किसान संघ का अल्टीमेटम : 23 अप्रैल को बड़ा फैसला, सरकार नहीं जागी तो फिर दोहरा सकते हैं 2017 जैसे हालात
Ramanand Tiwari | Apr 21, 2026, 23:45 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश के किसान अब सड़क पर उतरने को तैयार हैं। भारतीय किसान संघ ने 23 अप्रैल को इंदौर में होने वाली बैठक में आंदोलन की योजना बनाई है। अगर सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो हालात 2017 जैसे हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश में किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। भारतीय किसान संघ ने साफ संकेत दे दिए हैं कि 23 अप्रैल को इंदौर में होने वाली प्रदेश टोली की बैठक में बड़ा आंदोलन तय किया जा सकता है। चेतावनी भी उतनी ही सख्त है- अगर सरकार ने समय रहते फैसले नहीं लिए तो प्रदेश में 2017 जैसे हालात बन सकते हैं।
प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। देरी से खरीदी शुरू होने और व्यवस्थाओं की खामियों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। छोटे से लेकर बड़े किसान तक स्लॉट बुकिंग नहीं कर पा रहे, जिससे उपज मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही।
किसानों ने कई जिलों में धरना, प्रदर्शन और चक्का जाम शुरू कर दिए हैं। यह संकेत है कि असंतोष अब संगठनात्मक स्तर से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुका है। किसान संघ का कहना है कि हालात अगर ऐसे ही रहे तो आंदोलन तेज और व्यापक हो सकता है।
किसान संघ ने साफतौर पर 1 से 10 जून 2017 के आंदोलन का हवाला दिया है। उस समय: “गांव बंद” जैसे आह्वान हुए थे। दूध और सब्जियां सड़कों पर फेंकी गई थीं। मंदसौर में 6 जून को पुलिस फायरिंग में किसानों की मौत हुई थी। पूरे मालवा क्षेत्र में आंदोलन उग्र हो गया था। अब चेतावनी है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो वैसी ही स्थिति दोबारा बन सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने साफ कहा है कि किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है।
मुख्य मांगें:
किसान संघ का आरोप है कि सैटेलाइट डेटा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहा। मालवा प्रांत के पदाधिकारियों ने इसे “किसानों को परेशान करने वाला सिस्टम” बताते हुए तत्काल बंद करने की मांग की है।
23 अप्रैल की बैठक में कमल सिंह आंजना, राजेंद्र पालीवाल, महेश चौधरी समेत कई प्रमुख चेहरे शामिल होंगे। संकेत साफ हैं—अगर सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो आंदोलन की रणनीति घोषित कर दी जाएगी।
प्रदेश में किसान मुद्दे अब प्रशासनिक फाइलों से निकलकर सड़क पर आ चुके हैं। 23 अप्रैल की बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आगे की लड़ाई की दिशा तय करेगी।
सरकार के सामने चुनौती साफ है—या तो तुरंत समाधान निकाले, या फिर एक और बड़े किसान आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहे।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी कैडर की IAS अनुग्रह पी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी में CVO बनीं
27 अप्रैल को एमपी विधानसभा का विशेष सत्र: नारी शक्ति वंदन पर होगी चर्चा
एमपी तक पहुंची लेंसकार्ट तिलक-बिंदी विवाद की आग, हिंदू संगठनों ने घेरा शोरूम
एमपी के किसानों के लिए बड़ी खबर : मोहन सरकार ने बढ़ाई गेहूं स्लॉट बुकिंग की तारीख
क्या होने वाला है 23 अप्रैल को?
- इंदौर में भारतीय किसान संघ की अहम बैठक
- प्रदेश और प्रांत स्तर के बड़े पदाधिकारी होंगे शामिल
- आंदोलन की रूपरेखा पर अंतिम निर्णय संभव
- गजेंद्र सिंह समेत राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी
जमीनी हालात: किसान क्यों भड़के हुए हैं?
आक्रोश के बड़े कारण
- समर्थन मूल्य पर खरीदी में देरी
- स्लॉट बुकिंग में तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें
- सैटेलाइट सर्वे में खसरों का गलत सत्यापन
- नरवाई जलाने के नाम पर कार्रवाई और जुर्माना
- एक महीने तक खरीदी लेट होने से आर्थिक दबाव
मैदान में उतर चुके हैं किसान
2017 का साया क्यों दिखाया जा रहा है?
किसान संघ का सीधा संदेश
मुख्य मांगें:
- स्लॉट बुकिंग की तारीख 10 मई तक बढ़े
- खरीदी की अंतिम तिथि 20 मई की जाए
- सभी पंजीकृत किसानों की उपज खरीदी की गारंटी
- सैटेलाइट सत्यापन को तत्काल अमान्य किया जाए
- पटवारी गिरदावरी के आधार पर प्रक्रिया शुरू हो
सैटेलाइट सर्वे पर सबसे बड़ा विवाद
नेतृत्व का प्लान: बड़ा फैसला तय
प्रदेश में किसान मुद्दे अब प्रशासनिक फाइलों से निकलकर सड़क पर आ चुके हैं। 23 अप्रैल की बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आगे की लड़ाई की दिशा तय करेगी।
सरकार के सामने चुनौती साफ है—या तो तुरंत समाधान निकाले, या फिर एक और बड़े किसान आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहे।
यह खबरें भी पढ़ें...
एमपी कैडर की IAS अनुग्रह पी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी में CVO बनीं
27 अप्रैल को एमपी विधानसभा का विशेष सत्र: नारी शक्ति वंदन पर होगी चर्चा
एमपी तक पहुंची लेंसकार्ट तिलक-बिंदी विवाद की आग, हिंदू संगठनों ने घेरा शोरूम
एमपी के किसानों के लिए बड़ी खबर : मोहन सरकार ने बढ़ाई गेहूं स्लॉट बुकिंग की तारीख
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari