पदोन्नति के बाद भी निराश 194 डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर बनने का इंतजार बढ़ा
Sanjay Gupta | Sept 29, 2026, 12:47 IST
एमपी में प्रभारी डिप्टी कलेक्टर से डिप्टी कलेक्टर बने 194 अधिकारी ग्रेडेशन लिस्ट में सबसे नीचे रखे गए हैं।
मध्यप्रदेश में प्रभारी डिप्टी कलेक्टर से डिप्टी कलेक्टर बने 194 अधिकारी ग्रेडेशन लिस्ट में पिछड़ गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की सूची में इन्हें 2024 बैच के प्रोबेशन अधिकारियों से नीचे रखा गया है। MP डिप्टी कलेक्टर प्रमोशन के बाद अधिकारियों को तीन साल का नुकसान हुआ है। लोकायुक्त नहीं बल्कि लोक प्रशासन से जुड़े इस मामले में संयुक्त कलेक्टर बनने का इंतजार बढ़ गया है।
मध्यप्रदेश में प्रभारी डिप्टी कलेक्टर से डिप्टी कलेक्टर बने 194 अधिकारी अब नाराज हैं। ग्रेडेशन लिस्ट में इन्हें सबसे नीचे रखा गया है। इससे इन अधिकारियों को तीन साल का नुकसान हो गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंबे समय से रुकी पदोन्नति को मंजूरी दी थी। इससे 85 हजार अधिकारियों को फायदा मिला। लेकिन अब इन्हीं में से 194 डिप्टी कलेक्टर नाराज हैं।
मध्यप्रदेश में लंबे समय से रुकी पदोन्नति को हरी झंडी मिली थी। इससे विभिन्न विभागों के 85 हजार अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिला। इसमें प्रभारी डिप्टी कलेक्टर से डिप्टी कलेक्टर बने 194 अधिकारी भी शामिल हैं। लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग की ग्रेडेशन लिस्ट में इन्हें सबसे नीचे रखा गया है। इससे इनकी वरिष्ठता को तीन साल का नुकसान हुआ है।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 194 अधिकारियों की ग्रेडेशन लिस्ट बनाई है। यह लिस्ट कुल 704 अधिकारियों की है। इसमें इन 194 अधिकारियों को सबसे निचले पायदान पर रखा गया है। ये साल 2024 बैच के हाल ही में चयनित डिप्टी कलेक्टर (प्रोबेशन) से भी नीचे हैं।
ग्रेडेशन लिस्ट में नीचे आने से अधिकारी नाराज हैं। ये सभी साल 2023 में प्रभारी बने थे। लेकिन नई पदोन्नति उन्हें साल 2026 से मान्य की गई है। यानी इन अधिकारियों को तीन साल का नुकसान हुआ है। पहले ही इनकी पदोन्नति देरी से हुई थी।
मुख्य तौर पर यह 194 अधिकारी साल 2008 बैच के नायब तहसीलदार हैं। आमतौर पर नायब तहसीलदार से तहसीलदार और फिर डिप्टी कलेक्टर बनने में 10 से 12 साल लगते हैं। लेकिन इन अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर बनने में 18 साल लग गए। पहले ही पदोन्नति देरी से हुई। अब ग्रेडेशन भी साल 2026 से दी गई है।
जबकि उम्मीद थी कि ग्रेडेशन साल 2023 से मिलेगी। ऐसे में ये अधिकारी दो-तीन साल में संयुक्त कलेक्टर पद के लिए पात्र हो जाते। लेकिन साल 2026 से ग्रेडेशन मिलने से अब संयुक्त कलेक्टर बनने में इन्हें पांच से छह साल का इंतजार करना होगा।
यह मामला सिर्फ 194 अधिकारियों तक सीमित नहीं है, यह प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति और वरिष्ठता तय करने के तरीके पर सवाल उठाता है। सालों की देरी झेल चुके अधिकारियों के लिए ग्रेडेशन में पिछड़ना दोहरा झटका है। इससे प्रदेश के राजस्व प्रशासन में मनोबल पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि यही अधिकारी आगे चलकर कलेक्टर स्तर के फैसलों में भूमिका निभाते हैं। पारदर्शी और समय पर पदोन्नति व्यवस्था प्रशासनिक स्थिरता के लिए जरूरी मानी जाती है।
लोकल कनेक्शन
यह मामला सीधे मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ा है और राज्यभर में पदस्थ अधिकारियों को प्रभावित करता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंबे समय से रुकी पदोन्नति को मंजूरी दी थी। इससे 85 हजार अधिकारियों को फायदा मिला। लेकिन अब इन्हीं में से 194 डिप्टी कलेक्टर नाराज हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
ग्रेडेशन सूची में नीचे डाला गया
तीन साल का हुआ घाटा
अभी तक संयुक्त कलेक्टर होना था
जबकि उम्मीद थी कि ग्रेडेशन साल 2023 से मिलेगी। ऐसे में ये अधिकारी दो-तीन साल में संयुक्त कलेक्टर पद के लिए पात्र हो जाते। लेकिन साल 2026 से ग्रेडेशन मिलने से अब संयुक्त कलेक्टर बनने में इन्हें पांच से छह साल का इंतजार करना होगा।
यह खबर क्यों जरूरी है
लोकल कनेक्शन
यह मामला सीधे मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ा है और राज्यभर में पदस्थ अधिकारियों को प्रभावित करता है।
- ग्रेडेशन लिस्ट में 194 अधिकारियों को सबसे नीचे क्यों रखा गया?
इन अधिकारियों की डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति साल 2026 से मान्य की गई है, जबकि ये 2023 में प्रभारी बने थे। इसी वजह से 704 अधिकारियों की सूची में इन्हें सबसे निचले स्थान पर रखा गया है। - इन अधिकारियों को कितने साल का नुकसान हुआ है?
इन्हें वरिष्ठता में तीन साल का नुकसान हुआ है। इसके अलावा संयुक्त कलेक्टर पद तक पहुंचने में भी अब पांच से छह साल ज्यादा लगेंगे। - ये 194 अधिकारी मूल रूप से किस बैच के हैं?
ये मुख्यतः साल 2008 बैच के नायब तहसीलदार हैं। इन्हें डिप्टी कलेक्टर पद तक पहुंचने में सामान्य 10-12 साल की तुलना में 18 साल लग गए।
JJM Scam: हाई कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद शीर्ष अदालत पहुंचे थे महेश जोशी, अब रिहाई का रास्ता साफ
By Jageshwar prasad
दीपावली पर जयपुर नगर निगम का अजीब रूट प्लान: निजी कंपनी की दूरी घटी, निगम के कॉम्पैक्टर पर बढ़ा बोझ
By Ashish Bhardwaj
MP में 27% OBC आरक्षण पर नया दांव, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे BJP विधायक, सरकार भी दायर करेगी SLP
By Manya Jain
रायपुर में आज से भिड़ेंगे भारत-जिम्बाब्वे, महिलाओं को फ्री एंट्री, स्मृति मंधाना संभालेंगी फुलटाइम कप्तानी
By Harrison Masih
पंचायत चुनाव: नाम वापसी के बाद मुकाबला साफ, जयपुर जिला परिषद के लिए 154 प्रत्याशी मैदान में
By Jageshwar prasad
शिवपुरी में BJP विधायक से भिड़ा युवक, बोला- आप गधे हो, मैं ग्रेजुएट हूं, VIDEO वायरल
By Manya Jain
कोटा में सिजेरियन के बाद महिला की हालत बिगड़ी, किडनी फंक्शन बंद, प्लेटलेट्स के लिए भटके परिजन
By Jageshwar prasad