिन है।

FAQ

  1. भारत में राजनीतिक दलों को चुनाव चिन्ह कौन बांटता है?
    चुनाव चिन्ह (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के तहत चुनाव आयोग राजनीतिक पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित करता है।
  2. अभी कितने तरह के चुनाव चिन्ह तय हैं?
    चुनाव आयोग ने 23 मई 2025 को जारी की सूची में 184 सिंबल शामिल किए हैं। मुक्त चुनाव चिन्हों की इस लिस्ट में फल, सब्जियां, घरेलू उपकरण, खेती और खेलकूद के सामान जैसी चीजें शामिल हैं। यह लिस्ट समय-समय पर बदलती रहती है।
  3. क्या पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को कॉकरोच सिंबल मिल सकता है?
    चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि जानवरों को सिंबल न देने के मौजूदा स्टैंड को देखते हुए अगर कोई कॉकरोच सिंबल मांगता भी है, तो उसे यह मिलना नामुमकिन है।

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