भोपाल की लुटेरी दुल्हन हसीना का चेहरा बेनकाब, पांच पतियों के साथ छल, अब मिली सजा

भोपाल में एक महिला ने शादी के नाम पर बड़ी ठगी की है। उसने बिना तलाक लिए 5 शादियां कीं और हर पति से संपत्ति हड़प कर उसे छोड़ दिया। कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए 2 साल की सजा सुनाई है।

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News In Short

  • पांचवें निकाह का मामला: मध्य प्रदेश के भोपाल में एक महिला के पांचवें निकाह का मामला सामने आया है।

  • जानकारी छुपाने का आरोप: कोर्ट ने पाया कि महिला ने पहले हुए चार निकाहों की पूरी जानकारी नहीं दी।

  • सजा का आदेश: भोपाल की अदालत ने महिला को दो साल की सजा सुनाई।

  • जुर्माना: अदालत ने महिला पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

  • निकाह से जुड़ा मामला: यह मामला 2022 में हुए एक निकाह से जुड़ा बताया गया।

  • पुराने केस से खुलासा: उज्जैन कोर्ट में चल रहे पुराने केस से इस मामले के तथ्य सामने आए।

News In Detail 

कुछ समय पहले भोपाल में एक लुटेरी दुल्हन पकड़ी गई थी, जो दूल्हों को ऐसे बदलती थी जैसे कपड़े बदलती हो। उसने बिना तलाक लिए 5 दूल्हे बदल डाले, यानी 5 बार शादी की। 

जब पीड़ित पुरुषों ने शिकायत की, तो मामला कोर्ट पहुंचा। अब कोर्ट (भोपाल कोर्ट का फैसला) ने महिला को दोषी मानते हुए 2 साल की जेल की सजा सुनाई है। साथ ही 2000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

कौन है ये 'लुटेरी दुल्हन'

मामला शाहजहानाबाद थाना क्षेत्र का है। 'लुटेरी दुल्हन' का नाम हसीना बताया जा रहा है। आरोप है कि हसीना ने बिना तलाक के पांच शादियां कीं। मामला कोर्ट पहुंचा।

जांच में पता चला कि हसीना ने अलग-अलग पुरुषों से शादी कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और संपत्ति हड़पने की कोशिश की। यह भी पता चला कि हसीना का पूरा गिरोह काम कर रहा था। इसमें उसकी बेटियां और दामाद भी शामिल थे, जो इस फर्जी विवाह और ठगी के नेटवर्क (लुटेरी दुल्हन गैंग) को चलाते थे।

निकाह से पहले क्या जानकारी दी गई

पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि महिला ने खुद को तलाकशुदा बताया था। महिला ने कहा था कि उसका पहले केवल एक निकाह हुआ था। इसी जानकारी के आधार पर वर्ष 2022 में दोनों का निकाह हुआ।

निकाह के बाद सामने आए तथ्य

निकाह के कुछ समय बाद महिला दो बेटियों के साथ घर रहने आई। इसके बाद पीड़ित को महिला के पुराने निकाह की जानकारी मिली। जां

कोर्ट में बताया गया कि निकाह के समय तलाक से जुड़े कागज नहीं दिए गए। इसके बाद करोंद क्षेत्र में एक काजी के माध्यम से निकाह कराया गया। अदालत में शपथपत्र और निकाह से जुड़े दस्तावेज पेश किए गए।

उज्जैन कोर्ट के मामले से क्या खुलासा हुआ

पीड़ित ने उज्जैन कोर्ट में चल रहे एक पुराने केस का हवाला दिया। यह केस 2014 में दायर भरण-पोषण से जुड़ा हुआ था। इसी केस की वजह से महिला के पहले निकाह की स्थिति अब साफ हो पाई।

फैसले से जुड़े सवाल

यह मामला (एमपी की लुटेरी दुल्हन) निकाह से पहले दी जाने वाली जानकारी पर कई सवाल उठाता है। क्या निकाह के वक्त कागजों की सही तरीके से जांच होती है? क्या इस तरह के मामलों के बाद निकाह की प्रक्रिया में कोई बदलाव होगा?

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