दमोह फर्जी डॉक्टर कांड के बाद MP में संविदा डॉक्टरों की डिग्री जांच शुरू
Amresh Kushwaha | Jun 06, 2026, 09:59 IST
mp damoh fake doctors degree registration probe
दमोह फर्जी डॉक्टर कांड के बाद MP में 2000 से ज्यादा संविदा डॉक्टरों की डिग्री और मेडिकल रजिस्ट्रेशन की जांच शुरू हो गई है। अब तक 9 और डॉक्टरों पर FIR दर्ज की जा चुकी है। दस्तावेजों में गड़बड़ी पर नौकरी जाएगी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- दमोह में फर्जी डॉक्टरों के पकड़ाने के बाद प्रदेशभर में जांच शुरू हो गई है।
- MP में दो हजार से ज्यादा संविदा डॉक्टरों की डिग्री खंगाली जा रही है।
- जांच में अब तक 9 और डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन फर्जी निकले हैं।
- इन सभी ने नकली दस्तावेजों के दम पर सरकारी नौकरी पाई थी।
- फर्जी कागजात मिलने पर एफआईआर (FIR) और नौकरी जाना तय है।
दमोह कांड से हिला स्वास्थ्य महकमा
2000 डॉक्टरों की जांच
विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच में यह देखा जा रहा है कि संबंधित डॉक्टर ने किस मेडिकल कॉलेज से डिग्री ली, पढ़ाई कब पूरी हुई है। साथ ही, मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल (MPMC - Madhya Pradesh Medical Council) में रजिस्ट्रेशन कब हुआ और अभी किस सरकारी संस्था में तैनात है।
9 और फर्जी डॉक्टर पकड़ाए
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS - Bharatiya Nyaya Sanhita) की धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन डॉक्टरों में डॉ. आकाश चंदेलकर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. कमल किशोर, डॉ. मोनिका, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. शांति साहू, डॉ. सोनम यादव, डॉ. बुद्धिमान और डॉ. पवन सोलंकी शामिल हैं। सभी ने फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर के सहारे सरकारी नौकरी पाई थी और सरकारी वेतन भी उठाते रहे।
दस्तावेज गड़बड़ी पर होगी FIR
इस घोषणा के बाद उन तमाम संविदा डॉक्टरों में हड़कंप है जिनके दस्तावेज संदिग्ध हो सकते हैं। अब हर किसी को अपनी असली डिग्री और रजिस्ट्रेशन साबित करनी होगी।
मरीजों की जान दांव पर
जब कोई बिना असली डिग्री के इलाज करता है, तो गलत दवा, गलत इंजेक्शन या गलत सर्जरी से जान भी जा सकती है। दमोह कांड यह सवाल उठाता है कि यह फर्जीवाड़ा कितने सालों से चल रहा था और इस दौरान कितने मरीजों ने झेला होगा।
FAQ
- दमोह फर्जी डॉक्टर कांड क्या है?
दमोह के संजीवनी क्लीनिक में तीन डॉक्टर बिना असली डिग्री और वैध रजिस्ट्रेशन के सरकारी नौकरी कर रहे थे। जब इनका भंडाफोड़ हुआ, तो सरकार ने पूरे मध्य प्रदेश में संविदा पर काम कर रहे 2 हजार से ज्यादा डॉक्टरों की जांच का आदेश दे दिया। एनएचएम ने यह जांच शुरू की और एमपीएमसी से सभी के रजिस्ट्रेशन का सत्यापन कराया जा रहा है। - MP में संविदा डॉक्टरों की जांच में क्या देखा जा रहा है?
जांच में मुख्य रूप से चार बातें जांची जा रही हैं: डॉक्टर ने किस मेडिकल कॉलेज से डिग्री ली, पढ़ाई किस साल पूरी हुई, मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कब हुआ और अभी वे किस सरकारी संस्था में तैनात हैं। अगर किसी भी दस्तावेज में गड़बड़ी मिली तो तुरंत एफआईआर होगी और नौकरी भी जाएगी।
दमोह कलेक्टर के बेडरूम की रहस्यमयी दराज में दफन था राज, पांच साल बाद हुआ खुलासा
दमोह में मिले ब्रिटिश काल के सिक्के, खजाने पर विवाद, मजदूर बोले 35 किलो, मालिक बोले 42 सिक्के
दमोह कलेक्टर की जासूसी, फोन के जरिये गोपनीय बातें लीक करता था कर्मचारी; निलंबित
दमोह के हटा का नाम होगा शिवकाशी: सीएम मोहन यादव ने दी 450 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari