एमपी के हर किसान परिवार पर 74 हजार 420 रुपए का कर्ज, ये राज्य आगे

मध्य प्रदेश के हर किसान परिवार पर औसत कर्ज 74 हजार 420 रुपए है। यह राष्ट्रीय औसत 74 हजार 121 रुपए के बराबर है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह आंकड़े टीएमसी सांसद कालिपद सरेन खेरवाल के लिखित प्रश्न के उत्तर में दिए।

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Sandeep Kumar
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News in Short

  • मध्य प्रदेश के किसानों पर औसतन 74 हजार 420 रुपए का कर्ज है।
  • केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक कर्ज राष्ट्रीय औसत के करीब है।
  • राजस्थान में किसानों का कर्ज 1 लाख 13 हजार 865 रुपए है, छत्तीसगढ़ में कम।
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) कर्ज का प्रमुख साधन बना है।
  • एमपी सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है।

News in Detail

मध्य प्रदेश के हर किसानों के परिवार पर 74 हजार 420 रुपए का कर्ज है। इसका खुलासा संसद में टीएमसी सांसद के पूछ गए सवाल पर हुआ है। संसद में पेश ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के किसानों की स्थिति मिली-जुली है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, यहां प्रति कृषक परिवार पर औसत बकाया ऋण 74 हजार 420 रुपए है। 

यह राष्ट्रीय औसत 74 हजार 121 रुपए के लगभग बराबर है। दक्षिण भारत और राजस्थान के किसानों से यहां के किसान कम कर्जदार हैं। टीएमसी सांसद कालिपद सरेन खेरवाल के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जानकारी दी। 

आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में कर्ज का बोझ अन्य राज्यों से कम है। राजस्थान में प्रति किसान परिवार कर्ज 1 लाख 13 हजार 865 रुपए है। हालांकि, छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य के किसानों पर कर्ज कम है, जो 21 हजार 443 रुपए है।

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दक्षिण भारत के किसान आगे

आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रति कृषक परिवार पर औसत बकाया ऋण 74 हजार 121 रुपए है। चौंकाने वाली बात यह है कि दक्षिण भारतीय राज्यों के किसान कर्ज में उत्तर भारतीय किसानों से आगे हैं।

कर्ज में टॉप-5 राज्यों में आंध्र प्रदेश नंबर-1 है। आंध्र प्रदेश में प्रति परिवार औसत कर्ज 2लाख 45हजार554 है। केरल में यह 2लाख 42हजार482 है। पंजाब में कर्ज 2लाख 03हजार249 है। हरियाणा में यह 1लाख 82हजार 922 है। तेलंगाना में कर्ज 1लाख 52हजार 113 है।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में बताया कि 30 सितंबर 2025 तक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत बकाया धनराशि 10.39 लाख करोड़ रुपए हो गई है। सरकार ने कहा कि 1 फरवरी 2026 तक का डेटा उपलब्ध नहीं है। पिछला बड़ा सर्वेक्षण 2019 में हुआ था।

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एमपी सरकार किसानों की आय बढ़ाने में जुटी

मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। जून 2026 तक शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण मिलेगा। समय पर भुगतान करने वाले किसानों को अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिलेगा। सहकारी बैंकों के डिफॉल्टर किसानों को पुनर्वित्त योजना से मदद दी जाएगी। नर्मदा-क्षिप्रा नदी जोड़ो परियोजनाओं से सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य है।

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कर्ज लेने में राजस्थान के किसान आगे

मध्यप्रदेश में किसानों की स्थिति कर्ज के मामले में बेहतर है। राजस्थान में प्रति किसान परिवार कर्ज 1 लाख 13 हजार 865 रुपए है। वहीं, मध्य प्रदेश में यह 74 हजार 420 रुपए है। छोटे राज्य छत्तीसगढ़ में कर्ज का बोझ 21 हजार 443 रुपए है। 

आंकड़ों के मुताबिक, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) कर्ज का प्रमुख माध्यम बन गया है। मध्य प्रदेश में ग्रामीण बैंकों और सहकारी समितियों के माध्यम से केसीसी वितरण बढ़ा है। सरकार का कहना है कि यह कर्ज निवेश क्षमता बढ़ाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उचित दाम और आपदाओं के कारण यह कर्ज बोझ बन जाता है।

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