विभागों में करोड़ों रुपए का फंड शेष, फिर भी कर्ज क्यों ले रही सरकार?
Sanjay Sharma | Dec 18, 2024, 21:36 IST
MP Assembly Anupurak budget Deputy Leader of Opposition Hemant Katare raised questions
मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार से तीखे सवाल किए। उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने सरकार की प्लानिंग पर भी सवाल दागे। कटारे ने कहा सरकार चहुंमुखी विकास की बात कर रही है लेकिन बार-बार कर्ज ले रही है।
BHOPAL. मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने कर्ज के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। विभागों के पास करोड़ों का बजट बचा होने के बावजूद अनुपूरक अनुमान के तहत कर्ज लेने पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। इस बीच कांग्रेस ने बुधवार सुबह भोपाल सहित इंदौर-ग्वालियर में इनकम टैक्स की रेड का उल्लेख करते हुए रियल एस्टेट कारोबारी और आईपीएस-आईएएस अफसरों के गठजोड़ की ओर इशारा किया।
शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन अनुपूरक पर उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे (Hemant Katare ) ने सरकार को घेरा। उन्होंने सरकार की प्लानिंग पर भी सवाल दागे। उपनेता ने बार_बार कर्ज लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की बात कही। कटारे ने कहा सरकार चहुंमुखी विकास की बात कर रही है लेकिन बार-बार कर्ज ले रही है। संकल्प पत्र के 90 फीसदी वादे अब भी अधूरे हैं। सरकार जिस संकल्प पत्र को गीता बता रही थी उसमें शामिल 188 संकल्प ऐसे हैं जिन पर काम ही शुरू नहीं हुआ। प्रदेश का चहुंमुखी विकास तो नहीं हुआ जनता से टैक्स वसूलकर चहुंमुखी लूट जरूर हो रही है। प्रदेश के हर नागरिक पर 60 हजार से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया है। कांग्रेस के शासन में जितना कर्ज था आज बीजेपी सरकार उतना केवल ब्याज ही भर रही है।
कांग्रेस विधायक कटारे ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को मुख्य बजट में मिले 15 हजार 777 करोड़ रुपए के बजट की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना था जब इस भारी भरकम बजट में से विभाग अब तक 8640 करोड़ ही खर्च कर पाया है और शेष राशि बची है तो उनका उपयोग करने की जगह और राशि की क्या आवश्यकता है। कटारे ने कहा विभाग के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध है इसके बाद भी 22 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि का अनुपूरक बजट अनुमान केवल कर्ज लेने के लिए किया गया है जो भी राज्य के हित में नहीं है।
कांग्रेस विधायक ने कहा बड़े-बड़े विभाग पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए। जबकि नर्मदा घाटी विकास विभाग यानी एनवीडीए और जलसंसाधन विभाग ने एक-एक रुपया खर्च कर दिए। इतना बजट दोनों विभागों ने कहां खर्च कर दिया मैं अचरज में था। जब मैंने दस्तावेजों को खंगाला तो पता चला इन विभागों में पवित्र लक्ष्य के पीछे बुरी नीयत छिपी है।
उपनेता प्रतिपक्ष ने कहा जिस कंपनी को किसी समय जलसांसाधन विभाग के मुखिया ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया था। जिसके विरुद्ध ईओडब्लू जैसी संस्थाएं आर्थिक अपराध की जांच कर रही है। मेंटेना और उससे जुड़ी कंपनी HES, वेन्सर एवं गाजा इंजिनियरिंग को एक बैठक के बाद अफसरों ने 7 हजार करोड़ से ज्यादा राशि आवंटित कर दी। ये कंपनियां हैदराबाद की हैं। कंपनियों के माध्यम से हैदराबाद में बैठे लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
राजधानी के रियल एस्टेट कारोबारियों पर बुधवार सुबह ही इनकम टैक्स की रेड हुई थी। लंच टाइम के बाद विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान उपनेता कटारे ने अफसर, नेता और रियल एस्टेट कारोबारियों के गठजोड़ पर बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा रेड में जिन रियल एस्टेट कारोबारियों के नाम सामने आ रहे हैं उनमें से ज्यादातर सरकारी अधिकारी और नेताओं के करीबी हैं। इन कार्रवाई के बाद एक बार फिर प्रदेश के पूर्व सीएस का नाम उछला है। इनके खिलाफ आजीविका मिशन घोटाले से जुड़े कई सबूत हैं, कई शिकायतें भी हुई हैं, लेकिन सरकार कार्रवाई ही नहीं कर पाई है।
संकल्प पत्र के 90 फीसदी वादे अधूरे
बजट राशि बाकी फिर क्यों ले रहे कर्ज
उपनेता प्रतिपक्ष ने अनुपूरक बजट की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा ऊर्जा विभाग को मुख्य बजट में 18 हजार 664 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया था। इसमें से अब तक 9707 करोड़ के करीब राशि ही खर्च हुई है। यानी विभाग के पास लगभग 50 प्रतिशत राशि बची है, फिर अलग से विभाग के लिए कर्ज लेकर बजट का प्रावधान करने की जरूरत क्या है। पर्यटन विभाग को मिला 282 करोड़ का बजट भी अब तक खर्च नहीं किया गया और फिर बजट देने कर्ज लिया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग को 9871 करोड़ बजट मिला था। इसमें से अब तक 6603 करोड़ रुपए ही विभाग खर्च कर पाया है। काफी राशि बची है लेकिन फिर भी कर्ज लेने की जरूरत पड़ रही है।
यह राज्य के हित में नहीं...
जलसंसाधन विभाग और NVDA खर्च पाए पूरा बजट
उपनेता प्रतिपक्ष ने कहा जिस कंपनी को किसी समय जलसांसाधन विभाग के मुखिया ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया था। जिसके विरुद्ध ईओडब्लू जैसी संस्थाएं आर्थिक अपराध की जांच कर रही है। मेंटेना और उससे जुड़ी कंपनी HES, वेन्सर एवं गाजा इंजिनियरिंग को एक बैठक के बाद अफसरों ने 7 हजार करोड़ से ज्यादा राशि आवंटित कर दी। ये कंपनियां हैदराबाद की हैं। कंपनियों के माध्यम से हैदराबाद में बैठे लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
रियल एस्टेट में लगा पूर्व सीएस का रुपया
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