कांग्रेस में घमासान जारी: प्रवक्ता हटे, टैलेंट हंट का ऐलान…पर मैदान में अब भी भ्रम

मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक संघर्ष चरम पर है। प्रवक्ताओं को हटाया गया। टैलेंट हंट का ऐलान हुआ, लेकिन असलियत में प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई।

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Ramanand Tiwari
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Conflict continues in Congress Spokesperson removed, talent hunt announced

Photograph: (the sootr)

NEWS IN SHORT

  • कांग्रेस ने सभी प्रवक्ताओं को पदमुक्त किया, नई नियुक्ति टैलेंट हंट से होगी।
  • टैलेंट हंट प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई, कांग्रेस में असमंजस की स्थिति।
  • जीतू पटवारी ने कहा- “रीशफल की प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही फैसला होगा।”
  • कांग्रेस में मीडिया विभाग, संगठन और कम्युनिकेशन विंग के बीच तालमेल की कमी।
  • 4 फरवरी से चयन प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन विश्वास की स्थिति कमजोर बनी हुई है। 

NEWS IN DETAIL

मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी ने एक झटके में सभी प्रवक्ताओं को पदमुक्त कर दिया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसके बाद मीडिया में पार्टी का पक्ष रखने के लिए कोई अधिकृत चेहरा मौजूद ही नहीं है। आनन-फानन में लिया गया यह फैसला अब खुद कांग्रेस के लिए सवाल बनता जा रहा है।

फैसला हुआ, लेकिन रोडमैप नहीं

प्रवक्ताओं को हटाने के साथ ही कांग्रेस ने यह दावा किया कि अब नियुक्तियां ‘टैलेंट हंट’ और इंटरव्यू के जरिए होंगी। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि-टैलेंट हंट अभी शुरू ही नहीं हुआ कोई नई टीम गठित नहीं की गई कम्युनिकेशन सिस्टम पूरी तरह अस्थिर है। यानी फैसला तो हो गया, पर आगे की दिशा अब भी धुंधली है।          

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जीतू पटवारी का बयान: “रीशफल चल रहा है”

इस पूरे मुद्दे पर जब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा-“रीशफल की प्रक्रिया चल रही है। टैलेंट भी काम करेगा और प्रवक्ता भी। जल्द ही अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।”

संगठन महामंत्री का बयान, उलझन और बढ़ी

प्रदेश संगठन प्रभारी महामंत्री डॉ. संजय कामले का कहना है कि “टैलेंट हंट शुरू किया गया है, प्रवक्ता भी इसमें शामिल हो सकते हैं। बुधवार को बैठक होगी, वहीं पूरी डिटेल तय होगी। तब तक टेम्परेरी इंचार्ज से काम चलेगा।” लेकिन सवाल यह है कि जब बैठक अभी होनी है, रूपरेखा अभी बननी है,तो फिर प्रवक्ताओं को हटाने का आदेश पहले क्यों? 

पत्र में टैलेंट लिखा, जमीन पर कुछ नहीं

कांग्रेस के अंदरूनी पत्राचार ने भी भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। पत्र में लिखा गया कि टैलेंट प्रोग्राम शुरू हो चुका है जबकि टैलेंट के कोऑर्डिनेटर को ही इसकी कॉपी नहीं दी गई

पूर्व कम्युनिकेशन प्रभारी अभय तिवारी पहले ही टैलेंट प्रक्रिया को कैंसिल कर चुके थे पुरानी पूरी टीम को भंग कर दिया गया, लेकिन नई टीम अब तक बनी नहीं तो फिर सवाल उठता है। 

आपसी ‘नूरा कुश्ती’ फिर उजागर

प्रवक्ताओं को हटाने के फैसले में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी साफ झलकती है। मीडिया विभाग, संगठन और कम्युनिकेशन विंग के बीच तालमेल की कमी अब खुलकर सामने है। यही वजह है कि-बजट सत्र में भाजपा को घेरने की कोई ठोस रणनीति नहीं दिखी कांग्रेस की प्रतिक्रिया कमजोर और बिखरी हुई नजर आई। 

टैलेंट हंट या सिर्फ कागजी ऐलान?

कांग्रेस का दावा है कि अब सिफारिश नहीं, काबिलियत चलेगी टीवी डिबेट में वही भेजे जाएंगे जो तर्क रख सकें लेकिन सच्चाई यह भी है कि-मध्य प्रदेश में टैलेंट हंट अब तक पिछड़ा हुआ है अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया काफी आगे निकल चुकी है एमपी में टैलेंट आपसी खींचतान में डंप हो चुका है

पुराने प्रवक्ताओं की ‘अग्निपरीक्षा’

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि-पुराने प्रवक्ताओं को भी दोबारा मौका चाहिए तो इंटरव्यू और टैलेंट हंट से गुजरना होगा। अब नाम नहीं चलेगा रसूख नहीं चलेगा, कैमरे के सामने खुद को साबित करना होगा

मुख्य तथ्य एक नजर में

  • सभी प्रवक्ता एक साथ पदमुक्त
  • नई नियुक्ति टैलेंट हंट के जरिए
  • टैलेंट हंट फरवरी से प्रस्तावित
  • फिलहाल मीडिया विभाग संभालेगा मोर्चा 
  • टेम्परेरी इंचार्ज से काम चलाने की तैयारी
  • कम्युनिकेशन सिस्टम पर असमंजस बरकरार

फरवरी से चयन प्रक्रिया, लेकिन भरोसा कम

पार्टी का कहना है कि 4 फरवरी से चयन प्रक्रिया शुरू होगी। तब तक-टीवी डिबेट,मीडिया बाइट सार्वजनिक मंच इन सबके लिए नाम मीडिया विभाग ही तय करेगा।

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बड़ा सवाल अब भी कायम

क्या कांग्रेस अपनी अंदरूनी लड़ाई खत्म कर पाएगी? क्या टैलेंट हंट सच में बदलाव लाएगा या सिर्फ पोस्टर बनेगा? और सबसे अहम क्या 2028 से पहले कांग्रेस अपनी मीडिया रणनीति संभाल पाएगी? इन सवालों के जवाब फिलहाल कांग्रेस को ही देने हैं।

अग्निपरीक्षा कांग्रेस भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मध्य प्रदेश कांग्रेस
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