MP विधानसभा की डिजिटल ट्रेनिंग विधायकों के लिए, लेकिन सीखने पहुंचे PA! अब तक 230 में से सिर्फ 59 MLA ही आए
Amresh Kushwaha | Oct 29, 2026, 19:56 IST
MP विधानसभा की डिजिटल ट्रेनिंग से विधायकों ने बनाई दूरी।
मध्यप्रदेश विधानसभा में अब कागजों की जगह डिजिटल सिस्टम से काम करने की तैयारी है। इसके लिए विधायकों को डिजिटल ट्रेनिंग दी जा रही है। लेकिन दो दिनों में विधायकों से ज्यादा उनके निजी सहायक (PA) ट्रेनिंग लेने पहुंचे हैं। अब तक 59 विधायकों और 89 निजी सहायकों ने ट्रेनिंग ली है। तीन दिन की इस कार्यशाला का आखिरी दिन 30 अक्टूबर है।
बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की पहल पर तीन दिन की ट्रेनिंग रखी गई है। इसमें विधायकों को बताया जा रहा है कि वे डिजिटल तरीके से सदन का कामकाज कैसे कर सकेंगे।
इस Digital Training में 200 विधायकों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक खुद ट्रेनिंग लेने वाले विधायकों की संख्या लक्ष्य का सिर्फ 29.5 प्रतिशत है। वहीं, निजी सहायकों की संख्या लक्ष्य के मुकाबले 44.5 प्रतिशत रही।
ट्रेनिंग के पहले दिन यानी 28 अक्टूबर को 38 विधायक शामिल हुए थे। उनके अलावा 60 निजी सहायकों ने भी ट्रेनिंग ली थी।
दूसरे दिन 29 अक्टूबर को विधायकों की संख्या घटकर 21 रह गई। इस दिन 29 निजी सहायक भी कार्यशाला में पहुंचे थे।
इस तरह दो दिनों में कुल 148 लोगों ने ट्रेनिंग ली। इनमें 59 विधायक और 89 निजी सहायक शामिल हैं। इसे 148 विधायकों का प्रतिनिधित्व माना गया है। हालांकि, खुद ट्रेनिंग लेने वाले विधायकों की संख्या 59 ही है।
कार्यशाला में 200 विधायकों के प्रतिनिधित्व का लक्ष्य है। इस हिसाब से अभी 52 का अंतर बाकी है। आखिरी दिन 30 अक्टूबर को भी ट्रेनिंग होगी।
29 अक्टूबर को हुई डिजिटल ट्रेनिंग में 21 विधायक पहुंचे थे। इनमें घनश्याम सिंह, ओमप्रकाश धुर्वे, अनुभा मुंजारे, योगेन्द्र सिंह बाबा, विश्वनाथ सिंह, चौधरी सुजीत मेर सिंह और भगवानदास सबनानी शामिल थे।
इनके अलावा सुदेश राय, हजारीलाल डांगी, मनोज नारायण सिंह चौधरी, आशीष गोविंद शर्मा, मंजू राजेंद्र दादू और डॉ. हीरालाल अलावा ने भी ट्रेनिंग ली।
वहीं, मधु भाऊ भगत, सोहनलाल बाल्मीक, निलेश पूसाराम उइके, कुंवर अभिजीत शाह, प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा, विजयपाल सिंह, ठाकुरदास नागवंशी और डॉ. रामकिशोर दोगने भी ट्रेनिंग में शामिल हुए।
मध्यप्रदेश विधानसभा में National e-Vidhan Application (NeVA) लागू करने की तैयारी है। यह एक डिजिटल सिस्टम है, जिसकी मदद से विधानसभा का कामकाज ऑनलाइन किया जा सकेगा।
अभी सदन की कार्यवाही से जुड़े कई दस्तावेज कागजों पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें सवाल-जवाब, बजट, विधेयक और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव शामिल हैं।
NeVA लागू होने के बाद ये दस्तावेज डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराए जा सकेंगे। विधायक जरूरी जानकारी अपने डिजिटल उपकरणों पर देख सकेंगे। इससे कागजों की जरूरत कम होगी।
मध्यप्रदेश विधानसभा के दिसंबर सत्र को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की तैयारी चल रही है। यानी विधानसभा का ज्यादातर काम अब कागजों की जगह डिजिटल तरीके से होगा। इसी वजह से विधायकों को पहले से ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि उन्हें नए सिस्टम को इस्तेमाल करने में कोई परेशानी न हो।
NeVA सिस्टम शुरू होने के बाद विधायकों को सदन के सवाल-जवाब, बजट, विधेयक और दूसरे जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन मिल सकेंगे। इससे कागज छापने और उन्हें बांटने पर होने वाला खर्च भी कम होगा।
इसका फायदा आम लोगों को भी मिलेगा। वे विधानसभा के पोर्टल और मोबाइल ऐप पर जाकर सदन की कार्यवाही से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे। इससे विधानसभा का कामकाज समझना आसान होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
तीन दिवसीय कार्यशाला का आखिरी दिन 30 अक्टूबर है। शुरुआती दो दिनों में 59 विधायक खुद ट्रेनिंग लेने पहुंचे हैं। वहीं, 89 निजी सहायकों ने भी हिस्सा लिया है। अब देखना होगा कि आखिरी दिन कितने विधायक खुद ट्रेनिंग लेने आते हैं। दिसंबर में पेपरलेस सत्र की तैयारी के बीच विधायकों को नए डिजिटल सिस्टम की जानकारी देना इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है।
इस Digital Training में 200 विधायकों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। अब तक खुद ट्रेनिंग लेने वाले विधायकों की संख्या लक्ष्य का सिर्फ 29.5 प्रतिशत है। वहीं, निजी सहायकों की संख्या लक्ष्य के मुकाबले 44.5 प्रतिशत रही।
पहले और दूसरे दिन कितने विधायक आए?
दूसरे दिन 29 अक्टूबर को विधायकों की संख्या घटकर 21 रह गई। इस दिन 29 निजी सहायक भी कार्यशाला में पहुंचे थे।
इस तरह दो दिनों में कुल 148 लोगों ने ट्रेनिंग ली। इनमें 59 विधायक और 89 निजी सहायक शामिल हैं। इसे 148 विधायकों का प्रतिनिधित्व माना गया है। हालांकि, खुद ट्रेनिंग लेने वाले विधायकों की संख्या 59 ही है।
कार्यशाला में 200 विधायकों के प्रतिनिधित्व का लक्ष्य है। इस हिसाब से अभी 52 का अंतर बाकी है। आखिरी दिन 30 अक्टूबर को भी ट्रेनिंग होगी।
दूसरे दिन ये 21 विधायक हुए शामिल
इनके अलावा सुदेश राय, हजारीलाल डांगी, मनोज नारायण सिंह चौधरी, आशीष गोविंद शर्मा, मंजू राजेंद्र दादू और डॉ. हीरालाल अलावा ने भी ट्रेनिंग ली।
वहीं, मधु भाऊ भगत, सोहनलाल बाल्मीक, निलेश पूसाराम उइके, कुंवर अभिजीत शाह, प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा, विजयपाल सिंह, ठाकुरदास नागवंशी और डॉ. रामकिशोर दोगने भी ट्रेनिंग में शामिल हुए।
क्या है NeVA, जिसकी ट्रेनिंग दी जा रही है?
अभी सदन की कार्यवाही से जुड़े कई दस्तावेज कागजों पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें सवाल-जवाब, बजट, विधेयक और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव शामिल हैं।
NeVA लागू होने के बाद ये दस्तावेज डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराए जा सकेंगे। विधायक जरूरी जानकारी अपने डिजिटल उपकरणों पर देख सकेंगे। इससे कागजों की जरूरत कम होगी।
दिसंबर में पेपरलेस विधानसभा सत्र की तैयारी
NeVA सिस्टम शुरू होने के बाद विधायकों को सदन के सवाल-जवाब, बजट, विधेयक और दूसरे जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन मिल सकेंगे। इससे कागज छापने और उन्हें बांटने पर होने वाला खर्च भी कम होगा।
इसका फायदा आम लोगों को भी मिलेगा। वे विधानसभा के पोर्टल और मोबाइल ऐप पर जाकर सदन की कार्यवाही से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे। इससे विधानसभा का कामकाज समझना आसान होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
आखिरी दिन कितने विधायक पहुंचेंगे?
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