संभाग मुख्यालयों पर ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधा स्थापित करेगी सरकार, औद्योगिक विकास को मिलेगा नया इंजन

राजस्थान सरकार के बजट 2026 में औद्योगिक विकास के लिए कई अहम घोषणा की गई है। लघु और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए संभाग मुख्यालयों पर प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

author-image
Ashish Bhardwaj
New Update
indus

Photograph: (the sootr)

News In Short

  • सभी संभाग मुख्यालयों पर ‘प्लग एंड प्ले फैसिलिटी फॉर स्मॉल एंड माइक्रो एंटरप्राइजेज’ ।
  • प्रदेश में इस महत्वाकांक्षी पहल पर नए वित्तीय वर्ष में 350 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
  • हैसिल-फ्री निवेश को बढ़ावा देने के लिए Direct Allotment Policy दिसंबर तक लागू।
  • नए औद्योगिक पार्क में आधारभूत सुविधाओं पर होगा 25 हजार करोड़ का निवेश।
  • जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 3,600 हेक्टेयर भूमि होगी विकसित।

News In Detail

राजस्थान के सभी संभाग मुख्यालयों पर ‘प्लग एंड प्ले फैसिलिटी फॉर स्मॉल एंड माइक्रो एंटरप्राइजेज’ स्थापित होंगी। वर्ष 2026-2027 के लिए राज्य विधानसभा में पेश हुए बजट में यह घोषणा की गई। बजट भाषण में कहा गया कि यह व्यवस्था लघु और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना जटिल प्रक्रियाओं के तुरंत उद्योग स्थापित करने की सुविधा उपलब्ध कराएगा।

इस महत्वाकांक्षी पहल पर नए वित्तीय वर्ष में 350 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यदि उद्यमियों को भूमि, बिजली, पानी, शेड और बुनियादी ढांचा एक साथ उपलब्ध हो जाए, तो उद्योग स्थापना की प्रक्रिया आसान और समयबद्ध हो सकती है। इसी सोच के साथ यह कदम उठाया गया है।

औद्योगिक विकास को तीसरे स्तंभ के रूप में प्राथमिकता

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा है कि सरकार ने औद्योगिक विकास एवं निवेश प्रोत्साहन को अपने विकास एजेंडे का तीसरा प्रमुख स्तंभ बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान की संभावनाओं को “Rising और Reliable” बताया है। प्रदेश में औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कई ठोस पहल की हैं।

बजट भाषण के अनुसार, प्रदेश को तीव्र औद्योगिक विकास की राह पर ले जाने के लिए निवेश आकर्षण, भूमि उपलब्धता और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। Rising Rajasthan जैसे आयोजनों के जरिए देश-विदेश के निवेशकों को आमंत्रित किया गया है, जिससे राज्य में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है।

रिकॉर्ड भूमि आवंटन और आधारभूत ढांचे पर जोर

बजट भाषण में बताया गया कि औद्योगिक विकास की गति का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि पिछले एक वर्ष में प्रतिदिन औसतन 8 उद्योगों के लिए भूमि आवंटित की गई है। इतना ही नहीं, औद्योगिक आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन और विकास के लिए सर्वाधिक राशि खर्च की गई है। हैसिल-फ्री निवेश को बढ़ावा देने के लिए Direct Allotment Policy लागू की गई है। इसके तहत 1,200 से अधिक उद्यमियों को 800 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। इस नीति के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसे दिसंबर 2026 तक जारी रखने का प्रस्ताव है।

नए औद्योगिक पार्क और 25 हजार करोड़ का निवेश

प्रदेश में औद्योगिक विकास की यात्रा को निरंतर बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर नए औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। जयपुर, जोधपुर, कोटा, अलवर, टोंक, फलोदी, खैरथल-तिजारा, नीमराना, बांसवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में औद्योगिक आधारभूत कार्य प्रस्तावित हैं।

सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग इको-सिस्टम और मजबूत हो सके।

डीएमआईसी के तहत बड़ा औद्योगिक विस्तार

दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) परियोजना के तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 3,600 हेक्टेयर भूमि चरणबद्ध रूप से विकसित की जाएगी। पहले चरण में ही सड़क, बिजली और पानी जैसी आधारभूत संरचनाओं पर 600 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।

इस परियोजना से पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

लॉजिस्टिक इको-सिस्टम को मिलेगा बल

बजट के अनुसार प्रदेश में लॉजिस्टिक इको-सिस्टम को विकसित करने के लिए बीकानेर के सतरासर और जैसलमेर के देवीकोट-कुचामन क्षेत्र में भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई है। यहां नए लॉजिस्टिक हब विकसित किए जाएंगे।

निजी क्षेत्र के सहयोग से Inland Container Depot (ICD) और Multi-Modal Logistic Hub स्थापित किए जाएंगे, जिससे निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी और परिवहन लागत में कमी आएगी।

प्रवासी राजस्थानियों से जुड़ाव

प्रदेश सरकार ने देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों से सतत संवाद के लिए Domestic and Overseas Rajasthani Affairs (DORA) विभाग का गठन किया है। वर्तमान में Rajasthan Foundation के 26 चैप्टर कार्यशील हैं। आगामी वर्ष में दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और कनाडा सहित 14 नए चैप्टर शुरू किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि प्रवासी समुदाय निवेश और तकनीकी सहयोग के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दे सकता है।

पारंपरिक उद्योगों को प्रोत्साहन

माटी कला से जुड़े कारीगरों के उत्थान के लिए 5 हजार इलेक्ट्रिक व्हील (चाक) उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन पर 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे कारीगरों की उत्पादकता और आय दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा Rajasthan ODOP Policy, 2024 के तहत सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को मार्जिन मनी के रूप में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि वे स्थापना और विस्तार के लिए ऋण आसानी से प्राप्त कर सकें।

समग्र दृष्टिकोण से औद्योगिक परिवर्तन

भूमि एकत्रीकरण (Land Aggregation) के लिए वैकल्पिक मॉडल अपनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों और आधारभूत संरचनाओं का विस्तार सुगम हो सके।

कुल मिलाकर, राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को बहुआयामी दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है-निवेश आकर्षण, आधारभूत ढांचा, लॉजिस्टिक नेटवर्क, प्रवासी जुड़ाव और पारंपरिक उद्योगों का सशक्तिकरण।

ये भी पढे़:-

राजस्थान में पेपर लीक को रोकने के लिए 'NTA' की तर्ज पर बनेगा 'RSTA', युवाओं के लिए खुले सौगातों के पिटारे

"लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें", बजट भाषण में दिखा शायरना अंदाज

राजस्थान बजट 2026: कर्मचारियों की 'बल्ले-बल्ले', 8वें वेतन आयोग के लिए बनेगी हाईपावर कमेटी, सौगातों का पिटारा

भजनलाल सरकार के तीसरे बजट में क्या-क्या, वित्त मंत्री विधानसभा में पेश कर रहीं बजट

बजट वित्त मंत्री दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर राज्य विधानसभा सरकार
Advertisment