एमपी वित्त विभाग की नई एआई वेबसाइट, एक क्लिक में मिलेंगे इंक्रीमेंट, भत्ते और नियमों के जवाब

Aman Vaishnav | Dec 29, 2025, 08:18 IST
Share
finance-department-new-ai-chatbot-employee-benefits-updates
finance-department-new-ai-chatbot-employee-benefits-updates

मध्‍य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वित्त विभाग की नई वेबसाइट और AI चैटबोट से अपने भत्ते और इंक्रीमेंट की पूरी जानकारी मिलेगी। साथ ही बजट और सर्कुलर का भी जवाब मिलेगा। इस पूरे मामले को विस्तार से जानने के लिए खबर को आखिरी तक पढ़ें।

पूरी खबर को 5 पॉइंट में समझें...

  • वित्त विभाग की वेबसाइट पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबोट काम करेगा।
  • कर्मचारी अपने भत्ते, टीए-डीए और मेडिकल अलाउंस की जानकारी तुरंत ले सकेंगे।
  • सवालों के जवाब में सरकारी सर्कुलर का रेफरेंस भी दिया जाएगा।
  • बजट एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम (BEMS) को भी अपडेट किया गया है।
  • आम जनता भी बजट से जुड़ी जानकारी आसानी से ले सकेगी।
क्या आपको भी अपने भत्तों या सरकारी नियमों को समझने में दिक्कत होती है? अब आपको ऑफिसों के चक्कर काटने या फाइलों में नियम ढूंढने की जरूरत नहीं है। एमपी वित्त विभाग ने एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है। विभाग ने अपनी वेबसाइट को पूरी तरह बदल दिया है। अब वहां एक समझदार रोबोट यानी चैटबोट आपकी मदद के लिए तैयार है।

43803b25-8ea
43803b25-8ea


अब नियम समझना हुआ आसान

मध्य प्रदेश के वित्त विभाग ने शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को ऑफिसों के चक्कर नहीं काटने होंगे। विभाग ने अपनी वेबसाइट पर एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट तैयार किया है। यह चैटबॉट किसी सर्च इंजन की तरह काम करेगा और आपके हर सवाल का सटीक जवाब देगा।

चाहे वह टीए-डीए (TA-DA) की बात हो या मेडिकल अलाउंस की, सारी जानकारी अब आपके फोन पर उपलब्ध होगी। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नए सिस्टम से काम की गति बढ़ेगी। सोमवार को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में इसके सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

ये खबर भी पढ़िए... मध्य प्रदेश सरकारी कर्मचारियों के 4 कैडर खत्म ,वित्त विभाग ने जारी किया आदेश, कर्मचारी मंच करेगा आंदोलन

भत्ते और सैलरी इंक्रीमेंट की जानकारी

अक्सर सरकारी कर्मचारी (govt employee) को अपने भत्तों और इंक्रीमेंट के नियमों को समझने में दिक्कत आती है। कई बार पुराने सर्कुलर नहीं मिलते, जिससे उन्हें आवेदन करने में काफी परेशानी होती है। अब वित्त विभाग का नया चैटबॉट इस समस्या को पूरी तरह खत्म कर देगा।

ये खबर भी पढ़िए...आयुष्मान चैटबॉट बना गेमचेंजर, अब तक 5 लाख लोग जुड़े, इतनों ने किया अपना वॉलेट बैलेंस चेक

चैटबॉट पर मिलेंगी ये सुविधाएं?

  1. भत्ते और सुविधाएं: कर्मचारियों को मिलने वाले सभी भत्तों की ताजा जानकारी यहां उपलब्ध होगी।
  2. टीए-डीए के नियम: टूर अलाउंस और डेली अलाउंस से जुड़े सभी पुराने और नए सर्कुलर मिल जाएंगे।
  3. मेडिकल अलाउंस: अब मेडिकल बिलों का पैसा वापस पाने के नियम एक क्लिक पर उपलब्ध होंगे।
  4. इंक्रीमेंट और दंड: सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी और नियमों के उल्लंघन पर मिलने वाले दंड की जानकारी भी मिलेगी।
कर्मचारी इन जानकारियों का उपयोग अपने आधिकारिक आवेदनों में रेफरेंस के तौर पर भी कर सकेंगे। इससे फाइलों के निपटारे में होने वाली देरी कम होगी और भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होगी।

ये खबर भी पढ़िए...कर्मचारी पंजीकरण योजना में कर्मचारियों को मिलेगा हक का पैसा, मालिकों के पुराने जुर्माने होंगे माफ

बजट समझना होगा आसान

यह नया सिस्टम सिर्फ कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी फायदेमंद है। कोई नागरिक बजट के प्रावधानों के बारे में जानना चाहता है, तो उसे भारी-भरकम डॉक्यूमेंट पढ़ने की जरूरत नहीं है। चैटबॉट पर साधारण भाषा में सवाल पूछकर बजट की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

इसके साथ ही, बजट एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम (BEMS) पोर्टल में भी सुधार किया गया है। अब डैशबोर्ड पर तमाम ताजा जानकारियां रीयल-टाइम में अपडेट होंगी। इससे सरकार के खर्चों और योजनाओं की प्रगति पर आम नागरिक भी नजर रख पाएंगे। यह कदम गुड गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

ये खबर भी पढ़िए...29 से 31 दिसंबर तक नहीं होंगे सरकारी काम! आंदोलन पर बैठेंगे छत्तीसगढ़ फेडरेशन के 4.50 लाख कर्मचारी

बजट तैयारी की नई तकनीक

एमपी वित्त विभागइस बार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी में है। अब केवल अगले साल के बजट की योजना नहीं बन रही है। विभाग 2026-27 के मुख्य बजट के साथ-साथ 2027-28 और 2028-29 के लिए रोलिंग बजट भी तैयार कर रहा है।

एआई सिस्टम AI chatbot को इस तरह डिजाइन किया गया है कि अलग-अलग विभाग अपनी बजट डिमांड ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। सिस्टम इन डिमांड्स को अपने आप निर्धारित प्रोफार्मा (Set Profarma) में फिट कर देगा। इससे बजट बनाने की प्रोसेस में लगने वाले समय की बचत होगी।

अब नहीं रुकेंगी फाइलें

पहले अक्सर यह देखा जाता था कि वित्त विभाग के नियमों के कारण फाइलें अटकी रहती थीं। अन्य विभागों के अधिकारियों को नियमों को समझने में ही महीनों लग जाते थे। अब नया एआई चैटबॉट किसी भी नियम की व्याख्या तुरंत कर देगा।

सोमवार की बैठक में सभी विभागों के अपर सचिवों और उप सचिवों को इसी ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया है। ये अधिकारी ही बजट की मांग तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। जब ये अधिकारी सिस्टम का सही उपयोग करेंगे, तो सरकार के विकास कार्यों में तेजी आना तय है।

Tags:
  • सरकारी कर्मचारी
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • AI chatbot
  • सर्कुलर
  • बजट
  • govt employee
  • एमपी वित्त विभाग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई