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BHOPAL. होली के त्योहार पर अपने घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश में 2 मार्च को होने वाली बसों की प्रस्तावित हड़ताल को अब वापस ले लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बस ऑपरेटरों के बीच हुई सकारात्मक चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है। इस फैसले से उन लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, जो ट्रेनों में लंबी वेटिंग के कारण बसों पर निर्भर थे।
परिवहन विभाग के आदेश को सीएम ने किया सस्पेंड
शनिवार, 28 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपनी समस्याओं को रखा था।
चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के जारी किए गए दो विवादित राजपत्रों को फिलहाल सस्पेंड करते हुए होल्ड पर रखने के निर्देश दिए है। एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने पुष्टि की है कि सरकार के इस कदम के बाद 2 मार्च की हड़ताल को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया गया है।
बसों का संचालन रहेगा यथावत
एसोसिएशन ने साफ कहा है कि राज्य के सभी रूटों पर बसें बिना किसी बदलाव के सामान्य रूप से चलती रहेंगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में यह बात जोर देकर कही कि सरकार का मुख्य उद्देश्य लोक परिवहन सेवा को बिना किसी रुकावट के चलाना है।
खासकर गांवों में रहने वाले लोगों को आसानी से यात्रा करने का मौका मिले। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि परिवहन सेवा को सुधारने के दौरान किसी को भी कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
समाधान के लिए परिवहन मंत्री के साथ होगी अगली चर्चा
सीएम मोहन यादव ने बस ऑपरेटरों की समस्याओं को हल करने के लिए परिवहन मंत्री को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेटरों के पदाधिकारी जल्द ही परिवहन मंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालेंगे।
जब तक दोनों पक्षों के बीच पूरी सहमति नहीं बन जाती, तब तक विवादित मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस बैठक में परिवहन सचिव मनीष सिंह और राज्य के सभी दस संभागों के बस मालिक भी मौजूद थे।
आखिर क्या था विवाद का मुख्य कारण?
बस ऑपरेटर पिछले कुछ समय से परिवहन विभाग की नई नीतियों से नाराज थे। सबसे बड़ा विवाद था मार्गों के राष्ट्रीयकरण और नई परमिट नीति को लेकर। ऑपरेटरों का मानना था कि इन बदलावों से उनके व्यवसाय पर बुरा असर पड़ेगा। हालांकि, अब सरकार ने इन नीतियों को टाल दिया है। इससे फिलहाल सरकार और बस मालिकों के बीच का टकराव टल गया है।
त्योहार पर यात्रियों को मिली बड़ी सौगात
होली के समय ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना अक्सर मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बसें ही लोगों के घर पहुंचने का एकमात्र रास्ता होती हैं। यदि 2 मार्च को हड़ताल होती, तो हजारों लोग रास्ते में फंस सकते थे। अब क्योंकि परिवहन सेवा सुचारू रहेगी, लोग बिना किसी चिंता के अपना त्योहार आसानी से प्लान कर सकते हैं।
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