वन विभाग प्रमोशन: वापस वनरक्षक बनाया, 13 केस ने बढ़ाए सवाल, खंडवा-रीवा के बाद शिवपुरी में आदेश पलटा

Ramanand Tiwari | Oct 06, 2026, 23:19 IST
Share
वन विभाग प्रमोशन: शिवपुरी में 13 आदेश निरस्त
वन विभाग प्रमोशन: शिवपुरी में 13 आदेश निरस्त

BHOPAL. शिवपुरी वृत्त में 13 वनरक्षकों को वनपाल बनाने के आदेश निरस्त होने से वन विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया फिर सवालों में है। खंडवा-रीवा में भी आदेश पलटने की बात सामने आने के बाद सवाल है-चयन से पहले रिकॉर्ड की जांच में कमी कहां रह रही है? बाद में आदेश पलटने की जरूरत क्यों पड़ी?

13 कर्मचारियों के आदेश निरस्त

पहले प्रमोशन की सूची निकली, कर्मचारी वनरक्षक से वनपाल बने और अब शिवपुरी वृत्त में 13 कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश (Promotion Orders) निरस्त कर उन्हें पुराने पद पर लौटाने की स्थिति बनी है। मामला केवल 13 कर्मचारियों का नहीं है। खंडवा और रीवा में भी पदोन्नति आदेश वापस होने की बात सामने आने के बाद बड़ा सवाल यह है कि पात्रता और रिकॉर्ड की जांच प्रमोशन देने से पहले हुई थी तो बाद में आदेश पलटने की जरूरत क्यों पड़ी?

13 नाम नहीं, पूरी स्क्रीनिंग पर सवाल

शिवपुरी वृत्त का मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे अलग-थलग प्रशासनिक फैसला मानकर छोड़ना मुश्किल है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इससे पहले खंडवा और रीवा वृत्त में भी पदोन्नति संबंधी आदेश निरस्त किए जा चुके हैं।

यानी सवाल अब किसी एक कर्मचारी की पात्रता या एक अधिकारी के फैसले तक सीमित नहीं रहता। सवाल उस सिस्टम पर आता है जिससे होकर पदोन्नति सूची अंतिम रूप लेती है। वन विभाग में वनरक्षक से वनपाल संबंधी मामलों के लिए छानबीन समिति और विभागीय निर्देशों के अनुसार पात्रता जांच की व्यवस्था का उल्लेख विधानसभा में सरकार स्वयं कर चुकी है।

ऐसे में मूल सवाल है- अगर रिकॉर्ड पहले जांचे गए तो बाद में ऐसी कौन-सी स्थिति सामने आई कि प्रमोशन वापस करना पड़ा?

प्रमोशन से पहले भी उठे थे सवाल

वन विभाग (Forest Department) की पदोन्नति प्रक्रिया पहली बार विवाद में नहीं आई है। जुलाई में खंडवा वृत्त की पदोन्नति सूची के बाद वरिष्ठता और नियमों के पालन को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं। वहां दो आदेशों में 250 वनरक्षकों को वनपाल और 83 वनपालों को डिप्टी रेंजर पद पर पदोन्नत किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

इसी दौर में कर्मचारी पक्ष ने आरोप लगाया था कि पुराने मामूली वन-हानि प्रकरण और छोटी वसूली जैसे मामलों के आधार पर कुछ कर्मचारियों को लाभ से वंचित किया गया।

कुछ अन्य कर्मचारियों को लाभ मिलने पर सवाल उठाए गए। ये कर्मचारी संगठन के आरोप हैं, विभागीय जांच में सिद्ध निष्कर्ष नहीं। अब शिवपुरी में 13 आदेश निरस्त होने से पुराने सवाल फिर प्रासंगिक हो गए हैं।

असली मुद्दा- गलती कर्मचारी की या सिस्टम की?

यहीं इस मामले का सबसे अलग पहलू सामने आता है। किसी कर्मचारी को पदोन्नति देने से पहले उसकी वरिष्ठता, पात्रता, विभागीय रिकॉर्ड और लागू सेवा नियमों की जांच प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होती है। विधानसभा में वन विभाग ने पूर्व में कहा था कि वनरक्षक से वनपाल संबंधी मामलों में वृत्त स्तर पर छानबीन समिति बनाकर निर्देशों के मुताबिक प्रक्रिया अपनाई जाती है।

यदि अंतिम आदेश जारी होने के बाद पदोन्नति निरस्त करनी पड़ रही है तो कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए। क्या शुरुआती स्क्रीनिंग में कोई तथ्य छूट गया था? क्या पात्रता की व्याख्या अलग-अलग वृत्तों में अलग हुई? या बाद की समीक्षा में कोई नई स्थिति सामने आई?

इन प्रश्नों का जवाब संबंधित निरस्तीकरण आदेश और विभागीय रिकॉर्ड से ही निर्णायक रूप से मिल सकता है।

मध्य प्रदेश में 40 हजार करोड़ की लागत से बनेगा सड़क का नया नेटवर्क, 4 नए एक्सप्रेस कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर | New Road Network to be Built in Madhya Pradesh at a Cost of 40 Thousand Crores, Picture to Change with 4 New Express Corridors
एमपी में 40 हजार करोड़ से बनेगा सड़क का नया नेटवर्क, नए एक्सप्रेस कॉरिडोर से खत्म होगा जाम, जानें पूरा रोड मैप
06 Oct 2026 ,
By Kaushiki
एमपी में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने का बड़ा प्लान तैयार हुआ है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 40 हजार करोड़ रुपए के नए रोड नेटवर्क को मंजूरी दी है। इसमें चार बड़े कॉरिडोर शामिल हैं। बाईपास और वन टाइम इम्प्रूवमेंट से शहरों का ट्रैफिक जाम खत्म होगा। सड़क, कॉरिडोर और एमपी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इस बड़े प्रोजेक्ट की डिटेल यहां पढ़ें।
एमपी में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने का बड़ा प्लान तैयार हुआ है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 40 हजार करोड़ रुपए के नए रोड नेटवर्क को मंजूरी दी है। इसमें चार बड़े कॉरिडोर शामिल हैं। बाईपास और वन टाइम इम्प्रूवमेंट से शहरों का ट्रैफिक जाम खत्म होगा। सड़क, कॉरिडोर और एमपी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इस बड़े प्रोजेक्ट की डिटेल यहां पढ़ें।

कर्मचारी संगठनों ने CM से मांगी जांच

मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री से पदोन्नति प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन का आरोप है कि कथित अनियमितताओं के कारण कुछ पात्र कर्मचारियों को लाभ नहीं मिला और कुछ मामलों में चयन पर सवाल हैं। इससे पहले भी संगठन पदोन्नति सूची की समीक्षा की मांग कर चुका है।

संगठनों की मांग है कि सभी वन वृत्तों में अपनाई गई प्रक्रिया जांची जाए और यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारी भी निर्धारित हो।

संगठन ने अपलेखन, वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर कर्मचारियों को नियमानुसार लाभ देने की मांग भी रखी है, लेकिन इस कहानी का केंद्र केवल संगठन का आरोप नहीं है। प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा प्रश्न आदेशों के पलटने से स्वयं पैदा हो रहा है।

क्या हर वृत्त का नियम एक जैसा चला?

मध्यप्रदेश वन विभाग की प्रशासनिक संरचना में खंडवा, शिवपुरी और रीवा अलग-अलग वन वृत्तों का हिस्सा हैं। विभाग की आधिकारिक जानकारी में ये वृत्त स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। यदि अलग-अलग वृत्तों में एक जैसी प्रकृति के पदोन्नति विवाद सामने आते हैं तो वन मुख्यालय के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पात्रता जांच की व्याख्या और प्रक्रिया पूरे प्रदेश में एक समान रही या नहीं।

क्योंकि पदोन्नति में सबसे जरूरी चीज सिर्फ आदेश निकालना नहीं, बल्कि समान नियम का समान तरीके से लागू होना है। पहले प्रमोशन, फिर निरस्तीकरण। इससे चयन से पहले की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मामला एक वृत्त तक सीमित नहीं बताया जा रहा। खंडवा और रीवा के बाद शिवपुरी का मामला सामने आने से व्यापक समीक्षा की जरूरत का प्रश्न बनता है। कर्मचारी सीधे प्रभावित होते हैं। पदोन्नति मिलने और फिर वापस होने से पद, वरिष्ठता तथा भविष्य की सेवा संभावनाओं पर अनिश्चितता पैदा हो सकती है।

जिम्मेदारी अभी बड़ा अनुत्तरित सवाल है। यदि किसी पदोन्नति को नियमों के विपरीत पाकर रद्द किया गया है तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि गलत आदेश जारी होने तक मामला पहुंचा कैसे।

कूनो में चीता कुनबे का विस्तार: मादा चीता केजेपी-21 ने दिए पांच शावकों को जन्म, बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत | Cheetah Family Expands in Kuno: Female Cheetah KJP-21 Gives Birth to Five Cubs, Botswana Lineage Begins
कूनो में फिर गूंजी किलकारी: भारत में जन्मी मादा चीता KJP21 ने दिया 5 शावकों को जन्म, देश में चीतों की संख्या 60 पहुंची
05 Oct 2026 ,
By Arohi Raj
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से खुशखबरी आई है। भारत में जन्मी केजेपी21 चीता ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके बाद देश में चीतों की संख्या 60 हो गई है। इनमें 41 चीते भारत में जन्मे हैं। इन शावकों का पिता बोत्सवाना से आया नर चीता है। इसलिए देश में पहली बार बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत हुई है।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से खुशखबरी आई है। भारत में जन्मी केजेपी21 चीता ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके बाद देश में चीतों की संख्या 60 हो गई है। इनमें 41 चीते भारत में जन्मे हैं। इन शावकों का पिता बोत्सवाना से आया नर चीता है। इसलिए देश में पहली बार बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत हुई है।

सबसे बड़ा सवाल

वन विभाग को अब केवल यह बताना पर्याप्त नहीं होगा कि 13 पदोन्नतियां निरस्त हुईं। असली जवाब यह चाहिए—जिस कमी के कारण आदेश वापस लेना पड़ा, उसे पदोन्नति जारी करने से पहले क्यों नहीं पकड़ा गया और क्या बाकी वन वृत्तों की सूचियों की भी दोबारा जांच होगी?

मध्यप्रदेश वन एवं वन्य प्राणी संरक्षण कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामयश मौर्य ने पदोन्नति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि डीएफओ द्वारा डीपीसी के समक्ष गलत जानकारी प्रस्तुत की गई।

मौर्य के अनुसार इसी वजह से पात्र कर्मचारियों के हित प्रभावित हुए और बाद में पदोन्नति आदेश निरस्त करने की स्थिति बनी। उन्होंने शिवपुरी सहित अन्य वन वृत्तों की पदोन्नति प्रक्रिया की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

मौर्य का कहना है कि जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदारी तय की जाए और पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति का लाभ दिया जाए।

FAQ:

  1. शिवपुरी वृत्त में 13 कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश क्यों निरस्त किए गए हैं?
    शिवपुरी वृत्त में 13 कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश निरस्त किए गए हैं क्योंकि वर्तमान में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला केवल इन 13 कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि खंडवा और रीवा में भी ऐसे ही आदेश वापस होने की खबरें सामने आई हैं।
  2. कर्मचारी संगठनों ने पदोन्नति प्रक्रिया की जांच क्यों मांगी है?
    कर्मचारी संगठनों ने पदोन्नति प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है क्योंकि उनका आरोप है कि कुछ पात्र कर्मचारियों को लाभ नहीं मिला और चयन के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने यह भी अपील की है कि सभी वन वृत्तों में अपनाई गई प्रक्रिया की जांच कर जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाए।
  3. क्या यह मामला केवल एक व्यक्ति की पात्रता का है या सिस्टम में भी खामियां हैं?
    यह मामला केवल एक व्यक्ति की पात्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि सिस्टम की प्रक्रियाएं भी संदिग्ध हो रही हैं। अगर प्रमोशन दिए जाने से पहले सभी रिकॉर्ड और पात्रता जांचने की प्रक्रिया हुई थी, तो उसके बाद अचानक आदेशों के पलटने के कारण और कारणों को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
Tags:
  • वन विभाग प्रमोशन
  • शिवपुरी वन वृत्त
  • 13 आदेश निरस्त
  • वनरक्षक पदोन्नति
  • वनपाल प्रमोशन
  • खंडवा-रीवा विवाद
  • पात्रता जांच
  • Forest Department
  • Promotion Orders
  • Eligibility Check
50 हजार रुपए मानदेय की सीमा बरकरार, नियमितीकरण की मांग खारिज, पास के कॉलेज में देना होगा मौका

By Neel Tiwari

50 हजार रुपए मानदेय की सीमा बरकरार, नियमितीकरण की मांग खारिज, पास के कॉलेज में देना होगा मौका
कांकेर में भाजपा को बड़ा झटका: उपेक्षा से नाराज 53 कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने थामा कांग्रेस का दामन

By Umeshwari Baghel

कांकेर में भाजपा को बड़ा झटका: उपेक्षा से नाराज 53 कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने थामा कांग्रेस का दामन
डोंगरगढ़ नवरात्र मेले के लिए रेलवे का बड़ा फैसला: श्रद्धालुओं की सुविधा को 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव

By Umeshwari Baghel

डोंगरगढ़ नवरात्र मेले के लिए रेलवे का बड़ा फैसला: श्रद्धालुओं की सुविधा को 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, सीएम मोहन यादव ने युवाओं को लेकर किए बड़े ऐलान; संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के नियमितीकरण को HC में चुनौती...

By Jitendra Shrivastava

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, सीएम मोहन यादव ने युवाओं को लेकर किए बड़े ऐलान; संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के नियमितीकरण को HC में चुनौती...
Rajasthan Top News: धनतेरस के चलते पंचायत चुनाव की तारीखों में बड़ा बदलाव, जानें पूरा शेड्यूल

By Ashish Bhardwaj

Rajasthan Top News: धनतेरस के चलते पंचायत चुनाव की तारीखों में बड़ा बदलाव, जानें पूरा शेड्यूल
CG Top News : MLA का नंबर हैक, CEC दौरा का रद्द, IAS दंपत्ति पर शिकंजा व कांकेर में नक्सली हमला समेत पढ़े दिनभर की बड़ी खबरें

By Umeshwari Baghel

CG Top News : MLA का नंबर हैक, CEC दौरा का रद्द, IAS दंपत्ति पर शिकंजा व कांकेर में नक्सली हमला समेत पढ़े दिनभर की बड़ी खबरें
जयपुर: थाने में आरोपी की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, पुलिस कमिश्नर समेत अफसरों को नोटिस

By Mukesh Sharma

जयपुर: थाने में आरोपी की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, पुलिस कमिश्नर समेत अफसरों को नोटिस