EOW-ACB में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी

Arun Tiwari | Oct 29, 2026, 19:27 IST
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छत्तीसगढ़ EOW-ACB से 12 पुलिसकर्मियों की सेवाएं गृह विभाग को वापस।<br>
छत्तीसगढ़ EOW-ACB से 12 पुलिसकर्मियों की सेवाएं गृह विभाग को वापस।

रायपुर। छत्तीसगढ़ EOW ACB में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। राज्य सरकार ने 12 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं वापस कर दी हैं। इन सभी को छत्तीसगढ़ गृह विभाग को लौटाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त हो गई है।

इनमें निरीक्षक से लेकर आरक्षक स्तर तक के कर्मचारी शामिल हैं। सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • छत्तीसगढ़ EOW ACB से 12 पुलिसकर्मियों की सेवाएं वापस हुई हैं।
  • सामान्य प्रशासन विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं।
  • सात निरीक्षक और पांच अन्य पुलिसकर्मी इस फैसले से प्रभावित हुए हैं।
  • सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर जांच एजेंसियों में काम कर रहे थे।
  • आदेशों में सेवाएं वापस लेने का कारण नहीं बताया गया है।

सात निरीक्षकों की सेवाएं वापस

छत्तीसगढ़ EOW ACB से जिन पुलिसकर्मियों की वापसी हुई है, उनमें सात निरीक्षक हैं। इनमें वीरेंद्र चंद्रा, शरद चंद्रा और बृजेश कुशवाहा शामिल हैं। इसके अलावा संतराम सोनी और उमेंद्र टंडन की सेवाएं भी लौटाई गई हैं।

निरीक्षक पौरुष पुर्रे और सौरभ द्विवेदी के नाम भी सूची में हैं। इन सभी सात निरीक्षकों की सेवाएं गृह विभाग को लौटाई गई हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हैं।

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17 Oct 2026 ,
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में एक और अधिकारी पर कार्रवाई हुई है। राज्य सरकार ने अपर आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। EOW-ACB ने उनके खिलाफ जांच के बाद विशेष अदालत में पूरक चालान पेश किया था। इसके बाद सरकार ने निलंबन का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में एक और अधिकारी पर कार्रवाई हुई है। राज्य सरकार ने अपर आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। EOW-ACB ने उनके खिलाफ जांच के बाद विशेष अदालत में पूरक चालान पेश किया था। इसके बाद सरकार ने निलंबन का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

उपनिरीक्षक और एएसआई भी शामिल

सिर्फ निरीक्षक स्तर के अधिकारी ही इस फैसले से प्रभावित नहीं हुए हैं। उपनिरीक्षक जितेंद्र नंदे की सेवाएं भी वापस की गई हैं। सहायक उपनिरीक्षक निर्भय लाल ध्रुव का नाम भी आदेश में शामिल है। इन दोनों अधिकारियों को भी उनके मूल विभाग में लौटाया गया है। अब आगे की पदस्थापना गृह विभाग के स्तर पर तय हो सकती है।

तीन आरक्षकों को भी वापस बुलाया

आदेश में तीन आरक्षकों के नाम भी शामिल हैं। इनमें अभिषेक कुमार, रितेश दीवान और सोहन ध्रुव शामिल हैं। इनकी सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से गृह विभाग को लौटाई गई हैं।

इस तरह कुल 12 अधिकारी-कर्मचारियों की वापसी का आदेश जारी हुआ है। इनमें सात निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और एक सहायक उपनिरीक्षक हैं। इनके अलावा तीन आरक्षक भी शामिल हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग के दो आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग ने पुलिसकर्मियों की सेवाएं वापस करने के लिए दो आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के जरिए 12 अधिकारी कर्मचारियों की वापसी का फैसला लागू हुआ है।

फिलहाल आदेशों में किसी विशेष कारण की जानकारी नहीं दी गई है। किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख भी नहीं है। विभागीय जांच या आरोपों से जुड़ी जानकारी भी आदेशों में नहीं दी गई है।


क्या किसी जांच से जुड़ा है फैसला?

इस प्रशासनिक बदलाव के पीछे क्या वजह है? फिलहाल उपलब्ध आदेशों से इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। किसी विशेष जांच के कारण यह फैसला हुआ, ऐसा आदेशों में नहीं बताया गया है।

इसलिए इसे किसी जांच में कार्रवाई से जोड़ना उचित नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का प्रशासनिक फैसला है।

EOW और ACB में क्या काम होता है?

छत्तीसगढ़ में EOW आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली महत्वपूर्ण एजेंसी है। इसका पूरा नाम आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो है। यह वित्तीय अपराधों और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच करता है।

ACB यानी एंटी करप्शन ब्यूरो भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में कार्रवाई करता है। सरकारी तंत्र में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की जांच इसकी जिम्मेदारियों में शामिल है। दोनों एजेंसियों में पुलिस विभाग के अधिकारी भी सेवाएं देते हैं।

प्रतिनियुक्ति का मतलब क्या है?

प्रतिनियुक्ति में कर्मचारी अपने मूल विभाग से दूसरी एजेंसी में काम करने जाते हैं। उनकी सेवाएं निर्धारित अवधि या विभागीय आदेश के अनुसार वहां ली जाती हैं।

छत्तीसगढ़ EOW ACB में संबंधित 12 पुलिसकर्मी इसी व्यवस्था के तहत कार्यरत थे। अब उनकी सेवाएं वापस गृह विभाग को भेज दी गई हैं। इसे मूल विभाग में वापसी की प्रशासनिक प्रक्रिया माना जा सकता है।


रायपुर पुलिस प्रशासन में आगे क्या?

रायपुर पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए अगला सवाल नई पदस्थापना का है। वापस भेजे गए 12 पुलिसकर्मियों को आगे कहां जिम्मेदारी मिलेगी? इसका फैसला गृह विभाग के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगा।

फिलहाल उनके नए पदस्थापन स्थलों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशों में भी इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

खाली पदों पर किसकी नियुक्ति होगी?

EOW और ACB में इन पुलिसकर्मियों की जगह नए अधिकारी नियुक्त किए जा सकते हैं। हालांकि, नई नियुक्तियों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

इन एजेंसियों के कामकाज में अधिकारियों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। जांच संबंधी जिम्मेदारियां निभाने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की जरूरत रहती है। लेकिन इस बदलाव से किसी विशेष जांच पर असर पड़ने की पुष्टि नहीं है।

जांच एजेंसियों में बदलाव पर नजर

EOW और ACB आर्थिक अपराधों और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच करती हैं। इन एजेंसियों में अधिकारियों की पदस्थापना प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

एक साथ 12 पुलिसकर्मियों की सेवाएं लौटाने से पदस्थापना संबंधी बदलाव हुआ है। हालांकि, इससे जांच व्यवस्था प्रभावित होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। अब गृह विभाग के अगले आदेशों पर नजर रहेगी। उन्हीं से संबंधित अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां स्पष्ट हो सकेंगी।


यह खबर क्यों जरूरी है

छत्तीसगढ़ में EOW और ACB भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों की जांच करती हैं। इन एजेंसियों में अधिकारियों की तैनाती महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी है। 12 पुलिसकर्मियों की सेवाएं एक साथ लौटाने से पदस्थापना व्यवस्था में बदलाव हुआ है।

हालांकि, आदेशों में इसका कारण नहीं बताया गया है। जनता के लिए यह जानना जरूरी है कि जांच एजेंसियों में अधिकारी कैसे नियुक्त होते हैं। यह भी महत्वपूर्ण है कि प्रशासनिक फैसलों और अनुशासनात्मक कार्रवाई के बीच अंतर समझा जाए। फिलहाल किसी पुलिसकर्मी पर आरोप की पुष्टि नहीं है।

FAQ

सवाल 1: छत्तीसगढ़ EOW ACB से कितने पुलिसकर्मियों की सेवाएं वापस हुई हैं?

जवाब: कुल 12 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं वापस हुई हैं। इनमें सात निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक और तीन आरक्षक शामिल हैं।

सवाल 2: EOW ACB के पुलिसकर्मियों को किस विभाग में वापस भेजा गया है?

जवाब: सभी 12 पुलिसकर्मियों की सेवाएं छत्तीसगढ़ गृह विभाग को लौटाई गई हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने दो अलग आदेश जारी किए हैं।

सवाल 3: क्या पुलिसकर्मियों को किसी जांच या आरोप के कारण हटाया गया है?

जवाब: उपलब्ध आदेशों में किसी जांच या आरोप का उल्लेख नहीं है। सेवाएं वापस लेने का विशेष कारण भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
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