MP के छात्रों के लिए बड़ी राहत: अब 35 हजार में होगी इंजीनियरिंग, FRC करेगी फैसला
Manya Jain | Jun 27, 2026, 20:18 IST
mp engineering college fee 35000 frc proposal
मध्यप्रदेश के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों ने FRC को सालाना फीस 35 हजार करने का प्रस्ताव दिया। छात्रों की कमी से 10 साल में 58 कॉलेज बंद हो चुके हैं। 45-55% सीटें ही भर पाती हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- कई निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों ने फीस घटाने का प्रस्ताव दिया है।
- कॉलेजों ने सालाना शिक्षण शुल्क 35 हजार रुपए की मांग।
- प्रस्ताव शुल्क विनियामक समिति के सामने रखा गया है।
- दस वर्षों में 58 निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बंद हुए हैं।
- केवल 45 से 55 प्रतिशत सीटें भर रही हैं।
10 साल में 58 कॉलेज बंद, फिर भी सीटें खाली
हालत यह है कि निजी कॉलेजों की औसतन 45 से 55 प्रतिशत सीटों पर ही प्रवेश हो पाते हैं। सरकारी कॉलेजों में 80 से 90 प्रतिशत सीटें भर जाती हैं। यह अंतर बताता है कि निजी कॉलेज छात्रों को आकर्षित करने में पिछड़ रहे हैं।
पांच साल का आंकड़ा क्या कहता है
2021-22 में 126 कॉलेजों में 47,520 सीटें थीं। उनमें से 28,534 पर प्रवेश हुए। 2022-23 में 124 कॉलेजों में 58,535 सीटों पर 31,659 प्रवेश हुए। 2023-24 में 123 कॉलेजों में 60,754 सीटों पर 33,334 दाखिले हुए। 2024-25 में 142 कॉलेजों में 73,637 सीटों पर 42,924 प्रवेश हुए। 2025-26 में 128 कॉलेजों में 64,473 सीटों पर 38,171 छात्र आए।
यानी हर साल हजारों सीटें खाली रह जाती हैं।
छात्र क्यों नहीं आते निजी कॉलेजों में
एसोसिएशन ऑफ टेक्निकल प्रोफेशनल इंस्टिट्यूशंस के उपाध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह पटेल कहते हैं कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों की तुलना में एमपी की फीस पहले से कम है। इसीलिए यहां दूसरे राज्यों के छात्र भी आते हैं।
अभी कितनी है फीस, क्या है दूसरे राज्यों का हाल
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन यानी एआईसीटीई (AICTE – All India Council for Technical Education) ने न्यूनतम शुल्क करीब 80 हजार रुपये तय किया है। इसके बावजूद मध्यप्रदेश में यह उससे कम है।
अब कुछ कॉलेज इसे और घटाकर 35 हजार रुपए करना चाहते हैं।
फीस घटाने से क्या बदलेगा
साथ ही दूसरे राज्यों के छात्र भी मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित होंगे। इससे सीटें भरेंगी और कॉलेजों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
एफआरसी क्या करेगी
यानी अभी फैसला नहीं हुआ है। लेकिन अगर मंजूरी मिली तो यह पूरे निजी इंजीनियरिंग तंत्र को प्रभावित करेगा।
एक्सपर्ट कोट्स
डॉ. अजीत सिंह पटेल, उपाध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ टेक्निकल प्रोफेशनल इंस्टिट्यूशंस, मध्यप्रदेश:
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में इंजीनियरिंग का शुल्क कम है। इसी कारण दूसरे राज्यों के विद्यार्थी भी यहां प्रवेश लेते हैं। कुछ कॉलेज विश्वविद्यालय में तब्दील हो रहे हैं, इसलिए वे काउंसलिंग में शामिल नहीं हो रहे।
डॉ. अनिल शिवानी, सचिव, एफआरसी:
पांच-छह इंजीनियरिंग कॉलेजों से शुल्क तय करने के प्रस्ताव आए हैं। समिति कॉलेजों का लेखा-जोखा देखकर न्यूनतम शुल्क तय करती है। इस पर विचार किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें...
भारतीय छात्रों में क्यों कम हो रहा अमेरिका का क्रेज, यूरोपीय देशों की तरफ बढ़े छात्र
सीबीएसई ने दी राहत: 7वीं से 9वीं के बच्चे पढ़ेंगे दो विदेशी भाषाएं, जानें नया नियम
NTA ने जारी की री-NEET UG 2026 आंसर की, काउंसलिंग जल्द होगी शुरू
TCS Free Online Course से बिना फीस के सीखें कम्युनिकेशन स्किल्स, करें अप्लाई
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava