/sootr/media/media_files/2026/01/02/cm-mohin-yadav-2026-01-02-15-59-13.jpg)
Bhagirathapura incident
Indore. इंदौर के भागीरथपुरा कांड में 15 मौत के बाद आखिरकार सीएम मोहन यादव ने बड़ों को भी रडार पर ले लिया है। निगमायुक्त आईएएस दिलीप यादव को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। साथ ही आईएएस अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया हटाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही नगर निगम में 17 साल से प्रतिनियुक्ति पर जमे और लगातार जल वितरण काम देख रहे कार्यपालन इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से भी काम वापस लिया जाएगा।
सीएम ने यह दी जानकारी
सीएम डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट किया। उन्होंने आज सुबह मुख्य सचिव और अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण पर राज्य सरकार की कार्रवाई की समीक्षा की। आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।
आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस…
इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए।
इंदौर भागीरथपुरा कांड अब ठंडा करने की कवायद, दो अधिकारी और मिलेंगे, बड़ों को बचाएंगे
भागीरथपुरा कांड: सीएम ने ली बैठक, बोले-जरूरत पड़ेगी तो बड़ी कार्रवाई करेंगे
इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से ही हुई मौत, सैंपल की जांच रिपोर्ट से खुलासा, अब तक 14 मौत
महापौर ने घेरा था सिसोनिया को
इस मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आईएएस रोहित सिसोनिया को घेरा था। उन्होंने लगातार कहा था कि एक ही चेहते व्यक्ति को निगमायुक्त ने सारे काम दे रखे हैं। इसके चलते सारे काम ठप हो गए हैं। अधिकारियों की कमी से ज्यादा सही तरीके से कार्य विभाजन की बात है, जो नहीं की गई है।
इसके बाद एसीएस ने एक दिन इंदौर में रहकर सभी हालातों को समझा और फिर सीएम को रिपोर्ट दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सीएम ने यह निर्देश दिए हैं। जल्द ही दो-तीन नए अधिकारियों की नियुक्ति इंदौर में होगी। श्रीवास्तव भी साल 2007-08 से प्रतिनियुक्ति पर इंदौर नगर निगम में जल प्रदाय शाखा देख रहे हैं। केवल बीच में तीन-चार माह के लिए हटे थे बाकी फिर वहीं जमा हो गए थे।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us