एमपी में अब संविदाकर्मियों को भी मिलेगा ट्रांसफर, जानें पूरी प्रक्रिया और शर्तें
Abhilasha Saksena Chakraborty | May 24, 2025, 15:05 IST
Now contract employees can be transferred in MP
मध्य प्रदेश में संविदा कर्मचारियों के ट्रांसफर की नई नीति लागू, की गई है। अब ये कर्मचारी पुराना एग्रीमेंट खत्म कर नए स्थान पर नई नियुक्ति पा सकते हैं।
MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने संविदा कर्मचारियों का ट्रांसफर संभव बनाने के लिए 23 मई 2025 को एक नई ट्रांसफ़र नीति लागू कर दी है। यह व्यवस्था विशेष रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (Panchayat and Rural Development Department) के अधीन कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए बनाई गई है।इस नीति के अंतर्गत संविदा कर्मचारी को अपने वर्तमान एग्रीमेंट समाप्त करना होगा और नई जगह पर नया संविदा एग्रीमेंट करना होगा।
एमपी के संविदा कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 4 से 6 हजार तक सैलरी बढ़ाने का आदेश जारी
1 मई से 30 मई 2025 तक जिले के अंदर संविदा कर्मचारियों का ट्रांसफर कलेक्टर और प्रभारी मंत्री की अनुमति से किया जा सकेगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा ट्रांसफर का आदेश जारी किया जाएगा।
हालांकि, एक जिले में केवल 10% कर्मचारी ही ट्रांसफर हो पाएंगे।
संविदा ट्रांसफर प्रक्रिया
- कर्मचारी को पहले वर्तमान स्थान का एग्रीमेंट समाप्त करना होगा।
- फिर इच्छित स्थान पर नियोक्ता द्वारा नया एग्रीमेंट करना होगा।
- एग्रीमेंट की प्रति राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।
- कार्यमुक्ति आदेश दो सप्ताह में जारी होगा।
- नए स्थान पर जॉइनिंग एक सप्ताह में अनिवार्य होगी।
- इस दौरान किसी भी प्रकार का यात्रा या भत्ता नहीं मिलेगा।
स्थान परिवर्तन की शर्तें
- एक बार ट्रांसफर के बाद 5 साल तक दूसरा ट्रांसफर संभव नहीं।
- ट्रांसफर के दौरान किसी प्रकार का अतिरिक्त भत्ता या अवकाश नहीं मिलेगा।
- सभी एग्रीमेंट की प्रतिलिपि राज्य कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
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जिले के भीतर ट्रांसफर का तरीका
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा ट्रांसफर का आदेश जारी किया जाएगा।
हालांकि, एक जिले में केवल 10% कर्मचारी ही ट्रांसफर हो पाएंगे।
अंतर-जिला ट्रांसफर कैसे होंगे?
- स्वैच्छिक आधार पर ट्रांसफर की नीति:विवाहित, तलाकशुदा और विधवा महिलाएं अपने ससुराल, पति के स्थान या परिवार के स्थान पर ट्रांसफर के लिए पात्र होंगी।
- गंभीर बीमारियों (जैसे कैंसर, ब्रेन ट्यूमर) से ग्रसित कर्मचारियों या उनके परिजनों को प्राथमिकता मिलेगी।
- स्वैच्छिक आपसी सहमति से पद परस्पर तबादले की अनुमति होगी।
- राज्य कार्यक्रम अधिकारी आवेदन की जांच कर अंतिम निर्णय लेंगे।
- यह नीति न केवल संविदा कर्मचारियों के कार्यस्थल संतुलन को बेहतर बनाएगी, बल्कि व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक मानवीय दृष्टिकोण अपनाती है।
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