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News In Short
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में वानिकी सम्मेलन और IFS मीट 2026 की शुरुआत।
- वन विभाग के नए आईएफएस थीम गीत का विमोचन किया, जो विभाग की पहचान बनेगा।
- पूर्व पीसीसीएफ डॉ. पीबी गंगोपाध्याय को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया।
- सीएम ने मध्यप्रदेश के वन विभाग की ग्रोथ को देश में सबसे बेहतर बताया।
- सम्मेलन में विजन 2047 और चंदन पौधरोपण जैसे भविष्य के विषयों पर रोडमैप पेश।
News In Detail
Bhopal. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वानिकी सम्मेलन और IFS मीट 2026 का उद्घाटन किया। शुभारंभ समारोह में आईएफएस थीम गीत का विमोचन किया। साथ ही वन संरक्षण में समर्पित अधिकारियों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम शुक्रवार, 30 जनवरी को भोपाल में आयोजित किया गया।
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डॉ. पीबी गंगोपाध्याय को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
कार्यक्रम का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण वह था, जब सीएम ने प्रदेश के पूर्व PCCF डॉ. पीबी गंगोपाध्याय को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा। यह सम्मान उन्हें प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में उनके अतुलनीय योगदान के लिए दिया गया। डॉ. गंगोपाध्याय रिटायर्ड हो चुके हैं, इसलिए यह सम्मान उनकी पत्नी गौरी गंगोपाध्याय ने प्राप्त किया।
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मुख्यमंत्री ने क्या कहा-
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रकृति के प्रति अपना प्रेम साझा करते हुए कहा- जो मानसिक शांति और आनंद वनों के बीच मिलता है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। उन्होंने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का अपना एक संस्मरण सुनाते हुए बताया कि किस तरह बाघ अपने स्वाभाविक अंदाज में विचरण करते हैं, जो मानव और प्रकृति के सह-अस्तित्व का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में काम करना किसी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि यहां जानवरों के बीच निडर होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।
चीतों का पुनर्वास और विभाग की उपलब्धियों की तारीफ
मुख्यमंत्री ने गौरव के साथ उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश में वन विभाग (एमपी वन विभाग) की ग्रोथ देश में सबसे बेहतर रही है। उन्होंने कूनो में चीतों के सफल पुनर्वास और मगरमच्छों के सुरक्षित रेस्क्यू जैसे कार्यों को विभाग की बड़ी उपलब्धि बताया। सीएम ने कहा कि आज जब विभाग पूरी निष्ठा से काम करता है, तभी नर्मदा में मगरमच्छ और चंबल में घड़ियाल सुरक्षित महसूस करते हैं। उनके अनुसार, जल की शोभा जीवन से है और जंगल की शोभा टाइगर से।
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दो दिन तक चलेगा मंथन और मस्ती का दौर
आईएफएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एचएस मोहंता ने जानकारी दी कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में वर्तमान अधिकारियों के साथ-साथ रिटायर्ड अधिकारी भी अपनी यादें और अनुभव साझा करेंगे। आज के सत्रों में भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) के विशेषज्ञों द्वारा प्रजेंटेशन दिए गए, जिसमें 'कल्पतरु केस स्टडी' और विजन 2047 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही, छिंदवाड़ा मंडल द्वारा चंदन के वृक्षारोपण पर भी विशेष जानकारी साझा की गई।
बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक संध्या
सम्मेलन केवल गंभीर चर्चाओं तक सीमित नहीं है। इसमें वन अधिकारियों के परिवारों और बच्चों के लिए चित्रकला और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है। नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों ने पर्यावरण और प्रकृति के प्रति अपनी सोच को कैनवास पर उतारा। शाम का वक्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम रहेगा, जहां संगीत और कला की प्रस्तुति होगी।
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