कौन है अवर सचिव अजय सिंह, जिसने एमपी में निगम-मंडलों की व्यवस्था को हिला डाला
Jitendra Shrivastava | May 10, 2026, 17:12 IST
Photograph: (thesootr)
एमपी में अवर सचिव अजय सिंह के फर्जी आदेशों से निगम-मंडलों में उथल-पुथल मची हुई है। संदीप जैन और वीरेंद्र गोयल के संदिग्ध नियुक्ति पत्रों पर अफसरों की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।
एमपी अजब है, सबसे गजब है... इस तर्ज पर चलने वाले मध्यप्रदेश में क्या-क्या अजीब हो रहा है... इसकी बानगी आप 'द सूत्र' की खबर..."फर्जी आदेश पर अध्यक्ष बने वीरेंद्र गोयल..." में पढ़ ही चुके हैं। अब इसी तरह का फर्जी आदेश जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी सामने आया है और जारीकर्ता वही अजय सिंह हैं। इस पत्र में भी इनका पद अवर सचिव लिखा हुआ है, जबकि इस नाम का अफसर मंत्रालय में है ही नहीं!
वीरेंद्र गोयल के नाम निकले फर्जी पत्र की खबर पढ़ें
पहली बात तो यह कि संदीप जैन को ही जबलपुर प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन जो आदेश वायरल हो रहा है वो फर्जी है। बता दें कि सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए जारी हुआ वीरेंद्र गोयल का तो पत्र फर्जी था ही, साथ ही उनको अब तक ऑफिशियल अध्यक्ष भी नहीं बनाया गया है। क्योंकि सिंगरौली विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष को ही अब तक नहीं हटाया गया है।
जबलपुर के नवनियुक्त JDA अध्यक्ष संदीप जैन से जब द सूत्र ने बात की और सोशल मीडिया में वायरल हुए फर्जी पत्र की जानकारी दी तो उन्होंने असली नियुक्ति पत्र हमसे साझा किया। हालांकि इसके पहले पूरे शहर में फर्जी पत्र ही वायरल हो रहा था।
![fake appointments (2)]()
इधर सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए वीरेंद्र गोयल के नाम से जो आदेश पत्र जारी हुआ, वह तो नकली है ही। दूसरी तरफ गोयल को अब तक अध्यक्ष नहीं बनाया गया है। यानी यहां अभी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है।
![fake appointments]()
इस मामले में गफलत यह है कि जब प्रदेश के सारे निगम-मंडलों को भंग करने का आदेश जारी हुआ, तब सरकार सिंगरौली विकास प्राधिकरण को भंग करना ही भूल गई। अब इस फर्जी नियुक्ति आदेश के वायरल होने के बाद मंत्रालय में हड़कंप मचा है।
हुआ यूं कि 13 फरवरी 2024 को सीएम मोहन यादव के निर्देश के बाद प्रदेश के निगम-मंडल के अशासकीय पदाधिकारियों की नियुक्तियां निरस्त कर दी गई थीं। इस पत्र में भी जिन 46 निगम-मंडलों की सूची लगाई गई थी, तब भी अफसरों ने नियम-कायदों को देखे बिना आंख बंद करके रेरा को इस लिस्ट में शामिल कर दिया था और साहब लोग सिंगरौली विकास प्राधिकरण का नाम लिखना ही भूल गए।
ऐसे में सिंगरौली विकास प्राधिकरण में तकनीकी तौर पर अभी भी दिलीप शाह ही अध्यक्ष हैं। मजेदार यह है कि दिलीप शाह न सिर्फ अध्यक्ष हैं, बल्कि वे सरकार से फंड लेकर करोड़ों के काम भी करवाते रहे।
बताया जा रहा है कि इसी पेंच के चलते सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नए अध्यक्ष का नाम अटका हुआ है; क्योंकि पहले पुराने अध्यक्ष को हटाने का नोटिफिकेशन जारी होगा। ऐसे में अंदर ही अंदर इस गलती को सुधारने की तैयारी चल रही है। इधर फर्जी चिट्ठी के आधार पर वीरेंद्र गोयल के नाम के होर्डिंग-पोस्टर तक लग गए और खुद गोयल वरिष्ठ नेताओं से आशीर्वाद लेते रहे।
Thesootr सभी तथ्यों की पड़ताल के बाद आपको बता रहा है कि सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष के लिए वीरेंद्र गोयल के नाम का पत्र अभी तक निकला ही नहीं है। बस एक पत्र वायरल हुआ और प्रदेश में लगातार हुई नियुक्तियों की बधाई के शोर में किसी ने जांचने तक की जहमत न उठाई। जबकि इस चिट्ठी में ही कई झोल साफ दिख रहे हैं। आइए हम बताते हैं-
जब संबंधित मंत्रालय से वीरेंद्र गोयल के सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष बनने की चिट्ठी जारी ही नहीं हुई, तो यह फर्जी पत्र किसने तैयार करवाया? अब यह सवाल सबसे बड़ा है क्योंकि जिस दिन यानी एक मई को कई और निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर खबरें चल रही थीं, मगर मीडिया में यही चिट्ठी वायरल हुई।
सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति का आदेश फर्जी है। विभाग से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। हमने मुख्यमंत्री जी को इस बारे में अपडेट कर दिया है।
- संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग- भोपाल
यह सच है कि मेरे पास अभी कोई ऑफिसियली पत्र नहीं आया है, लेकिन मुझे तो सीएम साहब सहित सभी बड़े पदाधिकारी बधाई दे चुके हैं। अब पत्र असली है या नकली मैं क्या कह सकता हूं।
सिंगरौली विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष कहते हैं कि मीडिया से ही वीरेंद्र गोयल की नियुक्ति के बारे में सुना है। मेरे पास तो मेरा खुद का कार्यकाल खत्म होने का भी कोई पत्र नहीं आया। मैं तो हाल ही में सरकार से करीब दो करोड़ के विकास कार्यों की सौगात भी लेकर आया हूं। इसके लिए सरकार का धन्यवाद…
ये खबरें भी पढ़ें...
सिंगरौली विकास प्राधिकरण को भंग करना ही भूली सरकार, फर्जी आदेश वायरल हुआ तब आया होश
तबादला नीति 2026: MP में सरकारी अफसरों के तबादलों से जल्द हटेगा बैन, जानें ट्रांसफर का नई नीति
एमपी में तीन IPS अफसरों के तबादले, आईपीएस राकेश सगर भोपाल मुख्यालय में पदस्थ
एमपी वित्त विभाग का आदेश, बाबू से लेकर अफसर तक, खर्च का देना होगा हिसाब
वीरेंद्र गोयल के नाम निकले फर्जी पत्र की खबर पढ़ें
पहली बात तो यह कि संदीप जैन को ही जबलपुर प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन जो आदेश वायरल हो रहा है वो फर्जी है। बता दें कि सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए जारी हुआ वीरेंद्र गोयल का तो पत्र फर्जी था ही, साथ ही उनको अब तक ऑफिशियल अध्यक्ष भी नहीं बनाया गया है। क्योंकि सिंगरौली विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष को ही अब तक नहीं हटाया गया है।
तो बड़े सवाल कई हैं…
- आखिर ये अजय सिंह कौन हैं? और
- सरकार साइबर सेल से इस मामले की जांच क्यों नहीं करवा रही है?
जबलपुर का पत्र नकली, लेकिन नियुक्ति असली
fake appointments (2)
सिंगरौली में नियुक्ति का पता नहीं आदेश भी नकली
fake appointments
जिनकी असली नियुक्ति वो मांग रहे असली लेटर प्रदेश में कई जगह इस तरह के फर्जीवाड़े की खबर सुनकर असली नवनियुक्त अध्यक्षों ने भी अपने लिए लिखित आदेशों की मांग कर दी है। वे कह रहे हैं कि हमें भी नियुक्ति संबंधी लेटर चाहिए।
दरअसल वीरेंद्र गोयल की नियुक्ति का आदेश ही फर्जी है...
हुआ यूं कि 13 फरवरी 2024 को सीएम मोहन यादव के निर्देश के बाद प्रदेश के निगम-मंडल के अशासकीय पदाधिकारियों की नियुक्तियां निरस्त कर दी गई थीं। इस पत्र में भी जिन 46 निगम-मंडलों की सूची लगाई गई थी, तब भी अफसरों ने नियम-कायदों को देखे बिना आंख बंद करके रेरा को इस लिस्ट में शामिल कर दिया था और साहब लोग सिंगरौली विकास प्राधिकरण का नाम लिखना ही भूल गए।
ऐसे में सिंगरौली विकास प्राधिकरण में तकनीकी तौर पर अभी भी दिलीप शाह ही अध्यक्ष हैं। मजेदार यह है कि दिलीप शाह न सिर्फ अध्यक्ष हैं, बल्कि वे सरकार से फंड लेकर करोड़ों के काम भी करवाते रहे।
बताया जा रहा है कि इसी पेंच के चलते सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नए अध्यक्ष का नाम अटका हुआ है; क्योंकि पहले पुराने अध्यक्ष को हटाने का नोटिफिकेशन जारी होगा। ऐसे में अंदर ही अंदर इस गलती को सुधारने की तैयारी चल रही है। इधर फर्जी चिट्ठी के आधार पर वीरेंद्र गोयल के नाम के होर्डिंग-पोस्टर तक लग गए और खुद गोयल वरिष्ठ नेताओं से आशीर्वाद लेते रहे।
इधर…. Thesootr की पड़ताल में फर्जी निकली चिट्ठी
- आदेश को जिस डिजाइन में तैयार करवाया गया है, वह बेहद कैजुअल है।
- सबसे ऊपर आदेश के साथ फॉन्ट हिला हुआ है, जो साफ तौर पर AI या Canva जैसे टूल का कमाल है।
- सबसे बड़ी बात यह कि जिन अवर सचिव अजय कुमार सिंह के नाम से पत्र जारी हुआ है, इस नाम का कोई अधिकारी पूरे मंत्रालय में ही नहीं है।
बड़ा सवाल- कहां से जारी हुई चिट्ठी?
नहीं जारी हुआ कोई पत्र
- संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग- भोपाल
मैं क्या कह सकता हूं
क्या कहते हैं पूर्व अध्यक्ष दिलीप शाह
ये खबरें भी पढ़ें...
सिंगरौली विकास प्राधिकरण को भंग करना ही भूली सरकार, फर्जी आदेश वायरल हुआ तब आया होश
तबादला नीति 2026: MP में सरकारी अफसरों के तबादलों से जल्द हटेगा बैन, जानें ट्रांसफर का नई नीति
एमपी में तीन IPS अफसरों के तबादले, आईपीएस राकेश सगर भोपाल मुख्यालय में पदस्थ
एमपी वित्त विभाग का आदेश, बाबू से लेकर अफसर तक, खर्च का देना होगा हिसाब
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari