योजनाओं में लापरवाही नहीं चलेगी, सीएम मोहन यादव की कलेक्टरों को दो टूक, अब खुद करेंगे औचक निरीक्षण
मध्य प्रदेश में सरकारी योजनाओं में लापरवाही पर सीएम मोहन यादव ने सख्ती दिखाई है। जन विश्वास अभियान की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अब जिलों का औचक निरीक्षण करेंगे। बैठक में कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। स्वामित्व योजना में रीवा, शहडोल और धार के कुछ पटवारी हलकों की प्रगति शून्य मिली है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने लंबित शिकायतें जल्द निपटाने को भी कहा है।
अब जिलों में अचानक पहुंचेंगे सीएम
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की फील्ड में मौजूदगी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सभी अधिकारियों को मैदान में उतरना होगा। लोगों की अधिकतम समस्याएं मौके पर ही निपटाई जाएं।
फील्ड में रहना होगा अनिवार्य
कलेक्टरों को सख्त निर्देश
इनमें महिला एवं बाल विकास और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग शामिल हैं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा तथा पीएचई विभाग की स्थिति भी देखी गई। संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को विभागीय स्थिति सुधारने के निर्देश मिले हैं।
तीन जिलों में जीरो प्रोग्रेस
प्रदेश में कुल 49 लाख 48 हजार 980 प्लॉट्स की रजिस्ट्री का लक्ष्य है। अब तक केवल एक लाख 60 हजार 230 रजिस्ट्रियां हुई हैं। यानी कुल लक्ष्य का लगभग 3.24 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
रीवा, शहडोल और धार में काम न होने पर नाराज सीएम
मुख्य सचिव ने सबसे खराब प्रदर्शन वाले 10 जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि कामकाज में तुरंत सुधार किया जाए। जिन पटवारी हलकों में अब तक काम शुरू नहीं हुआ है, वहां बिना देरी किए काम शुरू कराया जाए।
आज सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस के साथ वर्चुअली बैठक कर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी तीज-त्योहारों व सामाजिक-धार्मिक मेलों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें।कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के उपयोग पर सख्ती से अंकुश लगाएं, पटाखों की दुकानों के लाइसेंस एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाएं।महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें एवं किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों को रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाएं तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में राज्य सरकार की सभी फ्लैगशिप योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन का फीडबैक भी लिया।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 21, 2026
लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान
सीएम हेल्पलाइन में सबसे ज्यादा शिकायतें किन विभागों में अटकी हैं, इसकी भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि लोगों की शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अधिकारी सिर्फ दफ्तरों में बैठकर काम न करें। उन्हें खुद फील्ड में जाकर लोगों की परेशानियां सुननी होंगी। साथ ही उनकी समस्याओं को मौके पर ही दूर करने की कोशिश करनी होगी।
सरकारी कामकाज की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं (MP Government Schemes) से जुड़ी परेशानियां जल्द दूर की जाएं। लोगों के आवेदन बेवजह अटके नहीं रहने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों का जल्द निपटारा करने और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाने को कहा है।
कम बारिश वाले जिलों पर नजर
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि इन जिलों पर खास ध्यान दिया जाए। जहां कम बारिश से परेशानी हो रही है, वहां के लिए अलग से कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही प्रभावित इलाकों की समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
दिवाली से पहले सड़कें सुधारें
लोक निर्माण विभाग ने बताया कि सड़कों की मरम्मत और निर्माण का काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में जो काम अधूरे पड़े हैं, उन्हें भी जल्द पूरा किया जाए। साथ ही सरकारी भवनों के निर्माण में देरी नहीं होनी चाहिए। सभी काम तय समय पर पूरे किए जाएं।
कार्बाइड गन पर सख्त रोक
मुख्यमंत्री ने पटाखों की अवैध बिक्री पर भी रोक लगाने को कहा है। उन्होंने कलेक्टरों और एसपी को त्योहारों के दौरान खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाए।
मिलावटखोरी पर भी कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि मिलावटखोरी के मामलों में अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। वहीं 42 मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर कलेक्टर और एसपी की जिम्मेदारी होगी।
By Sumit Kumar
By Jageshwar prasad
By Amresh Kushwaha
By VINAY VERMA
By Sandeep Kumar
By Umeshwari Baghel
By Raghvendra Singh Rathore