शादी में बढ़ते तलाक: भिंडी की सब्जी और मोटापे जैसे अजीबो गरीब विवाद तोड़े रहे घर
Manya Jain | May 11, 2026, 16:16 IST
mp-divorce-cases-2024
शादी जैसे पवित्र रिश्ते अब भिंडी और वजन बढ़ने जैसी मामूली बातों पर टूट रहे हैं। साल 2024 में एमपी में बढ़े तलाक के मामलों ने रिश्तों में बढ़ती दूरियों की पोल खोल दी है।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- शादी जैसे पवित्र रिश्ते अब छोटी-छोटी बातों की वजह से टूट रहे हैं।
- भोपाल में भिंडी की सब्जी और वजन बढ़ने पर तलाक के मामले आए।
- मध्यप्रदेश में साल 2024 में पारिवारिक विवाद के मामले तेजी से बढ़े हैं।
- रिश्तों में संवाद की कमी मामूली बात को कोर्ट तक पहुँचा रही है।
- काउंसलिंग से विवाद सुलझाने की कोशिशें कई बार नाकाम साबित हो रही हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं पति-पत्नी के बीच विवाद?
WhatsApp Imag
यहां कहीं भिंडी की सब्जी ने झगड़ा पैदा कर दिया। कहीं रंग-रूप और बढ़ता वजन दूरियों की वजह बन गया। ये मामले बताते हैं कि आपसी समझ अब कम हो रही है।
अजीबोगरीब कारणों से टूट रहे घर: भोपाल के तीन बड़े मामले
- भोपाल के एक केस में भिंडी की सब्जी विवाद की जड़ बनी। पति को गीली सब्जियां और भिंडी बिल्कुल पसंद नहीं थीं। पत्नी बार-बार वही सब्जी बनाती रही जिससे बात बिगड़ गई। कई दौर की काउंसलिंग के बाद भी दोनों में सहमति नहीं बनी। अब यह मामला कोर्ट की कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है।
- दूसरे मामले में रंग-रूप और स्टैंडर्ड को लेकर दूरी पैदा हुई। पत्नी को पति के साथ सार्वजनिक जगहों पर जाने में शर्म आती थी। पति का कहना था कि शादी सबकी मर्जी से हुई थी। पत्नी अपनी बात पर अड़ी रही और दोनों अलग हो गए। इस रिश्ते में कोई संतान नहीं थी जिससे फैसला आसान हुआ।
- तीसरे केस में पति का मोटापा विवाद की मुख्य वजह बन गया। पत्नी ने साफ कहा कि पति पतला नहीं होगा तो साथ नहीं रहेगी। उसे पति के व्यवहार या पैसे से कोई दिक्कत नहीं थी। काउंसलर ने डाइट और एक्सरसाइज की सलाह दी पर पत्नी नहीं मानी। अंत में दोनों के बीच अलगाव की स्थिति बन गई।
मध्यप्रदेश में पारिवारिक विवाद और तलाक के आंकड़े
दहेज हत्या और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की रिपोर्ट
विवाद सुलझाने के लिए काउंसलिंग
WhatsApp Image
काउंसलिंग का मुख्य उद्देश्य गलतफहमी और गुस्से को दूर करना है। इसके लिए 2 से 5 फॉलो-अप सत्र रखे जाते हैं। अगर दोनों पक्ष साथ रहने को तैयार हों तो समझौता होता है। समझौता होने पर एक लिखित सहमति पत्र तैयार किया जाता है। बात न बनने पर मामला कानूनी प्रक्रिया के लिए कोर्ट जाता है।
रिश्तों को बचाने के लिए संवाद और सम्मान जरूरी
गुस्से में प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत रहना बेहतर होता है। घरेलू विवादों को समय रहते बातचीत से सुलझाना चाहिए। छोटी नाराजगियों को नजरअंदाज करना बड़े विवाद का कारण बनता है। रिश्तों में प्यार के साथ धैर्य और समझ बहुत जरूरी है। रिश्ता सिर्फ अपनी पसंद थोपने का नाम नहीं है।
ये भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ में अनोखा रिसेप्शन : दुल्हन को लेने पहुंचा बॉयफ्रेंड, बोला ये मेरी गर्लफ्रेंड, दूल्हे ने मांगा तलाक
आपसी सहमति से तय तलाक पर सहमति बदलने की नहीं होगी इजाजत: सुप्रीम कोर्ट
एक कमरे में रहकर भी दूर हो रहे पति-पत्नी, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे तलाक के मामले
नारायण साईं को तलाक: इंदौर फैमिली कोर्ट का फैसला, पत्नी को 2 करोड़ रु. एलुमनी देने का आदेश
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava