एमपी के संविदाकर्मियों के लिए खुशियों की सौगात: 10 साल से सेवा दे रहे कर्मी होंगे नियमित

सीएम मोहन ने एमपी के 2.50 लाख संविदा कर्मचारियों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। अब जिन कर्मचारियों का 10 साल का अनुभव है, उन्हें खाली पदों पर स्थाई किया जाएगा और उन्हें सेवा सुरक्षा भी मिलेगी।

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Amresh Kushwaha
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BHOPAL. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 30 जनवरी को ये बड़ी घोषणा की है। उन्होंने संविदा नीति-2023 के तहत संविदाकर्मियों के लिए नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और भत्तों के बारे में बात की है। साथ ही, सीएम ने कहा कि संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान के समान है, जो सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में अमह भूमिका निभाते हैं।

सीएम ने ये ऐलान भोपाल में संविदा कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मंच के राज्य स्तरीय सम्मेलन में किया है।

संविदाकर्मियों का किया जाएगा नियमित

संविदाकर्मियों का नियमितिकरण: सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिन संविदाकर्मियों का 10 साल से अधिक अनुभव है, उन्हें नियमित पदों पर संविलियन किया जाएगा। यह प्रक्रिया रिक्त पदों के 50% पर लागू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में इस दायरे को बढ़ाया जाएगा। इस फैसले से संविदाकर्मियों को स्थाई नौकरी मिल सकेगी।

क्या है संविलियन का मतलब?

संविदाकर्मियों का संविलियन यानी उन्हें अब स्थाई सरकारी कर्मचारी बना दिया जाएगा। पहले वे अस्थाई थे, अब स्थाई नौकरी मिलेगी। इसका मतलब है कि अब उन्हें स्थाई लाभ मिलेंगे। साथ ही, उनकी नौकरी की सुरक्षा भी बढ़ जाएगी।

रिक्त पदों के 50% पर लागू होगा

यह फैसला पहले रिक्त पदों के 50% पर लागू होगा। इन कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता (DA), सेवा सुरक्षा और अन्य फायदे मिलेंगे।

क्या इस फैसले से संविदाकर्मियों की नौकरी सुरक्षित होगी?

हां, अब संविदाकर्मियों को भी कर्मचारियों की तरह नौकरी की सुरक्षा मिलेगी। अब सीसीए नियम (CCA rules) लागू होंगे। इससे बिना नोटिस के कोई भी संविदाकर्मी को नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा। नौकरी समाप्ति से पहले उन्हें जवाब देने का और सुनवाई का मौका मिलेगा।

महंगाई भत्ता और भविष्य के लाभ

संविदाकर्मियों को अब महंगाई भत्ता (DA) मिलेगा, जो पहले साल में एक बार मूल्य सूचकांक (Price Index) के आधार पर दिया जाता था। भविष्य में एनपीएस (National Pension Scheme), हेल्थ बीमा, अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) और ग्रेच्युटी जैसे लाभ भी लागू करने पर काम किया जाएगा।

संविलियन नीति की प्रक्रिया में बदलाव

संविलियन का आदेश तुरंत लागू नहीं होगा। पहले संविदा नीति-2023 में संशोधन किया जाएगा, फिर विभागवार रिक्त पदों की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बदलाव के बाद संविदाकर्मियों को स्थाई नौकरी मिल सकेगी।

अभी तक क्या नियम था?

अब तक, जो संविदा कर्मचारी या अधिकारी 5 साल से ज्यादा काम कर चुके थे, उन्हें पद सुरक्षित मिलते थे। ये पद विभाग में सीधी भर्ती के तहत 50% तक होते थे। हालांकि, उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता था। साथ ही, 50% अंक लाना जरूरी होता था।

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