आईटीआई भर्ती में अतिथि प्रशिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार: आखिर क्यों भूल गई सरकार?
Sanjay Sharma | Feb 16, 2026, 20:23 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश के आईटीआई अतिथि प्रशिक्षकों को नियमित भर्ती में रियायत नहीं मिली है। इन प्रशिक्षकों को सरकार की तरफ से 15 साल से कोई राहत नहीं मिली। अब इनका भविष्य खतरे में है।
News in Short
- आईटीआई संस्थानों के लगभग 900 अतिथि प्रशिक्षक भर्ती में रियायत न मिलने से परेशान हैं।
- इन प्रशिक्षकों को नियमित भर्ती में बोनस अंक और आयु सीमा में छूट नहीं मिली है।
- सरकार ने पूर्व में लाई गई संविदा नीति को भी लागू नहीं किया।
- अब इन अतिथि प्रशिक्षकों की नौकरी छिनने का खतरा है।
- अतिथि प्रशिक्षक बोनस अंक और आयु में छूट की मांग कर रहे हैं।
हांलाकि, भर्ती के लिए जारी रूल बुक में इस तरह की कोई छूट उन्हें नहीं मिली है। इस वजह से नियमित प्रशिक्षकों की भर्ती के बाद उन्हें रोजगार छिनने का अंदेशा सता रहा है। वहीं विभाग को डेढ़ दशक तक सेवा देने वाले ये प्रशिक्षक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
News in Detail
15 वर्षों तक न्यूनतम मानदेय पर औद्योगिक संस्थाओं में प्रशिक्षण कार्य करने के बाद भी नियमित भर्ती में उनकी उपेक्षा की गई है। अब ये प्रशिक्षक अपने और परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। नियमित भर्ती के बाद खाली पदों पर नियुक्ति के चलते नौकरी से निकालने का अंदेशा भी परेशान कर रहा है।
गेस्ट फैकल्टी की चिंता, हमारी उपेक्षा
सरकार और विभाग कर रहे अनदेखी
निष्कर्ष
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