मध्य प्रदेश से सोमनाथ-द्वारका पहुंचना होगा आसान, 6 राज्यों को जोड़ने वाला मेगा एक्सप्रेसवे बदलेगा सफर
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 05, 2026, 12:37 IST
मध्य प्रदेश से गुजरात तक बनेगा 680 किलोमीटर का सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे
गुजरात में 680 किलोमीटर का सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है। इससे मध्य प्रदेश गुजरात कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक यह राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी जुड़ेगा। लागत करीब 57 हजार 120 करोड़ रुपये बताई गई है। डीपीआर अक्टूबर 2026 में तैयार होगी। इसका निर्माण का लक्ष्य 36 महीने है।
समझें क्या है पूरा मामला
- गुजरात में 680 किलोमीटर लंबा सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है।
- लागत करीब 57 हजार 120 करोड़ रुपए बताई गई है।
- यह Delhi Mumbai Expressway से जुड़कर 6 राज्यों तक पहुंच देगा।
- डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) अक्टूबर 2026 में तैयार होने की बात है।
- निर्माण का लक्ष्य 36 महीने रखा गया है।
सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे कहां से कहां तक?
एमपी से गुजरात सफर पर क्या असर?
रिपोर्ट के मुताबिक अभी सोमनाथ से दिल्ली पहुंचने में आम तौर पर 22 से 24 घंटे लगते हैं। नया हाईवे बनने के बाद यह सफर घटकर 14 से 16 घंटे के बीच रह सकता है। दूरी भी कम होने का दावा है। अभी सोमनाथ से दिल्ली की दूरी करीब 1420 किलोमीटर है। रिपोर्ट के अनुसार नया रूट बनने के बाद यह करीब 1200 किलोमीटर रह जाएगी।
वडोदरा-गोधरा के पास से Delhi Mumbai Expressway पकड़ा जाएगा। इसके बाद रूट हरियाणा की ओर जाएगा। फिर गुरुग्राम और सोहना होते हुए दिल्ली पहुंचा जाएगा। फिलहाल इस परियोजना में एक्सप्रेसवे का रूट तय नहीं हुआ है।
किस चरण में कितना हिस्सा बनेगा?
रिपोर्ट के मुताबिक सोमनाथ से अहमदाबाद पहुंचने के बाद आगे का सफर अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे से होगा। वडोदरा और गोधरा के पास यह रास्ता Delhi Mumbai Expressway से जुड़ जाएगा। यही कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश के लिए सबसे अहम है, क्योंकि राज्य का पश्चिमी हिस्सा इसी हाईवे पर पड़ता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Delhi Mumbai Expressway का करीब 244 किलोमीटर हिस्सा मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है। यह एक्सप्रेसवे मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिलों से होकर जाता है।
6 राज्यों को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे कैसे?
परियोजना कब शुरू और कब पूरी होगी?
गुजरात सरकार इस प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। पर्यावरण सलाहकारों की राय भी ली जा चुकी है। अब डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जो अक्टूबर 2026 में तय हो जाएगी। इसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही काम तेजी से आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
2030 का लक्ष्य क्या है?
इसलिए अभी यात्रा की योजना बनाते समय समय बचत के दावों पर भरोसा करना ठीक नहीं होगा। केंद्र की मंजूरी और डीपीआर पूरी होने के बाद ही रूट और समय की तस्वीर साफ होगी।
मध्य प्रदेश के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि गुजरात का यह एक्सप्रेसवे एमपी के हाईवे नेटवर्क से कितनी आसानी से जुड़ेगा।
यह खबर क्यों जरूरी है
सोमनाथ और द्वारका जैसे तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान हुई तो यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि यह परियोजना अभी मंजूरी और डीपीआर के चरण में है। इसलिए इससे जुड़ी सही और साफ जानकारी लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
FAQ
सोमनाथ द्वारका एक्सप्रेसवे की लंबाई 680 किलोमीटर होगी और इसकी लागत लगभग 57 हजार 120 करोड़ रुपए अनुमानित है.
यह एक्सप्रेसवे किन-किन जगहों को जोड़ता है?
यह एक्सप्रेसवे गुजरात के सौराष्ट्र इलाके को अहमदाबाद से जोड़ते हुए सुरेंद्रनगर, राजकोट, जेतपुर, जूनागढ़, पोरबंदर और द्वारका जैसे शहरों को भी जोड़ेगा.
एक्सप्रेसवे का निर्माण कब तक पूरा होने की संभावना है?
एक्सप्रेसवे का निर्माण 36 महीनों के भीतर पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे अगर कार्य 2027 में प्रारंभ होता है, तो यह 2030 तक तैयार हो सकता है.
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