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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- इमरान प्रतापगढ़ी ने राज्यसभा में बैतूल जिले का मुद्दा उठाया।
- अब्दुल नईम ने 20 लाख में स्कूल निर्माण शुरू किया था।
- प्रशासन ने बिना अनुमति अतिक्रमण की कार्रवाई की।
- अफवाह फैली कि स्कूल के निर्माण को अवैध मदरसा बना दिया गया।
- विपक्षी दलों ने इसे राजनैतिक मुद्दा बना दिया और विरोध किया।
NEWS IN DETAIL
गुरुवार को राज्यसभा में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का नाम चर्चा में आया। महाराष्ट्र के कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इसे अपने भाषण में उठाया। वे देश के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोल रहे थे। उनके भाषण में शायराना अंदाज था, और उन्होंने बैतूल के प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण कार्रवाई पर सवाल उठाए। सांसद ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में एक वर्ग विशेष को निशाना बनाया गया।
क्या था मामला?
जनवरी 2026 की शुरुआत में बैतूल जिले के धाबा गांव में एक मामला सामने आया, जिसने काफी चर्चा बटोरी। यह मामला अब्दुल नईम (मोहम्मद नईम) से जुड़ा था, जो गांव के निवासी हैं। उन्होंने अपनी निजी जमीन पर करीब 20 लाख रुपए की लागत से एक स्कूल का निर्माण शुरू किया था। उनका उद्देश्य गांव के बच्चों के लिए एक स्कूल बनवाना था, क्योंकि गांव में सरकारी स्कूल काफी दूर था।
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अतिक्रमण का आरोप
प्रशासन का कहना था कि अब्दुल नईम ने स्कूल के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत से आवश्यक अनुमति (NOC) नहीं ली थी। अधिकारियों के अनुसार, कुछ हिस्सा अतिक्रमण की श्रेणी में आता था। इसके कारण प्रशासन ने सिर्फ अवैध हिस्से पर कार्रवाई की।
विवाद की असल वजह
यह विवाद तब और बढ़ गया, जब गांव में अफवाह फैली कि अब्दुल नईम "अवैध मदरसा" बना रहे हैं। अब्दुल नईम ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि उनके पास पंचायत की अनुमति थी, और उन्होंने स्कूल की मान्यता के लिए आवेदन भी किया था। उनका यह भी कहना था कि गांव में केवल 3-4 मुस्लिम परिवार हैं, ऐसे में मदरसा बनाने का सवाल ही नहीं उठता।
विपक्षी दलों का विरोध
अतिक्रमण की इस कार्रवाई को लेकर काफी विरोध हुआ। विपक्षी दलों ने इसे राजनैतिक मुद्दा बना दिया। इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया और आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर एक विशेष वर्ग को निशाना बनाया है।
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सांसद ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मामले को राज्यसभा में उठाया। उन्होंने देश भर के अन्य मामलों के साथ बैतूल की घटना का भी जिक्र किया। इस मामले में उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और यह आरोप भी लगाया कि एक वर्ग विशेष को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
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