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MP में हजारों क्विंटल गेहूं बिना बोए बेचा, फर्जी किसानों को दे दिए 4.82 करोड़
Amresh Kushwaha | Jun 24, 2026, 12:45 IST
Amresh Orignal - 2026-06-24T121258.576
मध्य प्रदेश में फर्जी किसानों ने दूसरों की जमीन पर पंजीयन कराकर सरकारी केंद्रों पर 18 हजार 388 क्विंटल गेहूं बेच दिया है। EOW जांच के बीच भी 4.82 करोड़ रुपए का भुगतान होता रहा है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश के तीन जिलों में सरकारी गेहूं खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
- फर्जी किसानों ने दूसरों की जमीन पर पंजीयन कराकर खुद को किसान बताया है।
- उत्तर प्रदेश से दो हजार रुपए प्रति क्विंटल में गेहूं खरीदा और एमपी में 2625 में बेचा है।
- एमपी के तीन जिलों में कुल 18 हजार 388 क्विंटल गेहूं सरकारी केंद्रों तक पहुंचाया गया।
- ईओडब्ल्यू जांच के दौरान भी चार करोड़ 82 हजार रुपए का भुगतान होता रहा है।
कैसे हुआ पूरा खेल
मीडिया रिपोर्ट में सामने आया कि करीब 2000 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा गया गेहूं 2625 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर बेचा गया। यानी बिना खेती किए भी प्रति क्विंटल करीब 625 रुपए का सीधा मुनाफा कमाया गया। भिंड के अमहां क्षेत्र में खरीदी शुरू होने से पहले ही यूपी का गेहूं पकड़ा गया था और एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों ने दूसरे केंद्रों पर भी यही खेल दोहराया। तीनों जिलों में कुल 18 हजार 388 क्विंटल गेहूं सरकारी खरीदी केंद्रों तक पहुंच गया।
EOW जांच के बीच भी भुगतान
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मछंड की रजनी बघेल के नाम आधा हेक्टेयर जमीन थी, लेकिन पंजीयन 13.33 हेक्टेयर का कराया और 10 लाख 49 हजार रुपए का भुगतान लिया है।
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