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News in Short
- कांग्रेस विधायक ने विभागीय जांचों और कार्रवाई पर सवाल उठाए।
- अवैध भार क्षमता, वाहन परमिट और राजस्व नुकसान पर विशेष सवाल थे।
- परिवहन मंत्री ने जवाब देने के लिए समय मांगा, जानकारी एकत्रित की जा रही है।
- 2013 से अब तक कई अधिकारियों पर जांच और कार्रवाई की गई थी।
- मंत्री ने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, दस्तावेज उपलब्ध होंगे।
News in Detail
मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे सवाल पर सरकार घिरी रही। विधायक कटारे ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायक ने परिवहन मंत्री से जांच प्रतिवेदन के साथ ही कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज भी मांगे। उनके सवालों पर विभाग की ओर से जानकारी उपलब्ध नहीं कराने से परिवहन मंत्री निरुत्तर नजर आए। विधायक के तीखे सवालों पर परिवहन मंत्री केवल जानकारी जुटाए जाने का हवाला ही देते रहे।
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मांगा जांच, केस और संपत्ति का ब्याेरा
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने विधानसभा में आपराधिक मामलों की जानकारी मांगी। उन्होंने अपराध दर्ज होने की अवधि में आरटीओ, एआरटीओ, जिला परिवहन अधिकारी, परिवहन निरीक्षक, उपनिरीक्षक और परिवहन आरक्षकों की संपत्ति का रिकॉर्ड भी मांगा। विधायक ने कहा- इन सभी अधिकारियों को आपराधिक केस दर्ज होने और विभागीय जांच के बावजूद पोस्टिंग दी गई है। उन्होंने ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना पर भी सवाल उठाया है। लेकिन इस पर भी विभाग की ओर से उन्हें न तो सूची उपलब्ध कराई गई न ही मंत्री विधानसभा में जवाब दे सके।
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वाहनों को अधिक भार क्षमता का परमिट
वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक भार ढोने की अनुमति का मामला भी विधायक कटारे ने उठाया। उनका कहना था कि जिलों में परिवहन अधिकारी भारी वाहनों को नियम विरुद्ध अधिक भार क्षमता की अनुमति दे रहे हैं। उन्होंने उज्जैन आरटीओ द्वारा परमिट जारी किए जाने वाले वाहनों के नंबरों का उल्लेख भी किया। विधायक ने बताया कि कंपनी से वाहनों की जो भार क्षमता तय है उसे 55 टन तक बढ़ाकर अनुमति दी गई। यही नहीं इन वाहनों की भार क्षमता में संशोधन के बिना ही परमिट दिए जा रहे हैं। इस वजह से विभाग और सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरटीओ संतोष मालवीय जांच और कार्रवाई पर भी सवाल उठाया।
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कमाई के लिए अच्छी पोस्टिंग की होड़
परिवहन चेक पोस्ट (पाइंट) पर वाहनों से वसूली के जरिए तगड़ी कमाई होती है। सीमावर्ती चेक पोस्ट- चेक पाइंट पर पोस्टिंग के लिए अधिकारी- कर्मचारियों में होड़ लगी रहती है। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने परिवहन उप निरीक्षक केके गोस्वामी की सेवाकाल में अर्जित संपत्ति की जानकारी मांगी। गोस्वामी पूर्व में परिवहन आरक्षक पर नियुक्त हुआ था। एमपीपीएससी की परीक्षा में चयन के बाद उसे उपनिरीक्षक बनाया गया है। विधायक ने गोस्वामी की आरक्षक के पद पर और उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति के दौरान घोषित की गई चल- अचल संपत्ति की जानकारी मांगी है।
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