मप्र बिजली कंपनी के सहायक ग्रेड 3 पदों की रूकी ज्वाइनिंग कब तक होगी, हाईकोर्ट ने यह दिए आदेश
Sanjay Gupta | Sept 10, 2025, 12:43 IST
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मप्र बिजली कंपनी द्वारा सहायक ग्रेड 3 के 545 चयनित उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग में देरी के कारण, हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिए हैं। जानिए हाईकोर्ट के आदेश और ज्वाइनिंग प्रक्रिया से जुड़ी अहम जानकारी।
मध्य प्रदेश बिजली कंपनी द्वारा 2583 पदों के लिए मार्च माह में ली गई परीक्षा का रिजल्ट दो जून को जारी हुआ था। इस रिजल्ट पर विवाद भी उठा और फिर संशोधन भी हुआ। इसके बाद भोपाल में 26 अगस्त को सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा ज्वाइनिंग लैटर दिया गया। इसमें उर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर व अन्य उपस्थित रहे, लेकिन सहायक ग्रेड के 545 पदों पर ज्वाइनिंग नहीं मिली है। इसका कारण कानूनी रोक बताया गया।
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इस मामले में दो याचिकाओं की जानकारी बिजली कंपनी से द सूत्र को मिली है। याचिका नंबर 25946/25 और 21003/25 जो इंदौर हाईकोर्ट में लगी थीं, इन्हें निराकृत कर दिया गया है। इन याचिकाओं में मांग की गई थी कि संशोधित कटआफ अंक जारी किए जाएं और सभी पदों की वेटिंग लिस्ट सामने आए।
इसमें याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा दावा की गई राहतों के संबंध में, उन्होंने प्रतिवादी संख्या 2 और 3 यानी मप्र बिजली कंपनी चीफ जनरल मैनेजर एचआर, इंदौर और मप्र बिजली कंपनी एमडी उर्जा भवन इंदौर के समक्ष पहले ही व्यक्तिगत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिए हैं, लेकिन वे लंबित हैं और उन पर निर्णय नहीं हुआ है।
इस पर हाईकोर्ट ने आदेश (High Court order) दिए कि मामलों के उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह निर्देश दिया जाता है कि यदि याचिकाकर्ता आज से 7 दिनों की अवधि के भीतर प्रतिवादी संख्या 2 और 3 के समक्ष नए अभ्यावेदन प्रस्तुत करते हैं, तो उक्त अभ्यावेदन पर प्रतिवादी 2 और 3 द्वारा विधि के अनुसार तर्कपूर्ण और स्पष्ट आदेश पारित करके, उसे दाखिल करने की तिथि से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर निर्णय लिया जाएगा। यह आदेश दोनों याचिकाओं में हुए हैं।
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यानी हाईकोर्ट के आदेश के तहत याचिकाकर्ताओं को अपना प्रेजेंटेशन देना है और इसके बाद बिजली कंपनी इस पर फैसला लेगी। इसके लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद ही इसमें ज्वाइनिंग की औपचारिक प्रक्रिया होगी।
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बिजली कंपनी की परीक्षा में विविध कैटेगरी में 2583 पद निकले थे। इसमें 1947 चयनित हुए, जिसमें से दस्तावेज जांच के बाद कुछ अपात्र हुए और कुछ चयनित होने के बाद भी आए नहीं, ऐसे में कुल 1632 को ज्वाइनिंग देने का फाइनल हुआ, लेकिन अभी सहायक ग्रेड वालों को छोड़कर बाकी चयनित 1033 युवाओं को ज्वाइनिंग दी जा रही है।
सहायक ग्रेड के 545 चयनित उम्मीदवार निराश
सहायक ग्रेड 3 के चयनित करीब 545 उम्मीदवारों को अभी नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं। बिजली कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार कुछ उम्मीदवारों द्वारा हाईकोर्ट में 30 से ज्यादा याचिकाएं लगाई गई थीं। इनमें परीक्षा में पूछे गए प्रश्न और उनकी आंसर की पर सवाल उठे हैं। इसके चलते केस निराकरण तक ज्वाइनिंग नहीं दी जा सकती है।
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हाईकोर्ट ने यह आदेश देकर खत्म की याचिका
इसमें याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा दावा की गई राहतों के संबंध में, उन्होंने प्रतिवादी संख्या 2 और 3 यानी मप्र बिजली कंपनी चीफ जनरल मैनेजर एचआर, इंदौर और मप्र बिजली कंपनी एमडी उर्जा भवन इंदौर के समक्ष पहले ही व्यक्तिगत अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिए हैं, लेकिन वे लंबित हैं और उन पर निर्णय नहीं हुआ है।
इस पर हाईकोर्ट ने आदेश (High Court order) दिए कि मामलों के उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह निर्देश दिया जाता है कि यदि याचिकाकर्ता आज से 7 दिनों की अवधि के भीतर प्रतिवादी संख्या 2 और 3 के समक्ष नए अभ्यावेदन प्रस्तुत करते हैं, तो उक्त अभ्यावेदन पर प्रतिवादी 2 और 3 द्वारा विधि के अनुसार तर्कपूर्ण और स्पष्ट आदेश पारित करके, उसे दाखिल करने की तिथि से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर निर्णय लिया जाएगा। यह आदेश दोनों याचिकाओं में हुए हैं।
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आदेश का पालन होने के बाद होगी ज्वाइनिंग
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इतने पद के लिए हुई थी परीक्षा
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