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Photograph: (the sootr)
BHOPAL. मध्यप्रदेश प्रशासन में इन दिनों एक अहम प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। एमपी मुख्य सचिव (MP Chief Secretary) अनुराग जैन अपने पारिवारिक कारणों से अवकाश पर चले गए हैं। उनके ससुर के निधन के कारण उन्होंने पांच दिनों की छुट्टी ली है। इस दौरान राज्य सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को सुचारु बनाए रखने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेश राजौरा (Rajesh Rajoura IAS) को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
गुरुवार दोपहर राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए। राजेश राजौरा मध्यप्रदेश कैडर के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक हलकों में इसे एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण व्यवस्था माना जा रहा है, जिससे शासन का काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
क्यों अवकाश पर गए अनुराग जैन
मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन (Anurag Jain IAS) अपने ससुर के निधन के कारण अवकाश पर गए हैं। पारिवारिक शोक के कारण उन्होंने पांच दिनों की छुट्टी ली है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश अस्थायी है और छुट्टी खत्म होने के बाद अनुराग जैन फिर से मुख्य सचिव पद का कार्यभार संभालेंगे।
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कौन हैं राजेश राजौरा
अनुराग जैन के अवकाश पर जाने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजौरा (Rajesh Rajoura IAS) को मुख्य सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार दिया है।
राजेश राजौरा 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मध्यप्रदेश कैडर के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं।
व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- मूल निवासी: नीमच, मध्यप्रदेश
- शिक्षा: एमबीबीएस (MBBS)
- चिकित्सा क्षेत्र की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में कदम रखा।
कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं
राजेश राजौरा का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक है। उन्होंने राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है।
- प्रमुख विभाग
- कृषि विभाग
- गृह विभाग
- उद्योग विभाग
- उद्यानिकी विभाग
- परिवहन विभाग
इन विभागों में काम करते हुए उन्होंने नीतियों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कई जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं
राजेश राजौरा ने जिला प्रशासन में भी लंबा अनुभव हासिल किया है।
जिन जिलों में रहे कलेक्टर
- धार
- बालाघाट
- उज्जैन
- इंदौर
इसके अलावा वे झाबुआ में एडिशनल कलेक्टर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
मुख्य सचिव बनने की दौड़ में पहले भी थे शामिल
जब मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव पद के लिए नामों पर चर्चा हो रही थी, तब राजेश राजौरा का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल था।
हालांकि बाद में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद अनुराग जैन को दिल्ली से मध्यप्रदेश भेजा गया और उन्हें मुख्य सचिव नियुक्त किया गया।
एमपी के 35वें मुख्य सचिव हैं अनुराग जैन
अनुराग जैन मध्यप्रदेश के 35वें मुख्य सचिव हैं। वे 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ अपने वित्तीय प्रबंधन के लिए भी जाने जाते हैं।
केंद्र सरकार में भी निभाई अहम भूमिका
मुख्य सचिव बनने से पहले अनुराग जैन केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे। वे रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। यह मंत्रालय देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में यह मंत्रालय सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
एक साल के एक्सटेंशन पर हैं अनुराग जैन
अनुराग जैन का कार्यकाल अगस्त 2025 में समाप्त होने वाला था। हालांकि केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल में एक वर्ष का विस्तार (Extension) दे दिया।
एक्सटेंशन से जुड़ी अहम बातें
- अगस्त 2025 में कार्यकाल समाप्त होना था
- उसी दिन केंद्र सरकार ने एक साल का एक्सटेंशन दिया
- अब उनका कार्यकाल अगस्त 2026 तक रहेगा
- राजनीतिक और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) की पसंद भी अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाने में अहम मानी जाती है।
अनुराग जैन की शिक्षा और करियर
अनुराग जैन का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है।
- शिक्षा- बीई (इलेक्ट्रॉनिक्स)
- आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक ऑनर्स
- 1986 बैच के मेरिट होल्डर
- तकनीकी शिक्षा के बाद उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा पास की और प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया।
प्रशासनिक सेवा में लंबा अनुभव
आईएएस बनने के बाद अनुराग जैन की पहली पोस्टिंग 6 जून 1990 को मध्यप्रदेश के सागर में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं।
जिन जिलों में रहे कलेक्टर
- मंडला
- मंदसौर
- भोपाल
इन जिलों में उन्होंने प्रशासनिक सुधार और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव की भूमिका
मुख्य सचिव राज्य सरकार का सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होता है। इसे राज्य की नौकरशाही का शीर्ष पद माना जाता है।
मुख्य सचिव की प्रमुख जिम्मेदारियां
- मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को प्रशासनिक सलाह देना
- सभी विभागों के बीच समन्वय बनाना
- सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी
- प्रशासनिक निर्णयों को लागू करना
क्या राजेश राजौरा भविष्य में बन सकते हैं मुख्य सचिव?
प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी है कि राजेश राजौरा भविष्य में मुख्य सचिव बन सकते हैं।
इसके पीछे कारण-
- वे 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं
- उनका अनुभव काफी व्यापक है
- वे जून 2027 में सेवानिवृत्त होंगे
- ऐसे में उनके पास मुख्य सचिव बनने का अवसर अभी भी मौजूद है। हालांकि इस पद के लिए अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की दावेदारी भी सामने आ सकती है।
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प्रशासनिक व्यवस्था पर नहीं पड़ेगा असर
राज्य सरकार का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार देने से प्रशासनिक कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राजेश राजौरा का अनुभव इस जिम्मेदारी को संभालने में मदद करेगा। अनुराग जैन के अवकाश से लौटने के बाद वे फिर से मुख्य सचिव पद का कार्यभार संभालेंगे।
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