एमपी बजट 2026 : विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उठाए सवाल, अभिलाष पाण्डेय ने गिनाए फायदे

मध्यप्रदेश बजट 2026 पर विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कर्ज और आदिवासी मुद्दों पर सरकार को घेरा, वहीं अभिलाष पाण्डेय ने इसे विकास वाला बजट बताया।

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Ramanand Tiwari
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MLA Kamleshwar Dodiyar raised questions, Abhilash Pandey enumerated the benefits

Photograph: (the sootr)

BHOPAL.मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 4.38 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। यह पिछले साल से लगभग 11% ज्यादा है। सरकार इसे विकासोन्मुख और जनहितैषी बता रही है, लेकिन विपक्षी सुर तेज हो गए हैं।

सबसे तीखी प्रतिक्रिया आई है भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के प्रदेश में इकलौते विधायक कमलेश्वर डोडियार की ओर से। उन्होंने बजट को “कर्ज बढ़ाने वाला और आदिवासी-विरोधी” करार दिया है।

डोडियार का सीधा आरोप: कर्ज बढ़ा, जमीनी मुद्दे गायब

सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि सरकार लगातार प्रदेश को कर्ज के बोझ में धकेल रही है, लेकिन आम लोगों की बुनियादी समस्याओं पर ठोस योजना नजर नहीं आती। उनका कहना है कि बजट में आदिवासी इलाकों के विकास के लिए कोई स्पष्ट और दीर्घकालिक रोडमैप नहीं दिखता।

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आदिवासी क्षेत्रों पर क्या बोले डोडियार?

डोडियार ने कहा कि आज भी आदिवासी बहुल इलाकों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में इन क्षेत्रों के लिए न तो अलग से बड़ा पैकेज है और न ही ठोस लक्ष्य तय किए गए हैं।

छात्र और युवा: रोजगार पर सवाल

विधायक डोडियार ने युवाओं के मुद्दे को सबसे गंभीर बताया। उनके मुताबिक: बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई विशेष रोजगार पैकेज नहीं। ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से पलायन लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की ठोस योजना नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि सरकार को घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीन पर रोजगार गारंटी जैसे कदम उठाने चाहिए। डोडियार ने कहा कि खेती की लागत बढ़ रही है, लेकिन बजट में राहत सीमित दिखती है।

भाजपा विधायक पांडेय क्या बोले बजट पर 

सरकार की ओर से बजट का बचाव करते हुए जबलपुर उत्तर मध्य के विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय ने इसे जनहित का बजट बताया।

अभिलाष पाण्डेय का दावा: युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा डॉ. पाण्डेय ने कहा कि बजट में बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियों का प्रावधान किया गया है। 15,000 शिक्षकों की भर्ती, 22,500 पुलिस पदों पर भर्ती प्रक्रिया,शिक्षा के लिए 31,953 करोड़ रुपए,स्वास्थ्य के लिए 24,144 करोड़ रुपए,आयुष्मान भारत के लिए 863 करोड़ रुपए।  

उनका कहना है कि यह बजट युवाओं और गरीबों के लिए अवसर बढ़ाने वाला है। 

महिलाओं के लिए पेंशन योजना

डॉ. पाण्डेय ने बताया कि बजट में तलाकशुदा और विधवा महिलाओं के लिए पेंशन की घोषणा की गई है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशील सोच का प्रमाण बताया। 

‘किसान कल्याण वर्ष’ की घोषणा

सरकार ने 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। भाजपा का दावा है कि इससे खेती को लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी। 

जबलपुर में स्थानीय विकास के दावे

डॉ. अभिलाष पाण्डेय ने अपने क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र भी किया: मेहता पेट्रोल पंप से अग्रसेन चौक तक 17 करोड़ की सीसी रोड,आईटीआई से दीनदयाल ओवरब्रिज के लिए 371 करोड़ पहले से स्वीकृत,ई-बस संचालन से ट्रैफिक सुधार की योजना। उन्होंने कहा कि इससे जबलपुर उत्तर मध्य क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।

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बजट पर सियासी घमासान तेज

मध्यप्रदेश बजट 2026-27 को लेकर सियासत गरमा गई है। एक ओर सरकार इसे विकास और कल्याण का बजट बता रही है, तो दूसरी ओर BAP के एकमात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार इसे कर्ज बढ़ाने वाला और आदिवासी-विरोधी करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में विधानसभा और मैदान दोनों जगह इस बजट पर बहस और तेज होने के संकेत हैं।

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