मोहन यादव ने उज्जैन में रात रुककर तोड़ा मिथक, शिवराज छोड़ देते थे शहर

Ravi Kant Dixit | Dec 13, 2024, 15:07 IST
Share
mohan yadav ujjain news mahakal temple
mohan yadav ujjain news mahakal temple

उज्जैन में CM मोहन यादव ने महाकाल मंदिर में रात रुकने के ऐतिहासिक मिथक को तोड़ा। इससे पहले यह मान्यता थी कि कोई भी राजा, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री महाकाल की नगरी में रात नहीं रुक सकते।

आज से एक साल पहले तक कहा जाता था कि उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर की परिधि में कोई भी राजा, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री रात नहीं रुक सकता है। यदि किसी ने ऐसा किया तो उसे बाबा महाकाल के क्रोध का सामना करना पड़ेगा, पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मिथक को तोड़ दिया।

13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के पांच दिन बाद 17 दिसंबर को उन्होंने उज्जैन में ही अपने गृहनगर उज्जैन के गीता कॉलोनी स्थित निवास रात्रि विश्राम किया था। इससे पहले के कई मुख्यमंत्रियों ने उज्जैन में रात नहीं बिताई। यहां तक कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उज्जैन में रात गुजारने से परहेज किया।

सीएम ने जब बताई इसके पीछे की वजह

3a8429c6-d6d
3a8429c6-d6d


बतौर मुख्यमंत्री उज्जैन में रात्रि विश्राम पर सीएम डॉ.मोहन यादव का कहना है कि तत्कालीन राजा महादजी सिंधिया के निधन के बाद दौलत राव सिंधिया राजधानी को उज्जैन से ग्वालियर ले जाना चाहते थे। 1812 में वे राजधानी तो ले ही गए, धीरे से एक मंत्र फूंक गए कि यहां (उज्जैन) कोई राजा रात को नहीं रहेगा, जिससे कोई कब्जा करने नहीं आए। यह उनकी राजनीतिक रणनीति थी। अब हम भी कहते हैं कि राजा रात नहीं रहेगा। अरे, राजा तो बाबा महाकाल हैं, हम सब तो बेटे हैं उनके, क्यों रात नहीं रहेंगे?

बाबा तो जन्म देने वाले हैं: सीएम

सीएम डॉ.मोहन यादव कहते हैं, ब्रह्मांड में कहां कोई बच सकता है, अगर महाकाल ने टेढ़ी निगाह कर ली तो? बाबा तो जन्म देने वाले हैं। आशीर्वाद देने वाले हैं। ये बात सही है कि लोग अपने हिसाब से तो मुख्यमंत्री कहेंगे, लेकिन मैं तो मुख्य सेवक के रूप में ही काम कर रहा हूं। इस तरह मोहन यादव ने उज्जैन में रात बिताने का मिथक तोड़ दिया। वे तब से लगातार जब भी उज्जैन पहुंचते हैं तो अपने निवास पर ही रात्रि विश्राम करते हैं।

ये खबर भी पढ़ें...

मोहन सरकार को आज एक साल पूरा, CM यादव ने दिया हर सवाल का जवाब, जानें

हार्ड हिन्दुत्व की राह पर मोहन, MP में प्रार्थना,आराधना से एनकाउंटर तक

क्या उज्जैन में रुकने से बदलती है किस्मत?

9993cd4a-0b1
9993cd4a-0b1


उज्जैन की गलियों में गूंजती प्राचीन मान्यता कहती है कि महाकाल की नगरी में कोई भी राजा, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री रात्रि विश्राम नहीं करता। यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि उज्जैन के इतिहास में गहराई से जड़ें जमाए हुए है। महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों और विद्वानों का मानना है कि यह परंपरा आदिकाल से चली आ रही है। राजा विक्रमादित्य के समय से माना गया कि महाकाल स्वयं राजा हैं और उनके अधिकार क्षेत्र में कोई अन्य शासक रात नहीं रुक सकता। यह सम्मान और भक्ति का प्रतीक है। मंदिर पर फहराने वाली धर्मध्वजा की छाया से आगे बढ़कर रात बिताना अनिष्टकारी माना गया।

सिंधिया परिवार और अन्य VVIP की परंपरा

महाकाल मंदिर का वैभव लौटाने का श्रेय इस सिंधिया राजा को, जानिए पूरी कहानी
महाकाल मंदिर का वैभव लौटाने का श्रेय इस सिंधिया राजा को, जानिए पूरी कहानी


गौरतलब है कि ग्वालियर रियासत के सिंधिया राजवंश ने महाकाल मंदिर के निर्माण और पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राणोजी सिंधिया ने मौजूदा मंदिर का स्वरूप 150 साल पहले बनवाया, जिसे समय-समय पर महाराज महादजी शिंदे और महारानी बायजाबाई ने सजाया-संवारा। हालांकि, इतिहास गवाह है कि ग्वालियर राजघराने के सदस्य उज्जैन में रात्रि विश्राम से परहेज करते रहे हैं। आज भी ज्योतिरादित्य सिंधिया इस परंपरा का पालन करते हैं।

मोरारजी देसाई और येदियुरप्पा के किस्से

तब पाकिस्तान पर भड़के थे पूर्व पीएम मोरारजी देसाई, कहा था-बर्बाद कर देंगे -  News18 हिंदी
तब पाकिस्तान पर भड़के थे पूर्व पीएम मोरारजी देसाई, कहा था-बर्बाद कर देंगे - News18 हिंदी


उज्जैन में रात रुकने की मान्यता को लेकर चर्चाएं तब और तेज हुईं, जब इस पर अतीत में बड़े नेताओं को लेकर घटनाएं जुड़ीं। भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई एक बार उज्जैन में रात रुके थे। इसके बाद उनकी सरकार गिर गई और उन्हें पद से इस्तीफा देना पड़ा। कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी उज्जैन में रात बिताई। 20 दिन बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था।

सिंहस्थ महाकुंभ और VVIP

2016 में सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस परंपरा का पालन करते हुए हर रात उज्जैन छोड़कर इंदौर में बिताई। वे यूं तो दिनभर उज्जैन में रहते थे, लेकिन रात 12 बजे से पहले उज्जैन की सीमा छोड़ देते थे। यही नहीं, भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह भी उज्जैन में रात रुकने से बचे और यात्रा का पड़ाव शहर की सीमा से बाहर रखा था।

इस खबर से जुड़े सामान्य सवाल

  1. क्या उज्जैन में रात रुकने का कोई धार्मिक महत्व है?
    हां, उज्जैन में रात रुकने को धार्मिक आस्था से जोड़ा गया है। इसे महाकाल के क्रोध से बचने के रूप में देखा जाता है।
  2. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में रात क्यों बिताई?
    डॉ. यादव ने महाकाल के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने और एक ऐतिहासिक मिथक को तोड़ने के लिए उज्जैन में रात बिताई।
  3. क्या यह मिथक सिर्फ उज्जैन तक सीमित था?
    नहीं, यह मिथक अन्य शहरों और राज्य की राजनीति से भी जुड़ा था, जहां यह माना जाता था कि महाकाल की नगरी में रात रुकने से राजनीतिक संकट आ सकता है।
  4. क्या सिंधिया परिवार ने कभी उज्जैन में रात बिताई?
    नहीं, ग्वालियर के सिंधिया परिवार ने हमेशा इस परंपरा का पालन किया और उज्जैन में रात नहीं बिताई।
  5. क्या उज्जैन में रात रुकने से राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ता है?
    यह एक मान्यता है, जो ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ी हुई है। कुछ नेताओं ने उज्जैन में रात बिताने के बाद अपनी राजनीतिक स्थिति में गिरावट महसूस की है।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • शिवराज सिंह चौहान
  • Ujjain News
  • उज्जैन न्यूज
  • Mahakal Temple
  • महाकाल मंदिर
  • मोहन यादव
  • उज्जैन महाकाल मंदिर
  • Mohan Yadav
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया
  • मध्य प्रदेश
  • सिंहस्थ महाकुंभ
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा