एमपी में 40 हजार करोड़ से बनेगा सड़क का नया नेटवर्क, नए एक्सप्रेस कॉरिडोर से खत्म होगा जाम, जानें पूरा रोड मैप

Kaushiki | Oct 06, 2026, 12:25 IST
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एमपी में 40 हजार करोड़ से सुधरेंगी सड़के
एमपी में 40 हजार करोड़ से सुधरेंगी सड़के

एमपी में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने का बड़ा प्लान तैयार हुआ है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 40 हजार करोड़ रुपए के नए रोड नेटवर्क को मंजूरी दी है। इसमें चार बड़े कॉरिडोर शामिल हैं। बाईपास और वन टाइम इम्प्रूवमेंट से शहरों का ट्रैफिक जाम खत्म होगा। सड़क, कॉरिडोर और एमपी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इस बड़े प्रोजेक्ट की डिटेल यहां पढ़ें।

MP Highway Project: मध्य प्रदेश के लोगों के लिए सफर अब और भी आसान होने जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य को बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए की लागत से नया सड़क नेटवर्क बनेगा।

इसके तहत कुल एक हजार 579 किमी लंबी सड़कें तैयार की जाएंगी। मंत्रालय ने 2026-27 के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई है। इस बड़े प्लान में चार मेजर कॉरिडोर का मैन्युफैक्चर सबसे अहम हिस्सा है।

केवल इन चार कॉरिडोर पर ही करीब 33 हजार 155 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 1066 किमी होगी। इन प्रोजेक्ट्स के बनने से शहरों के बीच की दूरी काफी घट जाएगी।

व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी प्रदेश में तेजी से पैदा होंगे। सफर में समय की बचत होगी और गाड़ियों का ईंधन भी बचेगा। आइए जानें आपके शहर को इस बड़े प्रोजेक्ट से क्या फायदा मिलेगा।

चार नए बड़े एक्सप्रेस कॉरिडोर का होगा निर्माण

इस योजना में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट अटल प्रगति पथ का रखा गया है। 414.97 किमी लंबे इस पथ पर 11 हजार 301 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग राजस्थान के कोटा से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के इटावा तक जाएगा।

भोपाल-इंदौर कॉरिडोर 121 किमी लंबा होगा, जिसकी लागत छह हजार 754 करोड़ रुपए है। भोपाल-सागर-कुरवाई-यूपी कॉरिडोर पर 66 सौ करोड़ रुपए की लागत आएगी।

दो सौ किमी लंबे जबलपुर-रायपुर कॉरिडोर के लिए 85 सौ करोड़ एक्सेप्ट हुए हैं। इन चारों कॉरिडोर के बनने से राज्यों के बीच आवाजाही आसान हो जाएगी लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी इससे बहुत बड़ी गति मिलेगी। आने वाले दिनों में ये रास्ते प्रदेश की इकनोमिक बैकबोन साबित होंगे।

318 किमी सड़कों को किया जाएगा चौड़ा

प्रदेश के छह प्रमुख रोड सेक्शन्स को दो लेन में चौड़ा किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 318 किमी तय की गई है। इस चौड़ीकरण कार्य पर करीब तीन हजार 532 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

  • नैनपुर-बालाघाट खंड 66 किमी लंबा है और इसकी लागत 878 करोड़ रुपए है।
  • बैतूल-पतवाड़ा के 65 किमी हिस्से पर 570 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
  • धार-गुजरी के 52 किमी रोड के लिए 460 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
  • सिंगरौली-चितरंगी और मिहोना-सेवढ़ा खंडों का काम भी इसमें शामिल है।
  • सड़कें चौड़ी होने से हादसों में कमी आएगी और सुरक्षा बढ़ेगी। ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बहुत मजबूत हो जाएगी।

बाईपास बनने से शहरों को मिलेगी जाम से राहत

  • शहरों के अंदर लगने वाले भारी जाम को खत्म करने की योजना है।
  • अंजड़-बड़वानी में 20 किमी का नया बाईपास 272 करोड़ में बनेगा।
  • ओरछा में 20 किमी लंबा बाईपास 291 करोड़ रुपए से तैयार होगा।
  • मुरैना-सबलगढ़ खंड के 72 किमी हिस्से को चार लेन बनाया जाएगा।
इस चार लेन प्रोजेक्ट पर लगभग दो हजार 350 करोड़ रुपए खर्च होंगे। शहरों के बाहर बाईपास बनने से भारी वाहन सीधे निकल जाएंगे। स्थानीय निवासियों को रोज-रोज के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल जाएगी। शहरों की आबो-हवा सुधरेगी और प्रदूषण का स्तर भी काफी नीचे आएगा।

नर्मदा उद्गम क्षेत्र को बचाने के लिए MP सरकार बसाएगी अमरकंटक सैटेलाइट सिटी, 11 हजार हेक्टेयर में होगा विकास | MP Government to establish Amarkantak Satellite City to protect Narmada origin area, development in 11 thousand hectares
नर्मदा उद्गम क्षेत्र को बचाएगी MP सरकार: अमरकंटक में बसेगा नया शहर, 11 हजार हेक्टेयर में विकसित होगी सैटेलाइट सिटी
05 Oct 2026 ,
By Amresh Kushwaha
मध्य प्रदेश सरकार नर्मदा उद्गम स्थल को प्रदूषण से बचाने के लिए अमरकंटक सैटेलाइट सिटी बसाएगी। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने निवेश क्षेत्र का दायरा सात हजार से बढ़ाकर 11 हजार 657 हेक्टेयर से ज्यादा कर दिया है। चार गांवों की जमीन पर होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं बनेंगी। अगले दो महीने में नए निवेश क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार होगा।
मध्य प्रदेश सरकार नर्मदा उद्गम स्थल को प्रदूषण से बचाने के लिए अमरकंटक सैटेलाइट सिटी बसाएगी। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने निवेश क्षेत्र का दायरा सात हजार से बढ़ाकर 11 हजार 657 हेक्टेयर से ज्यादा कर दिया है। चार गांवों की जमीन पर होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं बनेंगी। अगले दो महीने में नए निवेश क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार होगा।

ओटीआई सुधार से चमकेंगी शहरी सड़कें

ओटीआई (One-time improvement) के तहत शहरी सड़कों का कायाकल्प होगा। इसके तहत 84 किमी लंबी पुरानी सड़कों की मरम्मत की जाएगी। इस सुधार कार्य पर 624 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। खरगोन, बिस्तान, नागौद, पवई, अमानगंज और ब्यावरा की सड़कें सुधरेंगी।

उमरिया, जीरापुर, खिलचीपुर, सिरोंज और मकसूदगढ़ भी इस लिस्ट में हैं। शहडोल, डिंडोरी और मंडला के शहरी क्षेत्रों में काम पूरा होगा। टूटी सड़कों से परेशान नागरिकों को अब गड्ढामुक्त सड़कें मिलेंगी। लोकल बिजनेस को भी इन बेहतर सड़कों का सीधा लाभ पहुंचेगा।

यह खबर क्यों जरूरी है

बेहतर रोड नेटवर्क किसी भी राज्य की तरक्की की चाबी होता है। 40 हजार करोड़ के इस निवेश से हजारों नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय युवाओं को रोजगार का मौका मिलेगा।

पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। किसानों के लिए अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाना अब आसान होगा। समय पर माल पहुंचने से कृषि उत्पादों की सही कीमत मिल सकेगी। मध्य प्रदेश अब देश के सबसे बेहतरीन रोड इंफ्रा वाले राज्यों में होगा।

सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे: मध्य प्रदेश से गुजरात कनेक्टिविटी बढ़ेगी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़कर 6 राज्यों को जोड़ेगा | Somnath Dwarka Expressway: Madhya Pradesh to Gujarat Connectivity to Increase, Will Connect 6 States by Joining Delhi-Mumbai Expressway
मध्य प्रदेश से सोमनाथ-द्वारका पहुंचना होगा आसान, 6 राज्यों को जोड़ने वाला मेगा एक्सप्रेसवे बदलेगा सफर
05 Oct 2026 ,
By Manya Jain
गुजरात में 680 किलोमीटर का सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है। इससे मध्य प्रदेश गुजरात कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक यह राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी जुड़ेगा। लागत करीब 57 हजार 120 करोड़ रुपये बताई गई है। डीपीआर अक्टूबर 2026 में तैयार होगी। इसका निर्माण का लक्ष्य 36 महीने है।
गुजरात में 680 किलोमीटर का सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है। इससे मध्य प्रदेश गुजरात कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक यह राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी जुड़ेगा। लागत करीब 57 हजार 120 करोड़ रुपये बताई गई है। डीपीआर अक्टूबर 2026 में तैयार होगी। इसका निर्माण का लक्ष्य 36 महीने है।
FAQs:

  1. मध्य प्रदेश में नया सड़क नेटवर्क योजना क्या है और इसका कुल लागत क्या है?
    मध्य प्रदेश में नया सड़क नेटवर्क योजना 40 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी, जिसमें कुल 1579 किमी लंबी सड़कें तैयार की जाएंगी।
  2. इस योजना के तहत महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे कॉरिडोर कौन से हैं?
    इस योजना में चार प्रमुख एक्सप्रेसवे कॉरिडोर शामिल हैं: अटल प्रगति पथ, भोपाल-इंदौर कॉरिडोर, भोपाल-सागर-कुरवाई-यूपी कॉरिडोर, और जबलपुर-रायपुर कॉरिडोर।
  3. इस सड़क परियोजना से मध्य प्रदेश के निवासियों को क्या लाभ होगा?
    इस सड़क परियोजना से शहरों के बीच की दूरी कम होगी, यात्रा का समय बचेगा, व्यापार और रोजगार के नए अवसर आएंगे, और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
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