देना होगा एक- एक पैसे का हिसाब : MP में पहली बार Zero Base Bugeting के आधार पर तैयार होगा बजट
Sourabh Bhatnagar | Sept 27, 2024, 10:29 IST
बजट
राज्य की मोहन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को 'शून्य आधार बजटिंग' प्रक्रिया के आधार पर तैयार करने का फैसला लिया है। इसको लेकर 31 अक्टूबर तक सभी विभागों को ऑनलाइन प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश का अब अगला बजट शून्य से शुरू होगा। राज्य की मोहन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को 'शून्य आधार बजटिंग' ( Zero Base Bugeting ) प्रक्रिया के आधार पर तैयार करने का फैसला लिया है। इसको लेकर 31 अक्टूबर तक सभी विभागों को ऑनलाइन प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं।
इसे साथ ही विभागों को वर्तमान में चल सभी योजनाओं/नवीन योजनाओं के मूल्यांकन ( Evaluation ) करने के लिए कहा गया है। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार है, जब राज्य का बजट Zero Base Bugeting के आधार पर बनाया जाएगा।
क्या है
शून्य आधारित बजट में बजट अनुमान शून्य से शुरू किए जाते हैं। शून्य आधारित बजट ( Zero Base Bugeting ) में पिछले सालों के व्यय संबंधी आंकड़ों ( Expenditure Data ) को कोई महत्व नहीं दिया जाता है। इस प्रणाली में कार्य इस आधार पर शुरू किया जाता है कि अगली अवधि के लिए बजट शून्य है।
प्रशासकीय विभाग द्वारा विभाग में चल रहे कार्यक्रमों और गतिविधियों की योजनावार पूरी तरह से गणना की पुनः समीक्षा की जाना होगी जिसमें विभाग में प्रचलित सभी योजनाओं की निरंतर उपयोगिता की गणना का सटीक आंकलन हो सके। इस प्रक्रिया में यह बताया जाना जरूरी है कि चली आ रही योजनाओं और नविन प्रोजेक्ट में खर्चा क्यों और कितना किया जाना चाहिए।
शून्य आधार बजटिंग प्रक्रिया के अंतर्गत विभाग द्वारा ऐसी योजनाओं को चिन्हांकित किया जा सकेगा जो वर्तमान में अपनी उपयोगिता खो चुकी है और जिन्हें समाप्त किया जा सकता हो। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा प्रचलित समान उद्देश्य की योजनाओं को संविलियित करने का भी विचार किया जा सकता है। विभाग की सभी गतिविधियों को वर्तमान में प्रचलित योजनाओं, कार्यक्रम अथवा नवीन योजनाएं (यदि आवश्यक हों) में चिन्हांकित किया जाए। साथ ही योजनाओं, कार्यक्रमों की प्राथमिकता का क्रम भी निर्धारित किया
वित्तीय वर्ष 2024-25 की बजट गतिविधियों एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान की तैयारी का बजट कार्यक्रम जारी कर दिया गया है
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पारंपरिक बजट में पिछले साल के बजट को देखते हुए ही अगले साल का बजट बनाया जाता है। वहीं, शून्य आधारित बजट में सारी प्रक्रिया शुरुआत से शुरू से की जाती है। पारंपरिक बजट में पिछले साल के बजट को आधार मानकर ही काम होता है।
इसे साथ ही विभागों को वर्तमान में चल सभी योजनाओं/नवीन योजनाओं के मूल्यांकन ( Evaluation ) करने के लिए कहा गया है। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार है, जब राज्य का बजट Zero Base Bugeting के आधार पर बनाया जाएगा।
क्या है शून्य आधारित बजट
प्रशासकीय विभाग द्वारा विभाग में चल रहे कार्यक्रमों और गतिविधियों की योजनावार पूरी तरह से गणना की पुनः समीक्षा की जाना होगी जिसमें विभाग में प्रचलित सभी योजनाओं की निरंतर उपयोगिता की गणना का सटीक आंकलन हो सके। इस प्रक्रिया में यह बताया जाना जरूरी है कि चली आ रही योजनाओं और नविन प्रोजेक्ट में खर्चा क्यों और कितना किया जाना चाहिए।
शून्य आधार बजटिंग प्रक्रिया के अंतर्गत विभाग द्वारा ऐसी योजनाओं को चिन्हांकित किया जा सकेगा जो वर्तमान में अपनी उपयोगिता खो चुकी है और जिन्हें समाप्त किया जा सकता हो। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा प्रचलित समान उद्देश्य की योजनाओं को संविलियित करने का भी विचार किया जा सकता है। विभाग की सभी गतिविधियों को वर्तमान में प्रचलित योजनाओं, कार्यक्रम अथवा नवीन योजनाएं (यदि आवश्यक हों) में चिन्हांकित किया जाए। साथ ही योजनाओं, कार्यक्रमों की प्राथमिकता का क्रम भी निर्धारित किया
बजट नियंत्रण अधिकारियों को दिए गए निर्देश
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शून्य आधारित बजट और पारंपरिक बजट में क्या अंतर है
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