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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान बजट में एनटीए की तर्ज पर आरएसटीए बनाने की घोषण।
- आरएसटीए राजस्थान में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकेगी।
- 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' से युवा बनेंगे नौकरी देने वाले।
- विद्यार्थियों के नवाचारों को बिजनेस का रूप देने के लिए शुरू होगा VIBRANT प्रोग्राम।
- बेटियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए स्थापित 'रानी लक्ष्मीबाई केंद्रों' का होगा विस्तार।
News In Detail
​जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने अपने तीसरे बजट में प्रदेश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। बजट की सबसे बड़ी और अहम घोषणा 'राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी' (RSTA) का गठन है। यह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर बनेगी। यह संस्था प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में पारदर्शिता और विश्वसनीयता के नए मानक स्थापित करेगी।
​पेपर लीक पर लगाम और पारदर्शी परीक्षा तंत्र
​वित्त मंत्री दीया कुमार ने बजट भाषण में कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना है। RSTA के गठन के साथ ही सरकार ने 'पेपर लीक' जैसी घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाने का संकल्प दोहराया है। युवाओं में विश्वास जगाने के लिए प्रदेश भर में Online Testing सुविधाओं से लैस अत्याधुनिक टेस्ट सेंटर्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे भर्ती परीक्षाएं बिना किसी बाधा के समयबद्ध तरीके से सप्ताह के सातों दिन आयोजित की जा सकें।
​'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना': अब युवा बनेंगे जॉब गिवर
बजट भाषण में कहा गया कि सरकार का विजन स्पष्ट है
प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Giver) बनेगा। इसी उद्देश्य के साथ 'मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना' का ऐलान किया गया है।
​बड़ा निवेश: इस योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रस्तावित है।
​ऋण सुविधा: एक लाख युवाओं को 10 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
​ब्याज में राहत: इस ऋण पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान और मार्जिन मनी की सुविधा दी जाएगी।
​लक्ष्य: आगामी वर्ष में 30,000 युवाओं को सीधे तौर पर इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
​VIBRANT प्रोग्राम: स्टार्टअप्स को मिलेगा कॉलेज से ही सहारा
बजट भाषण के अनुसार, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के नवाचारों को बिजनेस का रूप देने के लिए सरकार VIBRANT (Value-driven Innovation and Business Research for Aspiration and Nurturing Talent) प्रोग्राम शुरू करने जा रही है।
​प्रदेश के प्रत्येक जिले के चयनित महाविद्यालयों में नॉलेज पार्टनर्स के सहयोग से मेंटरशिप, एंटरप्रेन्योरशिप और इनक्यूबेशन सुविधाएं दी जाएंगी। इसका सीधा उद्देश्य कॉलेजों में पढ़ रहे युवाओं को स्टार्टअप्स के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें व्यावहारिक ट्रेनिंग प्रदान करना है।
​'रानी लक्ष्मीबाई केंद्रों' का विस्तार
​बजट में बेटियों की सुरक्षा और स्वाभिमान को भी प्राथमिकता दी गई है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए स्थापित 'रानी लक्ष्मीबाई केंद्रों' की सफलता को देखते हुए सरकार इनका विस्तार कर रही है। बजट भाषण में कहा गया कि ​अब तक 300 से अधिक महाविद्यालयों में 15,000 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ​आगामी वर्ष में 150 अतिरिक्त महाविद्यालयों में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
​इसके माध्यम से लगभग 25,000 और छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
​कौशल विकास पर विशेष फोकस
​कोफी अन्नान के उद्धरण "युवाओं को वैश्विक परिवर्तन का अग्रदूत होना चाहिए" को आधार बनाकर सरकार ने वोकेशनल एजुकेशन, स्किल एनहांसमेंट और करियर काउंसलिंग को शिक्षा का मुख्य हिस्सा बनाने की घोषणा की है। सरकारी और निजी क्षेत्र में युवाओं को Employable (रोजगार योग्य) बनाने के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण और शून्य ब्याज पर वित्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
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